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गालंद के बाद अब महमूदाबाद में डंपिंग ग्रांउड का विरोध, ग्रामीणों ने अफसरों को घेरा
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गालंद के बाद अब महमूदाबाद में डंपिंग ग्राउंड का विरोध, ग्रामीणों ने अफसरों को घेरा
गाजियाबाद/मुरादनगर। राजनगर एक्सटेंशन और गालंद के बाद अब मुरादनगर ब्लॉक के गांव महमूदाबाद में नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड को लेकर हंगामा हुआ। लीज पर ली गई जमीन पर कचरा डालने के लिए गड्ढे कराने पहुंचे नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार और निगम कर्मचारियों का ग्रामीणों ने घेराव कर लिया। एसडीएम सदर और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्कामुक्की की। करीब तीन घंटे हंगामा चला। इसके बाद निगम की टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
निगम अधिकारियों ने शहर के कचरे का निस्तारण करने के लिए महमूदाबाद व मकरेड़ा की जमीन लीज पर ली है। मंगलवार को नगर निगम के अधिकारी जेसीबी लेकर यहां कचरा डालने की जगह बनाने के लिए पहुंचे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी जेसीबी लेकर महमूदाबाद गांव पहुंचे। कूड़ा डालने के लिए खेत में खुदाई शुरू की तो गांव के लोगों को जानकारी मिल गई। विकास संघर्ष समिति के सचिव सलेक भइया के नेतृत्व में ग्रामीण एकत्र होकर मौके पर पहुंचे और खोदाई कर रहे लोगों को भगा दिया। समिति के सचिव ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों ने आसपास के कुछ गांवों के किसानों से कूड़ा डालने के लिए जमीन का एग्रीमेंट किया था। निगम को कूड़ा डालना है तो अपने शहर में डाले, गांवों को बीमारियों का घर न बनाएं। हंगामे की सूचना पर एसडीएम सदर विनय कुमार सिंह, मुरादनगर थाना प्रभारी सतीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हंगामा कर रहे कुछ युवकों को हिरासत में लेने का प्रयास किया तो पुलिस और किसानों के बीच धक्कामुक्की हुई। करीब तीन तीन घंटे तक चले हंगामे के दौरान एसडीएम विनय कुमार सिंह ने ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जिस किसान की जमीन पर एग्रीमेंट हुआ है, नगर निगम उस पर काम कर सकता है। यह स्थान आबादी से बहुत दूर है। यहां कूड़े का प्रोसेसिंग प्लांट लगाने में कोई दिक्कत नहीं है।
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आज पंचायत करेंगे ग्रामीण
सलेक भइया ने बताया कि बुधवार को मकरेड़ा गांव में पंचायत की जाएगी। पंचायत में अगली रणनीति पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने सोमवार रात को खेतों में गहरे गड्ढे खोद दिए हैं। जबकि मकरेडा निवासी सरनी के खेत में बिना सहमति खुदाई कर दी गई।
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सिटी फॉरेस्ट के सामने कचरे के ढेर, मॉर्निंग वॉक करना हुआ मुश्किल
- राजनगर एक्सटेंशन में निगम ने बना दिया अवैध डंपिंग ग्राउंड
गाजियाबाद। नगर निगम ने अब गुपचुप राजनगर एक्सटेंशन में सिटी फॉरेस्ट के सामने खाली जमीन पर कचरा डालना शुरू कर दिया है। निगम अब तक यहां करीब 50 ट्रक से ज्यादा कचरा डाल चुका है। सिटी फॉरेस्ट के सामने कचरे के ढेर लग जाने की वजह से उठ रही दुर्गंध के कारण लोगों का यहां मॉर्निंग वॉक करना मुश्किल हो गया है। दो सड़कों के बीच खाली जगह पर लगे कचरे के ढेर यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बनने लगे हैं। राजनगर एक्सटेंशन के लोगों का कहना है कि नगर निगम ने यहां आबादी के बीच कचरा डालना बंद न किया तो निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
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गाजियाबाद/मुरादनगर। राजनगर एक्सटेंशन और गालंद के बाद अब मुरादनगर ब्लॉक के गांव महमूदाबाद में नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड को लेकर हंगामा हुआ। लीज पर ली गई जमीन पर कचरा डालने के लिए गड्ढे कराने पहुंचे नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार और निगम कर्मचारियों का ग्रामीणों ने घेराव कर लिया। एसडीएम सदर और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्कामुक्की की। करीब तीन घंटे हंगामा चला। इसके बाद निगम की टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
निगम अधिकारियों ने शहर के कचरे का निस्तारण करने के लिए महमूदाबाद व मकरेड़ा की जमीन लीज पर ली है। मंगलवार को नगर निगम के अधिकारी जेसीबी लेकर यहां कचरा डालने की जगह बनाने के लिए पहुंचे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी जेसीबी लेकर महमूदाबाद गांव पहुंचे। कूड़ा डालने के लिए खेत में खुदाई शुरू की तो गांव के लोगों को जानकारी मिल गई। विकास संघर्ष समिति के सचिव सलेक भइया के नेतृत्व में ग्रामीण एकत्र होकर मौके पर पहुंचे और खोदाई कर रहे लोगों को भगा दिया। समिति के सचिव ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों ने आसपास के कुछ गांवों के किसानों से कूड़ा डालने के लिए जमीन का एग्रीमेंट किया था। निगम को कूड़ा डालना है तो अपने शहर में डाले, गांवों को बीमारियों का घर न बनाएं। हंगामे की सूचना पर एसडीएम सदर विनय कुमार सिंह, मुरादनगर थाना प्रभारी सतीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हंगामा कर रहे कुछ युवकों को हिरासत में लेने का प्रयास किया तो पुलिस और किसानों के बीच धक्कामुक्की हुई। करीब तीन तीन घंटे तक चले हंगामे के दौरान एसडीएम विनय कुमार सिंह ने ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जिस किसान की जमीन पर एग्रीमेंट हुआ है, नगर निगम उस पर काम कर सकता है। यह स्थान आबादी से बहुत दूर है। यहां कूड़े का प्रोसेसिंग प्लांट लगाने में कोई दिक्कत नहीं है।
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आज पंचायत करेंगे ग्रामीण
सलेक भइया ने बताया कि बुधवार को मकरेड़ा गांव में पंचायत की जाएगी। पंचायत में अगली रणनीति पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने सोमवार रात को खेतों में गहरे गड्ढे खोद दिए हैं। जबकि मकरेडा निवासी सरनी के खेत में बिना सहमति खुदाई कर दी गई।
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सिटी फॉरेस्ट के सामने कचरे के ढेर, मॉर्निंग वॉक करना हुआ मुश्किल
- राजनगर एक्सटेंशन में निगम ने बना दिया अवैध डंपिंग ग्राउंड
गाजियाबाद। नगर निगम ने अब गुपचुप राजनगर एक्सटेंशन में सिटी फॉरेस्ट के सामने खाली जमीन पर कचरा डालना शुरू कर दिया है। निगम अब तक यहां करीब 50 ट्रक से ज्यादा कचरा डाल चुका है। सिटी फॉरेस्ट के सामने कचरे के ढेर लग जाने की वजह से उठ रही दुर्गंध के कारण लोगों का यहां मॉर्निंग वॉक करना मुश्किल हो गया है। दो सड़कों के बीच खाली जगह पर लगे कचरे के ढेर यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बनने लगे हैं। राजनगर एक्सटेंशन के लोगों का कहना है कि नगर निगम ने यहां आबादी के बीच कचरा डालना बंद न किया तो निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।