तैयारी : बिना करार टोक्यो ओलंपिक में छाएंगे मेरठ के उपकरण, बढ़ रही सामान की डिमांड
मेरठ के खेल उपकरणों की काफी डिमांड बढ़ रही है। अब बिना करार हुए मेरठ उपकरण टोक्यो ओलंपिक में भी छाएंगे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
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क्रिकेट खेल सामान के निर्यात में बड़ी भूमिका निभाने वाला मेरठ शहर एथलेटिक, फुटबॉल सहित अन्य खेल उपकरणों को बनाने में महारत हासिल कर चुका है। 23 जुलाई से शुरू हो रहे टोक्यो ओलंपिक को लेकर हलचल तेज हो गई है। वर्ल्ड ओलंपिक संघ से कोई करार नहीं होने के बाद भी मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में खिलाड़ियों के सामान की डिमांड बढ़ी है। मेरठ की कई कंपनियों द्वारा डिस्कस, हैमर, जेवलिन व वार्मअप सामान खिलाड़ियों के लिए भेजा जा चुका है।
वर्ल्ड ओलंपिक संघ ने एथलेटिक, वॉलीवाल, कुश्ती, टेनिस, टेबिल टेनिस सहित अन्य खेलों के लिए 34 कंपनियों के साथ करार किया है। इन सभी कंपनियों में मेरठ की एक भी कंपनी नहीं है। उसके बावजूद भी मेरठ के खेल उपकरणों की डिमांड बढ़ी है। एथलेटिक खेलों के उपकरण बनाने वाली नेल्को, विनेक्स, एटीई व अन्य सामान के लिए स्टैग इंटरनेशनल, एचआरएस कंपनी द्वारा भी ओलंपिक खेलों को लेकर सामान बनाया गया है। नेल्को इंटरनेशनल अभी तक चार सौ से ज्यादा उपकरण खिलाड़ियों के लिए भेज चुका है। जिसमें कई विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं।
नेल्को ने एथलेटिक में बनाई पकड़
नेल्को इंटरनेशनल निदेशक अंबर आंनद ने बताया कि स्वीडन के वर्ल्ड चैंपियन डैनियल स्टाहल, नॉर्वे के ओला स्टन इसेन, जमैका के कैड राइट, समोआ के एलेक्स रोज, क्यूबा की वर्ल्ड चैंपियन यमी परवेज तलेज, इटली की डैजी ओसाक, क्यूबा डैनिया कैबलारो के हाथों में नेल्को का डिस्कस होगा। फ्रांस की मेलिना रोबर माइकोन, पैरालंपिक में फ्रांस के क्वेंटन बाइगोट, पीटर्स जेरोस्लाव के हाथों में नेल्को का हैमर होगा। 1982 में न्यू दिल्ली में एशियन खेलों के साथ नेल्को ने शुरुआत की थी, जबकि 1992 के ओलंपिक खेलों के साथ सभी ओलंपिक में उनकी कंपनी से उपकरण निर्यात होते रहे हैं।
विनेक्स ने एथलेटिक खेलों को दी रफ्तार
विनेक्स कंपनी के निदेशक आशुतोष भल्ला ने बताया कि मेरठ की सीमा पुनिया सहित अन्य खिलाड़ी कंपनी से डिस्कस ले जाती रही हैं। जुलाई में होने वाले ओलंपिक के लिए खिलाड़ियों ने कंपनी से उपकरण मंगवाएं हैं। आशुतोष भल्ला जिला एथलेटिक संघ अध्यक्ष, एएफआई के उपाध्यक्ष होने के चलते एथलेटिक खेलों को रफ्तार दे रहे हैं।
एचआरएएस ने वार्मअप के लिए निर्यात किया सामान
एचआरएस कंपनी निदेशक वरुण मक्कड़ ने बताया कि उनके यहां फीफा वर्ल्डकप के लिए फुटबॉल ब्लेडर बने। जबकि टोक्यो ओलंपिक में वार्मअप के लिए भारी संख्या में सामान निर्यात हुआ है, लेकिन वो ओलंपिक संघ की स्पॉन्सर कंपनियों द्वारा खरीदा गया है।
वर्ल्ड एथलेटिक संघ से प्रमाणित होता है सामान
जिला एथलेटिक संघ सचिव अनु कुमार ने बताया बिना करार भी खिलाड़ी अपना उपकरण इस्तेमाल कर सकते हैं। एएफआई से प्रमाणित उपकरण ही भारत के खिलाड़ी ओलंपिक में ले जा सकते हैं। जबकि खेल स्थल पर जाकर वर्ल्ड ओलंपिक संघ के मापदंडों से उपकरणों को गुजरना होता है। एक बार उपकरण पास तो एक उपकरण से कई खिलाड़ी खेल सकते हैं।