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Meerut News: पेड़ी की बढि़या शुरुआत के लिए पौधा कटते ही लगाएं पानी
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दौराला। दौराला चीनी मिल ने लावड़ के प्रधान फार्म हाउस में किसान गोष्ठी का आयोजन किया। जिसमें कस्बे और अन्य गांवों के किसान शामिल हुए।
चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक संजीव कुमार ने उन्नत गन्ना प्रजातियों को. 0118, को. 15023, को. 98014 को.लख. 14201 एवं को.लख. 16202 किस्म के गन्ने की बुवाई करने के लिए कहा। यह भी बताया कि पेड़ी की बढि़या शुरुआत के लिए पौधा कटते ही पानी लगाएं और यूरिया 10 किग्रा प्रति बीघा का प्रयोग करें।
शुभारंभ करते हुए चीनी मिल के गन्ना शोध एवं विकास प्रभारी डॉ. प्रणव राणा ने गन्ने की नई किस्मों के बारे में किसानों को जानकारी दी। एक सीमा से अधिक कोई भी अकेली प्रजाति की बुवाई किए जाने पर विपरीत परिस्थितियों में ज्यादा खतरा बन सकता है। शुरुआती बुवाई नई गन्ना प्रजातियों से की जाए। उन्होंने गन्ने की अन्य समस्याओं एवं बीज उपचार की भी जानकारी दी।
कृषि वैज्ञानिक डाॅ. विकास मलिक ने फसल में कीट और रोग से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने गन्ने की बुवाई में दूरी बढ़ाने व फॉस्फोरस उर्वरकों का सही प्रयोग करने तथा नई तकनीक के बारे में जानकारी दी। किसानों को बताया कि खेत में ट्राईकोडर्मा के प्रयोग से लाल सड़न बीमारी से बचाव किया जा सकता है। किसानों को ट्रेंच विधि और गहरी खूढ़ तैयार कर गन्ना बुवाई करने के बारे में बताया। कोरोजन कीटनाशी का प्रयोग टॉप बोरर से बचाव के लिए बताया। चीनी मिल के सहायक महाप्रबंधक जयप्रकाश तोमर ने गन्ना प्रजाति संतुलन एवं बदलाव की आवश्यकता के बारे में किसानों को अवगत कराया।
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चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक संजीव कुमार ने उन्नत गन्ना प्रजातियों को. 0118, को. 15023, को. 98014 को.लख. 14201 एवं को.लख. 16202 किस्म के गन्ने की बुवाई करने के लिए कहा। यह भी बताया कि पेड़ी की बढि़या शुरुआत के लिए पौधा कटते ही पानी लगाएं और यूरिया 10 किग्रा प्रति बीघा का प्रयोग करें।
शुभारंभ करते हुए चीनी मिल के गन्ना शोध एवं विकास प्रभारी डॉ. प्रणव राणा ने गन्ने की नई किस्मों के बारे में किसानों को जानकारी दी। एक सीमा से अधिक कोई भी अकेली प्रजाति की बुवाई किए जाने पर विपरीत परिस्थितियों में ज्यादा खतरा बन सकता है। शुरुआती बुवाई नई गन्ना प्रजातियों से की जाए। उन्होंने गन्ने की अन्य समस्याओं एवं बीज उपचार की भी जानकारी दी।
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कृषि वैज्ञानिक डाॅ. विकास मलिक ने फसल में कीट और रोग से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने गन्ने की बुवाई में दूरी बढ़ाने व फॉस्फोरस उर्वरकों का सही प्रयोग करने तथा नई तकनीक के बारे में जानकारी दी। किसानों को बताया कि खेत में ट्राईकोडर्मा के प्रयोग से लाल सड़न बीमारी से बचाव किया जा सकता है। किसानों को ट्रेंच विधि और गहरी खूढ़ तैयार कर गन्ना बुवाई करने के बारे में बताया। कोरोजन कीटनाशी का प्रयोग टॉप बोरर से बचाव के लिए बताया। चीनी मिल के सहायक महाप्रबंधक जयप्रकाश तोमर ने गन्ना प्रजाति संतुलन एवं बदलाव की आवश्यकता के बारे में किसानों को अवगत कराया।
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