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'लकी ड्रॉ' के नाम पर लोगों से लाखों ठग लेता था गिरोह, ऐसे बनाता था उल्लू

Thu, 12 Jul 2018 03:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 12 Jul 2018 03:40 PM IST
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gang cheated lacs from people In the name of 'Lucky Draw', here is how ?
'लकी ड्रॉ' के नाम पर लोगों से लाखों ठग लेता था गिरोह - फोटो : file photo
यह गैंग आपके शहर में भी सक्रिय हो सकता है। यह भी हो सकता है कि आप भी इस गिरोह की चालबाजी को शिकार हुए हों। मासूम लोगों को लकी ड्रॉ का लालच देकर अनलकी महसूस कराने वाले एक ऐसे ही गिरोह को पर्दाफाश किया गया है। 
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उत्तर प्रदेश की मेरठ पुलिस ने लकी ड्रॉ के नाम पर लोगों को ठगने वाले कंकरखेड़ा के एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस गैंग के बदमाश स्टॉल लगाकर लकी ड्रॉ के जरिए बड़े इनाम निकलने का दावा कर भोली जनता को एक हजार का कूपन थमा देते थे। जिसके बाद महंगे इनाम तो भीड़ में पहले से ही मौजूद गैंग के सदस्यों को बांट दिया जाता और हजारों खर्च कर कूपन लेने जनता कंघा, ब्रश और साबुन जैसी चीजें निकलने पर ठगी रह जाती थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये का सामान बरामद किया है।
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दौराला के सीओ पंकज सिंह तथा इंस्पेक्टर दीपक शर्मा बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि खिर्वा रोड स्थित एक विवाह मंडप के पास से तीन आरोपियों सलीम, फरीद व आमिर को गिरफ्तार किया गया है। इनके संबंध में सूचना थी कि ये लोग फर्जी लकी ड्रॉ स्टॉल लगाकर लोगों से धोखाधड़ी करते और लाखों हड़पकर ले जाते हैं। इस गैंग के अन्य सदस्य इस्लामुद्दीन मंगते, रशीद व सतेंद्र मौके से फरार हो गए। 
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ऐसे करते थे धोखाधड़ी

सीओ पंकज सिंह के अनुसार इस गैंग के आधा दर्जन से अधिक सदस्य ज्यादातर ग्रामीण इलाके में लकी ड्रॉ स्टॉल लगाते थे। इनमें गैंग के तीन लोग लकी ड्रॉ में आकर्षक उपहार निकलने का लालच देकर भीड़ एकत्र करते थे। लोगों को एक-एक हजार के कूपन बेचे जाते थे। हर कूपन में इनाम की गारंटी दी जाती थी। गैंग के अन्य सदस्य भीड़ एकत्र होते ही भीड़ का हिस्सा बनकर कूपन खरीदते थे। जैसे ही वह अपना कूपन खोलते थे, तो उसमें आकर्षक उपहार जैसे बाइक, फ्रिज, वाशिंग मशीन, कूलर आदि निकल जाते थे। 

इन बड़े इनामों को लेकर गैंग के सदस्य वहां से निकल जाते थे। उनके आकर्षक उपहार निकलते देखकर लोग बेवकूफ बनकर तेजी से कूपन खरीदते थे। लेकिन उनका बड़ा उपहार के बजाय ब्रश, साबुन, लोकल कंपनी की प्रेस आदि सामान ही निकलता। लोग खुद को अनलकी मानकर अफसोस करते थे और इस तरह से लोगों को बेवकूफ बनाकर ये बदमाश वहां से सामान समेटकर फरार हो जाते थे।

मुंबई से सीखा गोरखधंधा

सीओ के मुताबिक इस्लामुद्दीन इस गैंग का सरगना है। जो मुंबई से इस गोरखधंधे को सीखकर आया और उसने गैंग बनाकर अपने साथियों को भी इसका प्रशिक्षण दिया। किसी की पहचान न हो इसलिए गैंग एक जगह केवल एक ही बार स्टॉल लगाता था। पुलिस को इस गिरोह के पास से एक फ्रिज, एक वॉशिंग मशीन, दो कूलर, एक सिलाई मशीन, एक टीवीएस बाइक, 750 कूपन तथा लकी ड्रॉ बुक आदि बरामद हुई हैं।
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