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Meerut News: गणेश चतुर्थी पर अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए पृथ्वी पर आते हैं गणपति बप्पा
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के रामलीला मैदान में भारतीय पांडव सेना के तत्वावधान में चल रहे गणेश चतुर्थी महोत्सव के आठवें दिन सोमवार को श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना और आरती के दौरान पंडाल गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की पूजा की और उन्हें फलों का भोग अर्पित किया।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गणेश भगवान का पूजन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। सतीश चंद्र मौर्य और रोहिणी उपाध्याय ने धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कराई। शाम को महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महोत्सव के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। भजन मंडलियों ने भगवान गणेश की भक्ति से जुड़े भजन प्रस्तुत किए। साथ ही आकर्षक झांकियों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालु भजनों पर झूमते और भगवान गणेश के जयकारे लगाते नजर आए।
कार्यक्रम संयोजक रणधीर उपाध्याय ने कहा कि भगवान गणेश को नई शुरुआत के देवता, विघ्नहर्ता और विद्या के संरक्षक के रूप में पूजा जाता है। गणेश महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सामुदायिक एकता का भी पर्व है। यह लोगों को एकजुट कर आपसी सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता है। मान्यता है कि गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए पृथ्वी पर आते हैं। इसी भावना के साथ श्रद्धालु उन्हें परिवार के प्रिय अतिथि के रूप में पूजते और उनकी सेवा करते हैं।
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हस्तिनापुर। कस्बे के रामलीला मैदान में भारतीय पांडव सेना के तत्वावधान में चल रहे गणेश चतुर्थी महोत्सव के आठवें दिन सोमवार को श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना और आरती के दौरान पंडाल गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की पूजा की और उन्हें फलों का भोग अर्पित किया।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गणेश भगवान का पूजन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। सतीश चंद्र मौर्य और रोहिणी उपाध्याय ने धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कराई। शाम को महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महोत्सव के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। भजन मंडलियों ने भगवान गणेश की भक्ति से जुड़े भजन प्रस्तुत किए। साथ ही आकर्षक झांकियों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालु भजनों पर झूमते और भगवान गणेश के जयकारे लगाते नजर आए।
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कार्यक्रम संयोजक रणधीर उपाध्याय ने कहा कि भगवान गणेश को नई शुरुआत के देवता, विघ्नहर्ता और विद्या के संरक्षक के रूप में पूजा जाता है। गणेश महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सामुदायिक एकता का भी पर्व है। यह लोगों को एकजुट कर आपसी सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता है। मान्यता है कि गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए पृथ्वी पर आते हैं। इसी भावना के साथ श्रद्धालु उन्हें परिवार के प्रिय अतिथि के रूप में पूजते और उनकी सेवा करते हैं।
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