शिव की बारात में नाचे भूत प्रेत: छावनी रामलीला में शिव विवाह के साथ रामलीला का हुआ शुभारंभ
शहर रामलीला कमेटी के द्वारा जिमखाना मैदान में आयोजित रामलीला मंचन में अहिल्या उद्धार का प्रसंग दिखाया गया। श्रीजी कला मंच के कलाकारों ने दिखाया कि विश्वामित्र के साथ जाते हुए राम, लक्ष्मण मार्ग में शिला देखते हैं।
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शिवजी की आज्ञा सुनकर सभी गण दौड़े चले आए। कोई बिना मुख का है। किसी के बहुत से मुख हैं। कोई बिना हाथ पैर का है तो किसी के कई हाथ पैर हैं। शिव बारात में भूत प्रेत नाचते गाते है वे सब बड़े मौजी है। इस दृष्य के साथ भैसाली मैदान में छावनी रामलीला कमेटी द्वारा रामलीला का शुभारंभ हुआ।
जस दूलहु तसि बनी बरात। कौतुक बिबिध होहिं मग जाता।।
इहां हिमाचल रचेउ बिताना। अति बिचित्र नहिं जाई बखाना।।
जैसा दुल्हा है, अब वैसी ही बारात बन गई है। मार्ग में चलते हुए भांति-भांति के तमाशे होते जाते हैं। इधर हिमाचल ने ऐसा विचित्र मंडप बनाया कि जिसका वर्धन नहीं हो सकता। गणेश वंदना के बाद कलाकारों ने नारद मोह भंग, रावण वेदवती संवाद का मंचन किया। शिव विवाह में दिखाया कि जगत में जितने छोटे बड़े पर्वत थे। जिनका वर्णन करके पार नहीं मिलता है। जितने वन, समुद्र, नदियां और तालाब थे। हिमाचल ने सबको न्योता भेजा।
उद्घाटन अजय बंसल और पूजनकर्ता नीरज चावला व अनिल पाहवा रहे। दीप प्रज्ज्वलन जितेंद्र मणि शर्मा, प्रशांत जैन, संजय कुमार ने किया। इस दौरान पवन गर्ग, विजय गोयल बिज्जी, गणेश अग्रवाल, कमल नयन बिंदल, देवेंद्र गोयल, नीरज राठौर, अजय जैन, नितिन बालाजी, सुमित गोयल आदि मौजूद रहे।
श्रीराम ने किया अहिल्या का उद्धार
शहर रामलीला कमेटी के द्वारा जिमखाना मैदान में आयोजित रामलीला मंचन में अहिल्या उद्धार का प्रसंग दिखाया गया। श्रीजी कला मंच के कलाकारों ने दिखाया कि विश्वामित्र के साथ जाते हुए राम, लक्ष्मण मार्ग में शिला देखते हैं।
रामजी ने शिला पर पैर रखा तो अहिल्या जीवित हो गई। इस दौरान श्रीराम जन्म, बाल लीला, सीता जन्म, ऋषि विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध और गंगा लीला का भी मंचन किया गया। मुख्य उद्घाटनकर्ता डॉ. ब्रजभूषण रहे। पूजनकर्ता विवेक शेखर रहे।
श्रीराम ने किया ताड़का का वध
जेलचुंगी और सूरजकुंड पर भी रामलीला मंचन किया गया। सूरजकुंड बाबा मनोहरनाथ मंदिर में श्री गणेश रामलीला मंडली द्वारा श्री रामलीला में विश्वामित्र जी द्वारा राजा दशरथ के दरबार में आना और राम लक्ष्मण को मांग कर अपने साथ लेके जाना आदि दृष्य दिखाए गए। आरती महामंडलेश्वर निलिमानंद जी महाराज ने की। मुख्य अतिथि केजी अग्रवाल रहे। इस दौरान मुकुल शर्मा, मनीष सैनी, विनय, हरीश मार्बल ने पूजन किया।