मदर्स डे पर दोगुनी हुई खुशी: मेडिकल कॉलेज और महिला जिला अस्पताल में हुए महिलाओं के प्रसव
मेरठ में मदर्स डे के मौके पर कई मांओं की खुशी दोगुनी हो गई। नए मेहमान की आमद हुई तो परिवार की भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। महिलाओं ने कहा कि बच्चे के जन्म के साथ जिम्मेदारी ही नहीं ममता भी बढ़ गई।
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मदर्स डे पर रविवार को मेडिकल कॉलेज और महिला जिला अस्पताल में 12 महिलाओं को मां बनने का सुख मिला। जिन 12 बच्चों का जन्म हुआ, उनमें सात पुत्र और पांच पुत्रियां हैं। नए मेहमान की आमद हुई तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। महिलाओं ने कहा कि बच्चे के जन्म के साथ जिम्मेदारी ही नहीं ममता भी बढ़ गई। इन्हें पढ़ा लिखाकर अच्छा इंसान बनाएंगे। मेडिकल कॉलेज की स्त्री प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. उर्मिला कार्या ने बताया कि सभी बच्चे सेहतमंद हैं और उनकी मां भी ठीक हैं। किसी को कोई परेशानी नहीं है। मदर्स डे पर इन बच्चों का होना खुशी को और भी बढ़ा देता है।
बेटे को पढ़ा लिखाकर अफसर बनाऊंगी : गुलनाज
भूमिया का पुल निवासी गुलनाज को दूसरी बार मां बनने का सुख मिला है। गुलनाज ने बताया कि पहली बेटी है और अब बेटे का जन्म हुआ है। गुलनाज का कहना है कि बच्चे के लालन-पालन में कोई कसर नहीं छोड़ूंगी। यही दुआ है कि बच्चा खुशहाल रहे इसे पढ़ा लिखाकर अफसर बनाऊंगी।
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अब बेटी-बेटे में फर्क कहां : नौशाबा
लखीपुरा की रहने वाली नौशाबा भी दूसरी बार मां बनी हैं। उनके बेटी का जन्म हुआ है। पहले उनके बेटा है। नौशाबा कहती हैं कि अब बेटे और बेटी में फर्क नहीं रह गया है। लोग जागरूक हो गए हैं। बेटी को भी बेटे की तरह ही परवरिश करते हैं। वह भी बेटी की अच्छे से परवरिश करेंगी।
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पहली बार बनी मां, शब्दों में बयां नहीं कर सकती खुशी
शेखपुरा की रहने वाली पायल पहली बार मां बनी हैं। उन्होंने बेटी को जन्म दिया है। पायल ने कहा कि मां बनने के सुख के बारे में क्या कहूं। इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। जिम्मेदारी और ममता का अहसास हो रहा है।