संवाद न्यूज एजेंसी हस्तिनापुर। कस्बे के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर स्थित मल्लिनाथ भगवान के समवशरण में पर्यूषण पर्व के अवसर पर चल रहे श्री तीन लोक महामंडल विधान में शनिवार को धार्मिक अनुष्ठान हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ जाप्य अनुष्ठान से हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने समस्त जगत में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। जिनेंद्र भगवान के अभिषेक के बाद मंत्रोच्चार के साथ शांतिधारा की गई। शांतिधारा करने का सौभाग्य तरुण जैन, नीलांजना जैन, रोबिन जैन और शानू जैन को प्राप्त हुआ। मुनि प्रतीक सागर महाराज ने उत्तम शौच धर्म की महत्ता बताते हुए कहा कि लोभ सभी पापों को उत्पन्न करने वाला है। लोभ का त्याग कर संतोष धारण करने से जीव को सुख की प्राप्ति होती है। जीव की पवित्रता शील, जप, तप, ज्ञान और ध्यान के प्रभाव से होती है। उन्होंने कहा कि विषयों के भोग से वासनाएं शांत नहीं होती और परिग्रह बढ़ाने से लोभ समाप्त नहीं होता। इसलिए मनुष्य को कषायों का त्याग कर आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलना चाहिए।
पंडित आशीष जैन शास्त्री और दिलीप जैन शास्त्री ने तीन लोक महामंडल विधान में भगवान मल्लिनाथ की पूजा-अर्चना कराई। संगीतमय 48 दीपकों के साथ भक्तामर पाठ हुआ। इसके बाद महाआरती, भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।