पश्चिमी यूपी में बुखार का कहर जारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत चार की मौत, गांव में छाया मातम
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चिकित्सा विभाग के व्यवस्था में सुधार के दावों के बावजूद बुखार से मौतों का सिलसिला रुक नहीं रहा है। शुक्रवार को सहारनपुर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत चार और लोगों ने बुखार के चलते दम तोड़ दिया। जिले भर के सैकड़ों लोग अभी भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। अकेले चकदेवली के करीब 90 लोग बुखार से ग्रसित हैं।
जनपद में इस बार अभी तक 50 से अधिक लोगों की मौत बुखार से हो चुकी है।
चकदेवली में नाथीराम की पत्नी शर्मिष्ठा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। उन्हें कई दिन से बुखार था। परिजनों ने खूब इलाज कराया, मगर हालत में सुधार नहीं हुआ। अंतत: शर्मिष्ठा ने गुरुवार की रात दम तोड़ दिया। चकदेवली में बुखार से यह छठी मौत है। गांव में अब भी 90 से अधिक लोग बुखार से ग्रसित हैं। सरसावा के गांव अगवानहेड़ा में 65 वर्षीय मूना पत्नी इलियास का इलाज के दौरान मौत हो गई। मूना के बेटे याकूब ने बताया कि उनकी मां को कई दिन से बुखार था। पहले सरसावा में इलाज कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर यमुनानगर ले गए थे, जहां मूना ने दम तोड़ दिया। अगवानहेड़ा में बुखार से यह तीसरी मौत है।
चिलकाना के गांव पटनी में बुखार के चलते 15 वर्षीय छात्र अरसान की मौत हो गई। पिता अखलाक ने बताया कि करीब पांच दिन पहले अरसान को स्कूल में बुखार आया था। उन्होंने प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज कराया तो हालत में सुधार था। मगर दो दिन पहले फिर से बुखार आया। डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर किया, जहां इलाज के दौरान अरसान की मौत हो गई।
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उधर, नकुड़ के गांव अध्याना में 24 वर्षीय देवेंद्र की सहारनपुर शहर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। पिता मदन सिंह ने बताया कि बताया कि देवेंद्र चंडीगढ़ में प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था। घर आया हुआ था तीन दिन पहले बुखार आया, जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई। नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां देवेंद्र की मौत हो गई। मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
अध्याना में 24 घंटे में चार मौतों से छाया मातम
नकुड़ के गांव अध्याना में बुखार से देवेंद्र की मौत के साथ ही दो अन्य लोगों की भी मौत हुई। देवेंद्र के अलावा गांव के ही 45 वर्षीय अनिल पुत्र जनक वाल्मीकि की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि अनिल टीबी का मरीज था। दो माह से बुखार चल रहा था, जिससे वह उबर नहीं पाया और मौत हो गई। इनके अलावा 75 वर्षीय रामकुमार शर्मा की मौत हुई। मौत की वजह कैंसर बताया गया है। रामकुमार के पुत्र विकास ने बताया कि करीब चार माह पहले उनकी माता उर्मिला देवी की मौत भी कैंसर ही की वजह से हुई थी। इससे पहले बृहस्पतिवार को कैंसर से पीड़ित भक्ति देवी पत्नी मंगलसिंह त्यागी की मौत हो गई थी। 24 घंटे में चार मौतों से गांव में मातम छाया हुआ है।
गांव अध्याना में बुखार से मौत की सूचना थी, मगर जांच में पता चला है कि मरने वाले युवक का एक सप्ताह पहले एक्सीडेंट हुआ था, जिसकी वजह से उसकी हालत गंभीर चल रही थी। चकदेवली, पटनी और अगवानहेड़ा में मौतों की जानकारी नहीं है। पता लगवाया जा रहा है। यदि उक्त गांवों में बुखार का प्रकोप है तो उसकी रोकथाम के उपाय किए जाएंगे। - डॉक्टर शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी
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