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हरिद्वार नहीं, इस बार मखदूमपुर गंगा से उठाया जल और भोले के जयकारों के साथ मंदिरों में चढ़ाया
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खरकाली गंगाघाट से जल लेकर आते श्रद्धालु।
- फोटो : PARIKESHGARH
मवाना/सरधना(मेरठ)। कोरोना महामारी के चलते इस बार कांवड़ यात्रा को शासन ने पूरी तरह प्रतिबंध कर दिया था। इसके बाद भी शिवभक्त नहीं माने। हरिद्वार न सही, धूम धड़ाका न सही। मखदूमपुर से शिवभक्तों ने डाक व झूला कांवड़ दोनों के लिए जल उठाया और ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में जलाभिषेक किया। वहीं सरधना सहित मुख्य मंदिरों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को पुलिस ने लौटा दिया।
नगर सहित आसपास के क्षेत्र के मुख्य मंदिरों में पुलिस फोर्स तैनात रही। थाना प्रभारी सतीश कुमार, दरोगा तथा पुलिस फोर्स नगर व देहात के मंदिरों पर तैनात रही। सुबह के समय मंदिरों पर पूजा अर्चना करने पहुंचे शिवभक्तों को पुलिस ने वापस कर दिया। वहीं प्रतिबंधों के बावजूद भी कुछ श्रद्धालु बिना डीजे के मखदूमपुर से जल लेने पहुंचे। शिवालयों में पहुंचकर जलाभिषेक किया। वहीं गांव जमालपुर के पांच युवकों मखदूमपुर से डाक कांवड़ लेकर आए।
सुबह चार बजे ही घाट पर पहुंच गए श्रद्धालु
परीक्षितगढ़। खादर क्षेत्र के खरखाली गांधी गंगा घाट पर स्नान करने के बाद शिवभक्त जल लेकर पैदल ही शिवालयों की और बढ़ गए। शिवभक्तों ने गांव के मंदिरों में जलाभिषेक किया। मेरठ, खरखौदा, भावनपुर, खजूरी एवं आसपास के गांवों के युवा सुबह चार बजे ही बूढ़ी गंगा को पार कर खरखाली गंगा घाट पर पहुंचे। भगवान शिव के जयघोष के साथ गंगा में स्नान करने के बाद जल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ चले। वहीं पुलिस के गश्त होने के बाद भी शिव भक्त कच्चे रास्तों से अपने अपने अपने शिवालयों पर पहुंचे। लेकिन पुलिस ने नगर व देहात के मंदिरों में पुलिस तैनात कर रखी थी। वहीं मंदिरों पर पुलिस तैनात होने के कारण महिलाओं ने अपने घरों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। नगर के मेरठ रोड, मवाना बस स्टैंड, किठौर बस स्टैंड पर श्रद्धालुओं के बम बम भोले के जयकारों से आसमां गूंज उठा।
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तैनात रहा पुलिस बल
सरधना/हस्तिनापुर। नगर में श्रद्धालुओं ने घर रहकर की पूजा अर्चना की। वहीं मंदिरों में पूजा करने पहुंचे श्रद्धालुओं को पुलिस ने घर भेज दिया। महाभारतकालीन महादेव शिव मंदिर के पुजारी शंकर लाल ने बताया कि इस बार श्रद्धालु मंदिर में जलाभिषेक नहीं कर सके। वहीं हस्तिनापुर में भी श्रद्धालुओं ने घरों में ही पूजा और जलाभिषेक किया। एक दो मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक भी किया। प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर व जयंती माता मंदिर पर पूजा करने पहुंचे श्रद्धालुओं को पुलिस ने वापस भेज दिया।
जयंती माता मंदिर पर किया जलाभिषेक
हस्तिनापुर। प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के प्रांगण में भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा पर लोगों ने जल और प्रसाद चढ़ाया। श्रद्धालुओं ने परिवार में सुख समृद्धि की कामना की। मंदिर के अध्यक्ष संस्थापक सुदेश कुमार ने बताया कि मंदिर प्रांगण में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कुछ श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाया। मंदिर कमेटी और पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं को घरों में रहकर ही पूजा-अर्चना करने की अपील की गई थी।
