जीएसटी का छापा: रामचंद्र सहाय स्वीट्स एंड बेकर्स पर कार्रवाई, अवैध तरीके से हो रहा था रेस्टोरेंट का संचालन
Meerut News : जीएसटी की टीम ने मंगलवार को रामचंद्र सहाय स्वीट्स एंड बेकर्स पर छापामारी की। जांच में पता चला कि अवैध तरीके से रेस्टोरेंट का संचालन किया जा रहा था।
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टैक्स चोरी और अवैध तरीके से रेस्टोरेंट संचालन की शिकायत पर मंगलवार को जीएसटी की टीम ने मेरठ में रामचंद्र सहाय स्वीट्स एंड बेकर्स की 141 मीरा इंक्लेव, गढ़ रोड स्थित दुकान पर छापा मारा। टीम ने मौके से रेस्टोरेंट से संबंधित सामान बरामद किया। छापामारी के लिए टीम के निकलने से पहले ही इसकी खबर रेस्टोरेंट संचालक तक पहुंच गई तो संचालक ने दुकान से रेस्टोरेंट के निशान मिटाने की भरपूर कोशिश भी की लेकिन जीएसटी के अधिकारी सबूत जुटाने में कामयाब रहे।
जीएसटी के अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि रामचंद्र सहाय स्वीट्स एंड बेकर्स मिठाई की दुकान के साथ-साथ रेस्टोरेंट भी संचालित कर रहा है। शिकायत की पड़ताल करने के लिए जीएसटी के कुछ अधिकारी खुद रैकी करने पहुंचे, खाना खाया और बिल भी अदा किया। शिकायत प्रमाणित होने के बाद जीएसटी के अधिकारियों ने छापामारी की योजना बनाई और मंगलवार दोपहर संयुक्त आयुक्त एसआईबी आरके त्रिपाठी व मनीषा शुक्ला ने पूरे दल बल के साथ छापा मारा। लेकिन इसकी सूचना रेस्टोरेंट संचालकों को पहले लग गई। आनन-फानन में दुकान से रेस्टोरेंट की मेज कुर्सी व सारे सामान हटा दिए गए।
संचालक वरुण गुप्ता ने बताया कि यहां 2016 से कोई रेस्टोरेंट नहीं चल रहा है। जीएसटी के अफसरों ने जब गहनता से पड़ताल की तो उल्टी रखी एक फ्रिज में रेस्टोरेंट से संबंधित सभी सामान रखे मिले। इसमें पनीर ग्रेवी, गूंधा हुआ आटा, कटी सब्जियां, गरी चटनी, पके हुए नूडल्स, डोसा पेस्ट, नारियल की चटनी, अचार और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाली 250 थालियां मिलीं। जीएसटी की टीम ने इन सामानों को जब्त कर लिया। इस बाबत संचालक ने बताया कि एक अप्रैल से रेस्टोरेंट संचालन की योजना थी, जिसके लिए यह सामान रखे गए थे।
संचालक उठा रहा था समाधान योजना का लाभ, मिठाई की दुकान का टैक्स, चल रहा था रेस्टोरेंट
आरके त्रिपाठी ने बताया कि यह फर्म वित्तीय वर्ष 2018-19 से समाधान योजना का लाभ उठा रही थी। इस योजना के तहत दुकान से मिठाइयों की बिक्री पर एक प्रतिशत टैक्स अदा किया जा रहा था। जबकि रेस्टोरेंट के संचालन पर पांच प्रतिशत का टैक्स लगता है। इसके अलावा समाधान योजना का लाभ लेने वाली फर्म आनलाइन बिक्री नहीं कर सकती है।
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रामचंद्र सहाय के प्रोपराइटर वरुण गुप्ता ने अपने बयान में बताया है कि यहां से आनलाइन बिक्री भी की जा रही थी। त्रिपाठी ने बताया कि इस फर्म का सालाना कारोबार 60 से 80 लाख रुपये का है। संयुक्त आयुक्त ने बताया कि रेस्टोरेंट संचालक को एक सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि छापे की सूचना लीक कैसे हुई।
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