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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Exclusive: Corruption surfaced in Meerut, supply of substandard wire worth 1.25 crores for transformers

एक्सक्लूसिव : मेरठ में सामने आया भ्रष्टाचार, कंपनी ने ट्रांसफार्मरों के लिए कर दी सवा करोड़ के घटिया तार की आपूर्ति 

Thu, 14 Apr 2022 06:37 PM IST
Dimple Sirohi राजदीप जाखड़, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 14 Apr 2022 06:37 PM IST
सार

मेरठ में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए कंपनी ने घटिया तारों की आपूर्ति कर दी। इन तारों पर इंसुलेटेड पेंट की कोटिंग नहीं मिली, अब इनकी लैब में कराई जाएगी। 4162 ट्रांसफार्मरों की मरम्मत 38000 किलोग्राम तार से होनी थी, इसकी कीमत सवा करोड़ रुपये बताई गई है।

 

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Exclusive: Corruption surfaced in Meerut, supply of substandard wire worth 1.25 crores for transformers
- फोटो : demo

विस्तार

भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस और पारदर्शिता का दावा करने वाले पीवीवीएनएल में ट्रांसफार्मर मरम्मत तार का बड़ा घोटाला सामने आया है। विभाग को पिछले दस साल से सामग्री की आपूर्ति कर रही एक फर्म ने विद्युत कार्यशाला में 4162 ट्रांसफार्मरों मरम्मत के लिए 38000 किलोग्राम घटिया एल्यूमीनियम तार की आपूर्ति कर दी। आपूर्ति किए गए तार की कीमत करीब सवा करोड़ रुपये बताई गई है। खराब क्वालिटी का तार मिलने की सूचना पर विभाग में हड़कंप मचा है। कार्यशाला अधिकारियों ने मामले की पूरी सूचना कंपनी एमडी को दे दी है। इस पर एमडी ने मामले की जांच शुरू करा दी है। 

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पीवीवीएनएल के अंर्तगत आने वाले 14 जनपदों को ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए 18 विद्युत कार्यशाला काम कर रही हैं। इनके लिए  बाहरी फर्मों से सामग्री की खरीद फरोख्त की जाती है। दस साल से सामग्री की आपूर्ति कर रही गाजियाबाद की नव ज्योति मेटल फर्म ने जनवरी माह में सहारनपुर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, बिजनौर, मुरादाबाद, हापुड़, मेरठ, संभल और रामपुर आदि स्थित वर्कशाप को कुल 38000 किलोग्राम तार आपूर्ति किया था।
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ट्रांसफार्मर मरम्मत करते समय वर्कशाप कर्मियों ने देखा कि नीचे के तार पर इंसुलेशन पेंट नहीं था और तार भी घटिया क्वालिटी का था। वर्कशाप कर्मियों ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने मामले की जानकारी कंपनी एमडी को दी।एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जांच बैठा दी है। आपूर्ति किए गए तार की कीमत करीब सवा करोड़ रुपये है। 

खराब तार लगने से फुंक जाते 25 केवी के 1727 ट्रांसफार्मर 
अधिकारियों के मुताबिक 25 केवी ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए 22 किलोग्राम तार की आवश्यकता होती है। अगर ये घटिया तार लगाकर ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कर दी जाती तो 1727 ट्रांसफार्मर लोड पड़ने से पहले ही दम तोड़ देते। 63 केवी के 1085, 100 केवी के 844 और 250 केवी के 506 ट्रांसफार्मर फुंक जाते और इससे विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान होता। 

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इक्वेटर अनुभाग ने दी खराब तार को ओके रिपोर्ट 
वर्कशाप में सामग्री की आपूर्ति का काम मेटेरियल मैनेजमेंट अनुभाग देखता है। यहीं से सामग्री का टेंडर आदि होता है। इसके बाद सामग्री की जांच इक्वेटर सेक्शन के अधिकारियों की कमेटी करती है। इस कमेटी ने घटिया तार को ओके की रिपोर्ट दे दी। इसके बाद फर्म ने घटिया तार की खेप वर्कशाप तक पहुंचा दी। 

क्या बोले अधिकारी 
वर्कशॉप में घटिया ट्रांसफार्मर एल्यूमीनियम तार आपूर्ति का मामला पकड़ा गया है। इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ

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