एक्सक्लूसिव : मेरठ में सामने आया भ्रष्टाचार, कंपनी ने ट्रांसफार्मरों के लिए कर दी सवा करोड़ के घटिया तार की आपूर्ति
मेरठ में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए कंपनी ने घटिया तारों की आपूर्ति कर दी। इन तारों पर इंसुलेटेड पेंट की कोटिंग नहीं मिली, अब इनकी लैब में कराई जाएगी। 4162 ट्रांसफार्मरों की मरम्मत 38000 किलोग्राम तार से होनी थी, इसकी कीमत सवा करोड़ रुपये बताई गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस और पारदर्शिता का दावा करने वाले पीवीवीएनएल में ट्रांसफार्मर मरम्मत तार का बड़ा घोटाला सामने आया है। विभाग को पिछले दस साल से सामग्री की आपूर्ति कर रही एक फर्म ने विद्युत कार्यशाला में 4162 ट्रांसफार्मरों मरम्मत के लिए 38000 किलोग्राम घटिया एल्यूमीनियम तार की आपूर्ति कर दी। आपूर्ति किए गए तार की कीमत करीब सवा करोड़ रुपये बताई गई है। खराब क्वालिटी का तार मिलने की सूचना पर विभाग में हड़कंप मचा है। कार्यशाला अधिकारियों ने मामले की पूरी सूचना कंपनी एमडी को दे दी है। इस पर एमडी ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
पीवीवीएनएल के अंर्तगत आने वाले 14 जनपदों को ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए 18 विद्युत कार्यशाला काम कर रही हैं। इनके लिए बाहरी फर्मों से सामग्री की खरीद फरोख्त की जाती है। दस साल से सामग्री की आपूर्ति कर रही गाजियाबाद की नव ज्योति मेटल फर्म ने जनवरी माह में सहारनपुर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, बिजनौर, मुरादाबाद, हापुड़, मेरठ, संभल और रामपुर आदि स्थित वर्कशाप को कुल 38000 किलोग्राम तार आपूर्ति किया था।
यह भी पढ़ें: थाने पहुंचा कातिल पति: बोला-पत्नी को मार डाला, बेडरूम में पड़ी है लाश, खून से लथपथ हत्यारे को देख पुलिस अफसर भी रह गए हैरान
ट्रांसफार्मर मरम्मत करते समय वर्कशाप कर्मियों ने देखा कि नीचे के तार पर इंसुलेशन पेंट नहीं था और तार भी घटिया क्वालिटी का था। वर्कशाप कर्मियों ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने मामले की जानकारी कंपनी एमडी को दी।एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जांच बैठा दी है। आपूर्ति किए गए तार की कीमत करीब सवा करोड़ रुपये है।
खराब तार लगने से फुंक जाते 25 केवी के 1727 ट्रांसफार्मर
अधिकारियों के मुताबिक 25 केवी ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए 22 किलोग्राम तार की आवश्यकता होती है। अगर ये घटिया तार लगाकर ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कर दी जाती तो 1727 ट्रांसफार्मर लोड पड़ने से पहले ही दम तोड़ देते। 63 केवी के 1085, 100 केवी के 844 और 250 केवी के 506 ट्रांसफार्मर फुंक जाते और इससे विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान होता।
यह भी पढ़ें: खूनी खेल में बदली 13 साल की लव मैरिज: थप्पड़ के बदले पत्नी को दी मौत, हत्या कर खून से लथपथ चाकू लेकर थाने पहुंचा पति
इक्वेटर अनुभाग ने दी खराब तार को ओके रिपोर्ट
वर्कशाप में सामग्री की आपूर्ति का काम मेटेरियल मैनेजमेंट अनुभाग देखता है। यहीं से सामग्री का टेंडर आदि होता है। इसके बाद सामग्री की जांच इक्वेटर सेक्शन के अधिकारियों की कमेटी करती है। इस कमेटी ने घटिया तार को ओके की रिपोर्ट दे दी। इसके बाद फर्म ने घटिया तार की खेप वर्कशाप तक पहुंचा दी।
क्या बोले अधिकारी
वर्कशॉप में घटिया ट्रांसफार्मर एल्यूमीनियम तार आपूर्ति का मामला पकड़ा गया है। इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