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नगर सहित आसपास के क्षेत्र के मुख्य मंदिरों में पुलिस फोर्स तैनात रही। थाना प्रभारी सतीश कुमार, दरोगा तथा पुलिस फोर्स नगर व देहात के मंदिरों पर तैनात रही। सुबह के समय मंदिरों पर पूजा अर्चना करने पहुंचे शिवभक्तों को पुलिस ने वापस कर दिया। वहीं प्रतिबंधों के बावजूद भी कुछ श्रद्धालु बिना डीजे के मखदूमपुर से जल लेने पहुंचे। शिवालयों में पहुंचकर जलाभिषेक किया। वहीं गांव जमालपुर के पांच युवकों मखदूमपुर से डाक कांवड़ लेकर आए।
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सुबह चार बजे ही घाट पर पहुंच गए श्रद्धालु
परीक्षितगढ़। खादर क्षेत्र के खरखाली गांधी गंगा घाट पर स्नान करने के बाद शिवभक्त जल लेकर पैदल ही शिवालयों की और बढ़ गए। शिवभक्तों ने गांव के मंदिरों में जलाभिषेक किया। मेरठ, खरखौदा, भावनपुर, खजूरी एवं आसपास के गांवों के युवा सुबह चार बजे ही बूढ़ी गंगा को पार कर खरखाली गंगा घाट पर पहुंचे। भगवान शिव के जयघोष के साथ गंगा में स्नान करने के बाद जल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ चले। वहीं पुलिस के गश्त होने के बाद भी शिव भक्त कच्चे रास्तों से अपने अपने अपने शिवालयों पर पहुंचे। लेकिन पुलिस ने नगर व देहात के मंदिरों में पुलिस तैनात कर रखी थी। वहीं मंदिरों पर पुलिस तैनात होने के कारण महिलाओं ने अपने घरों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। नगर के मेरठ रोड, मवाना बस स्टैंड, किठौर बस स्टैंड पर श्रद्धालुओं के बम बम भोले के जयकारों से आसमां गूंज उठा।
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तैनात रहा पुलिस बल
सरधना/हस्तिनापुर। नगर में श्रद्धालुओं ने घर रहकर की पूजा अर्चना की। वहीं मंदिरों में पूजा करने पहुंचे श्रद्धालुओं को पुलिस ने घर भेज दिया। महाभारतकालीन महादेव शिव मंदिर के पुजारी शंकर लाल ने बताया कि इस बार श्रद्धालु मंदिर में जलाभिषेक नहीं कर सके। वहीं हस्तिनापुर में भी श्रद्धालुओं ने घरों में ही पूजा और जलाभिषेक किया। एक दो मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक भी किया। प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर व जयंती माता मंदिर पर पूजा करने पहुंचे श्रद्धालुओं को पुलिस ने वापस भेज दिया।
जयंती माता मंदिर पर किया जलाभिषेक
हस्तिनापुर। प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के प्रांगण में भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा पर लोगों ने जल और प्रसाद चढ़ाया। श्रद्धालुओं ने परिवार में सुख समृद्धि की कामना की। मंदिर के अध्यक्ष संस्थापक सुदेश कुमार ने बताया कि मंदिर प्रांगण में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कुछ श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाया। मंदिर कमेटी और पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं को घरों में रहकर ही पूजा-अर्चना करने की अपील की गई थी।

मंदिर पर जलाभिषेक करने पहुंचे श्रद्धालु को पुलिस ने वापस कर दिया। - फोटो : MAWANA

खरकाली गंगाघाट पर जल उठाने से पहले स्नान करते शिवभक्त। - फोटो : PARIKESHGARH

मखदूमपुर से डांक कांवड लाते जमालपुर के शिवभक्त। - फोटो : MAWANA