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Meerut News: जेब से रुपये निकालने के शक में दोस्तों ने की थी ठेकदार की हत्या
Mon, 22 Jan 2024 01:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 22 Jan 2024 01:15 AM IST
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सहारनपुर/देवबंद। देवबंद निवासी ठेकेदार अफजाल उर्फ मोनू की हत्या उसी के तीन दोस्तों ने गला दबाकर की थी। एक आरोपी की जेब से दस हजार रुपये गिरने पर हुए विवाद के बाद अफजाल को मौत के घाट उतारा गया। आरोपी को शक था कि अफजाल ने उसके रुपये निकाले हैं। आरोपियों ने शव को नूरपुर मार्ग पर गड्ढा खोदकर दबा दिया था। पुलिस ने शनिवार की रात शव बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि देवबंद के मोहल्ला सराय पीरजादगान निवासी अफजाल एक मिल में ठेेकेदारी करता था। 11 जनवरी को अफजाल के दोस्त मोहल्ला दुद्धा निवासी उस्मान, नरेंद्र सैनी और महताब निवासी मोहल्ला सराय पीरजादगान घर से बुलाकर ले गए थे, जिसके बाद अफजाल घर नहीं लौटा। 11 जनवरी को अफजाल को उसके दोस्तों के साथ हाईवे पर स्थित शराब के ठेके पर देखा गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली।
शक के आधार पर उस्मान, महताब और नरेंद्र को खानकाह पुलिस चौकी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शराब पीने के दौरान उस्मान की जेब से 10 हजार रुपये कहीं गिर गए थे। उसे अफजाल पर रुपये निकालने का शक था। इसी को लेकर उनके बीच कहासुनी हो गई थी। अगले दिन उस्मान ने नरेंद्र और महताब के साथ मिलकर अफजाल की हत्या की साजिश रची। आरोपी अफजाल को घर से बुलाकर ले गए थे, जिन्होंने पहले अफजाल को शराब पिलाई और फिर नूरपुर मार्ग पर ले जाकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। अफजाल की स्कूटी और मोबाइल को आरोपियों ने साखन नहर में फेंक दिया था। शनिवार की रात आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद किया।
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- पहले ही खोद दिया था गड्ढा
आरोपियों रुपये निकालने के शक के आधार पर अफजाल की हत्या की। इसके लिए आरोपियों ने पहले ही प्लानिंग थी। पूछताछ में उस्मान ने बताया कि उसने महताब को बिरादरी का हवाला देकर अफजाल की हत्या करने में उसका देने के लिए कहा था। तीसरे साथी नरेंद्र सैनी को शामिल किया। महताब और नरेंद्र ने फावड़े से पहले ही गड्ढा खोद दिया था। हत्या के बाद अफजाल के शव को उसी गड्ढे में दबा दिया था।
- ऐसे की वारदात
उस्मान ने अफजाल को धक्का देकर नीचे गिरा दिया था और उनके बीच धक्का-मुक्की हुई। अफजाल के विरोध करने पर उस्मान उसके पेट पर बैठ गया, जिसके बाद नरेंद्र ने उसके पैर और महताब ने उसके हाथ पकड़े। फिर उस्मान ने गला दबाकर हत्या कर दी थी।
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एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि देवबंद के मोहल्ला सराय पीरजादगान निवासी अफजाल एक मिल में ठेेकेदारी करता था। 11 जनवरी को अफजाल के दोस्त मोहल्ला दुद्धा निवासी उस्मान, नरेंद्र सैनी और महताब निवासी मोहल्ला सराय पीरजादगान घर से बुलाकर ले गए थे, जिसके बाद अफजाल घर नहीं लौटा। 11 जनवरी को अफजाल को उसके दोस्तों के साथ हाईवे पर स्थित शराब के ठेके पर देखा गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली।
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शक के आधार पर उस्मान, महताब और नरेंद्र को खानकाह पुलिस चौकी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शराब पीने के दौरान उस्मान की जेब से 10 हजार रुपये कहीं गिर गए थे। उसे अफजाल पर रुपये निकालने का शक था। इसी को लेकर उनके बीच कहासुनी हो गई थी। अगले दिन उस्मान ने नरेंद्र और महताब के साथ मिलकर अफजाल की हत्या की साजिश रची। आरोपी अफजाल को घर से बुलाकर ले गए थे, जिन्होंने पहले अफजाल को शराब पिलाई और फिर नूरपुर मार्ग पर ले जाकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। अफजाल की स्कूटी और मोबाइल को आरोपियों ने साखन नहर में फेंक दिया था। शनिवार की रात आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद किया।
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- पहले ही खोद दिया था गड्ढा
आरोपियों रुपये निकालने के शक के आधार पर अफजाल की हत्या की। इसके लिए आरोपियों ने पहले ही प्लानिंग थी। पूछताछ में उस्मान ने बताया कि उसने महताब को बिरादरी का हवाला देकर अफजाल की हत्या करने में उसका देने के लिए कहा था। तीसरे साथी नरेंद्र सैनी को शामिल किया। महताब और नरेंद्र ने फावड़े से पहले ही गड्ढा खोद दिया था। हत्या के बाद अफजाल के शव को उसी गड्ढे में दबा दिया था।
- ऐसे की वारदात
उस्मान ने अफजाल को धक्का देकर नीचे गिरा दिया था और उनके बीच धक्का-मुक्की हुई। अफजाल के विरोध करने पर उस्मान उसके पेट पर बैठ गया, जिसके बाद नरेंद्र ने उसके पैर और महताब ने उसके हाथ पकड़े। फिर उस्मान ने गला दबाकर हत्या कर दी थी।

राम प्रतिष्ठा के लिए सजा नेरचौक बाजार संवाद