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Meerut News: ध्रुव चरित्र की कथा सुनकर आंखें हुईं नम
Wed, 10 Jun 2026 06:12 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 10 Jun 2026 06:12 PM IST
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प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। क्षेत्र के तजपुरा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथा वाचक कृष्ण भक्त अमित महाराज ने ध्रुव चरित्र और कपिल मुनि अवतार की कथा का वर्णन किया। कथा सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो गईं।
कथावाचक ने बताया कि भगवान ने कर्दम ऋृषि के घर कपिल मुनि के रूप में अवतार लिया। उन्होंने अपनी माता देवहूति को सांख्य शास्त्र का उपदेश देकर बताया कि ये संसार माया है और भगवान ही सत्य हैं। माता देवहूति को ज्ञान देकर कपिल मुनि ने उन्हें भवसागर से पार कराया। भगवान शिव के तांडव का वर्णन सुनकर पंडाल में सन्नाटा छा गया। सौतेली मां सुरुचि के तानों से आहत होकर पांच साल के बालक ध्रुव का घर से निकलना और नारद जी की कृपा से भगवान की घोर तपस्या करना। 6 महीने की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान का ध्रुव को दर्शन देना और अटल पद का वरदान देना।
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बहसूमा। क्षेत्र के तजपुरा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथा वाचक कृष्ण भक्त अमित महाराज ने ध्रुव चरित्र और कपिल मुनि अवतार की कथा का वर्णन किया। कथा सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो गईं।
कथावाचक ने बताया कि भगवान ने कर्दम ऋृषि के घर कपिल मुनि के रूप में अवतार लिया। उन्होंने अपनी माता देवहूति को सांख्य शास्त्र का उपदेश देकर बताया कि ये संसार माया है और भगवान ही सत्य हैं। माता देवहूति को ज्ञान देकर कपिल मुनि ने उन्हें भवसागर से पार कराया। भगवान शिव के तांडव का वर्णन सुनकर पंडाल में सन्नाटा छा गया। सौतेली मां सुरुचि के तानों से आहत होकर पांच साल के बालक ध्रुव का घर से निकलना और नारद जी की कृपा से भगवान की घोर तपस्या करना। 6 महीने की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान का ध्रुव को दर्शन देना और अटल पद का वरदान देना।

प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
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