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जेवर एयरपोर्ट शुरू होते ही बढ़ जाएगा पश्चिम के फल और सब्जी का निर्यात: दिनेश प्रताप

Sat, 14 Jun 2025 02:20 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 14 Jun 2025 02:20 AM IST
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Export of fruits and vegetables from the west will increase as soon as Jewar airport starts: Dinesh Pratap
पत्रकारों से वार्ता करते उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह
मेरठ। उप्र के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि 2017 के बाद से सब्जी, मसाले, फल आदि की पैदावार बढ़ी है। हम फल एक्सपोर्ट कर रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद पश्चिम उप्र ही नहीं, बल्कि उप्र का किसान अपनी सब्जी, फल, शहद, मसाले और दवाइयां सस्ते किराए से विदेश एक्सपोर्ट कर सकेंगे।
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यह बात दिनेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार को उद्यान विभाग के स्वर्णिम 50 वर्ष पूरे होने पर चौ. चरण सिंह विवि के नेताजी सुभाषचंद्र बोस प्रेक्षागृह में मंडलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी में किसानों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हमारे पास समुद्री मार्ग नहीं है। इससे हम सस्ते किराए पर विदेशों को सब्जी, फल आदि भेज सकें। जेवर एयरपोर्ट शुरू होते ही दुनिया के बाजारों तक पहुंचना शुरू हो जाएंगे। सस्ते किराए पर किसान अपनी उपज को हवाई मार्ग से विदेश भेज सकेंगे। उन्होंने रटौल, मलियाबादी आम का भी जिक्र किया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जब अंग्रेज हमें चाय का आदी बना सकते हैं तो हम अंग्रेजों को भारत के आम का आदी क्याें नहीं बना सकते हैं। अंग्रेजों को हमने आम खाना सिखा दिया है। बड़ी मात्रा में आम विदेश जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग की योजनाओं के माध्यम से मेरठ, सहारनपुर मंडल के किसान फल, सब्जी, शहद, मसाले, दवाईयों की खेती कर रहे हैं। गन्ने की फसल से अधिक आय कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहने को तो कृषि विभाग हमारा यानी उद्यान विभाग का बड़ा भाई है। लेकिन हमें उम्मीद है कि आने वाले कुछ समय में उद्यान विभाग फसल उत्पादन के क्षेत्र में कृषि विभाग को पीछे छोड़ देगा। उन्होंने सभी प्रगतिशील किसानों को बधाई दी। साथ ही वैज्ञानिकों से गाइड लाइन लेकर उन्नत खेती करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पानी की उपयोगिता को भी समझना होगा। फसलों की सिंचाई के लिए कम पानी खर्च हो, इसके लिए उद्यान विभाग की स्प्रींगलर, डि्रप जैसी योजना संचालित हैं। इसका लाभ किसानों को लेना चाहिए।
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प्रसंस्करण यूनिट लगाएं किसान और उद्यमी
उन्होंने कहा कि किसानों को फल व सब्जी उगाने के साथ साथ प्रसंस्करण यूनिट लगाने के लिए भी आगे आना चाहिए। ताकि इन यूनिटों के माध्यम से फल व सब्जियों का अलग प्रोडेक्ट तैयार करके आय कमा सकें। उन्होंने कहा कि किसान ही नहीं उद्यमियों को भी इसके लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार प्रसंस्करण यूनिट लगाने वालों को 35 प्रतिशत सब्सिडी देती है। गोष्ठी के माध्यम से किसानों को यही बताने आए हैं कि वह अपनी आय चार गुना करने के लिए फल, सब्जी, शहद के साथ साथ मसाले, दवाईयों की खेती करें। उन्होंने किसानों को परंपरागत खेती के साथ साथ औद्यानिक फसलों की खेती करने का सुझाव दिया। उद्यान मंत्री ने विवि परिसर में लगी फल, सब्जी, कृषि यंत्र, शहद, कीटनाशक आदि की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उधर, कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. सुनील कुमार, शिवांगी सिंह, डॉ. सत्यप्रकाश ने आम, मसाला खेती, शाकभाजी, फल एवं सब्जी, बागवानी की खेती को लेकर तकनीकि जानकारी दी।

ये भी रहे उपस्थित
छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार, अनूपशहर विधायक संजय शर्मा, जिलापंचायत अध्यक्ष हापुड़ रेखा नागर,एमएलसी अश्वनी त्यागी,धर्मेन्द्र भारद्वाज,मंडलायुक्त हृषिकेश भाष्कर यशोद,पूर्व एमएलसी हरपाल सिंह सैनी, पद्मश्री किसान भारत भूषण त्यागी, डॉ बीपी राम, कर्नल देशवाल,डॉ. राजीव कुमार वर्मा, उप निदेशक उद्यान डॉ. विनीत कुमार आदि रहे।
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