धोखे से धर्मांतरण: विरोध में उतरा संत समाज, लिया ये बड़ा फैसला, झुग्गी झोपड़ियों व सामाजिक आयोजनों पर नजर
मेरठ में धोखे से 400 लोगों के धर्मांतरण का मामला संज्ञान में आया तो हड़कंप मच गया। मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंची तो संत समाज भी विरोध में उतर आया है। संत समाज ने लोगों को सनातन संस्कृति के प्रति जागरुक करने का बीड़ा उठाया है।
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मेरठ के मंगतपुर में धर्म परिवर्तन के विरोध में संत समाज ने रविवार को बैठक बस्तियों में जाकर लोगों को सनातन संस्कृति के प्रति जागरूक करने का फैसला लिया। इसके लिए सामाजिक कार्यक्रमों और मंदिरों में होने वाले आयोजनों में भी संत समाज लोगों को भगवान श्रीराम और कृष्ण के चरित्र के साथ सनातन धर्म की विशेषताएं भी बताएगा।
अखिल भारतीय पंच निर्मोही अखाड़ा के महामंडलेश्वर महेंद्र दास जी महाराज ने बताया कि सनातन धर्म के प्रति जागरूकता के अभाव में धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। शिक्षा के अभाव वाले क्षेत्रों में कभी पढ़ाई तो कभी खाद्य पदार्थ देने के बहाने ये लोग मानसिकता बदलने के लिए जाते हैं।
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हिंदू साधु संत मंगतपुरम ही नहीं अन्य बस्तियों में जाकर लोगों में धर्म के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास करेंगे। असामाजिक तत्वों को सख्त सजा देकर जिला प्रशासन और पुलिस को एक मिसाल कायम करनी चाहिए। पुलिस ने पूरी तरह सक्रिय होकर मजबूत कदम उठाए हैं। संत समाज की जहां आवश्यकता होगी मदद की जाएगी।
हिंदू धर्म समाज का कल्याण करने वाला
गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि धर्म सबका कल्याण करने वाला है। सनातन धर्म सर्वोत्तम है। हम सर्वे भवन्तु सुखिन: पद्धति पर कार्य करते हैं। हमारी संस्कृति पर प्रहार को रोकने के लिए प्रत्येक श्रीराम कथा और भागवत कथा में धर्मांतरण की निंदा की जाएगी। - अखिलदास जी महाराज, कालरात्रि पीठाधीश्वर।
मंदिरों पर भी कब्जे का प्रयास
आसुरी शक्तियां धर्मांतरण और मंदिरों पर कब्जे जैसे घृणित कार्य कर रही हैं। पापाचार बढ़ता जा रहा है। लालच से ग्रस्त लोग झूठे बहकावे में आकर धर्म परिवर्तन की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। अशिक्षा इसकी बड़ी वजह है। - निलिमानंद जी महाराज, महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर।