सरधना। मुनि श्री निश्चित सागर महाराज ने सरधना में चल रहे 25 समवशरण के दौरान सिद्धों की महाआराधना दिए।
भगवान की भक्ति से सारे संकट दूर होते हैं और पुण्य की वृद्धि होती है। उत्कृष्ट श्रद्धा एवं आस्था के साथ भक्ति ही मुक्ति का मार्ग है। उन्होंने कहा कि भक्त बिना भगवान और भगवान बिना भक्त के संभव नहीं हैं। 13 से 20 सितंबर तक सरधना में परम पूज्य मुनि श्री निश्चित सागर महाराज के सानिध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी अंकित भैया के निर्देशन में प्रतिदिन सुबह छह बजे से अभिषेक, शांतिधारा और पूजन विधान हो रहे हैं। इसके बाद मुनि श्री के प्रवचनों के माध्यम से धर्म का संदेश दिया जाता है।
मंगलवार की शांतिधारा के पुण्यार्जक अनिल जैन और अनिल जैन सराफ रहे। मुख्य अतिथि एक्सईएन दुर्गेश जायसवाल और थाना प्रभारी प्रताप सिंह मौजूद रहे। पानीपत से आए जैन समाज के लोगों ने भी मुनिश्री के चरणों में श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान श्री विद्योदय समिति से पंकज जैन, अनिल जैन, अनुज जैन, कुणाल जैन, सौरभ जैन, ऋषभ जैन, अरिहंत जैन, अंकुश जैन, अतिशय जैन, विकास जैन, प्रदीप जैन, आदीश जैन, मुकेश जैन, योगेश जैन, राजकुमार, अवनीश जैन, नमन जैन मौजूद रहे।