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किसानों पर हमले की चार दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं, कमिश्नरी कार्यालय पर किया प्रदर्शन
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किसानों पर हमले की चार दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं, कमिश्नरी कार्यालय पर किया प्रदर्शन
सरधना। सरधना गंगनहर पुल के निकट चार दिन पूर्व जिंजोखर के किसानों के साथ हुई मारपीट के मामले में शुक्रवार को भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। इस मामले में किसान सुबह थाने पहुंचे। थाना पुलिस व सीओ से आश्वासन नहीं मिलने पर वह मेरठ में रालोद नेता संजय चौधरी के नेतृत्व में कमिश्नरी कार्यालय पहुंचे। वहां पर प्रदर्शन किया और रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
जिंजोखर निवासी आठ-दस किसान 18 मई को पूठ के गन्ना क्रय केंद्र पर तौल बंद होने के कारण तौल लिपिक के कहने पर ट्रैक्टर ट्रॉली से दौराला चीनी मिल में गन्ना डालने जा रहे थे। आरोप है कि उन्हें चीनी मिल के कुछ अधिकारियों ने चीनी मिल बंद होने की बात कही और गन्ना कोल्हू-क्रशर में तुलवाने को कहा। पता किया तो चीनी मिल चल रहा था। वह सरधना गंगनहर पुल चीनी मिल के कुछ अधिकारी मिले अरौर उनके साथ 15-20 अज्ञात लोगों की भीड़ थी, जिन्होंने उन पर हमला कर दिया। हमले में विनित, मोहित और मोनू घायल हुए। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
शुक्रवार को पीड़ित किसान मेरठ कमिश्नरी पहुंचे। यहां युवा रालोद नेता संजय चौधरी ने कहा कि किसानों के साथ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज न होना शर्म की बात है। चीनी मिल के अधिकारी अपने साथ लोगों की भीड़ लेकर किसानों को पिटवाते हैं। पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करती।
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पीड़ितों ने कमिश्नर के नाम एक ज्ञापन एसीएम को सौंपा। इस मौके पर विनीत, भूपेंद्र एडवोकेट, संदीप, सचिन, रोहित समेत अन्य किसान मौजूद रहे। उधर, भाकियू ने भी इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दे रखी है।
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सरधना। सरधना गंगनहर पुल के निकट चार दिन पूर्व जिंजोखर के किसानों के साथ हुई मारपीट के मामले में शुक्रवार को भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। इस मामले में किसान सुबह थाने पहुंचे। थाना पुलिस व सीओ से आश्वासन नहीं मिलने पर वह मेरठ में रालोद नेता संजय चौधरी के नेतृत्व में कमिश्नरी कार्यालय पहुंचे। वहां पर प्रदर्शन किया और रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
जिंजोखर निवासी आठ-दस किसान 18 मई को पूठ के गन्ना क्रय केंद्र पर तौल बंद होने के कारण तौल लिपिक के कहने पर ट्रैक्टर ट्रॉली से दौराला चीनी मिल में गन्ना डालने जा रहे थे। आरोप है कि उन्हें चीनी मिल के कुछ अधिकारियों ने चीनी मिल बंद होने की बात कही और गन्ना कोल्हू-क्रशर में तुलवाने को कहा। पता किया तो चीनी मिल चल रहा था। वह सरधना गंगनहर पुल चीनी मिल के कुछ अधिकारी मिले अरौर उनके साथ 15-20 अज्ञात लोगों की भीड़ थी, जिन्होंने उन पर हमला कर दिया। हमले में विनित, मोहित और मोनू घायल हुए। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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शुक्रवार को पीड़ित किसान मेरठ कमिश्नरी पहुंचे। यहां युवा रालोद नेता संजय चौधरी ने कहा कि किसानों के साथ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज न होना शर्म की बात है। चीनी मिल के अधिकारी अपने साथ लोगों की भीड़ लेकर किसानों को पिटवाते हैं। पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करती।
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पीड़ितों ने कमिश्नर के नाम एक ज्ञापन एसीएम को सौंपा। इस मौके पर विनीत, भूपेंद्र एडवोकेट, संदीप, सचिन, रोहित समेत अन्य किसान मौजूद रहे। उधर, भाकियू ने भी इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दे रखी है।