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यूपीः निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार, दिन भर बिजली को तरसे लोग
Tue, 06 Oct 2020 02:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2020 02:22 AM IST
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सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते बिजली कर्मी
- फोटो : amar ujala
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निजीकरण के विरोध में पूरे प्रदेश के बिजली कर्मचारियों ने सोमवार पूरे दिन कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान फॉल्ट की मरम्मत सहित उपभोक्ता सेवाओं से जुड़े कामकाज प्रभावित रहे। यहां तक कि ऊर्जा मंत्री के आवास सहित कई इलाकों में बिजली संकट रहा। इस बीच ऊर्जा प्रबंधन और जिला प्रशासन ने बिजली सप्लाई बहाल रखने के लिए पुलिस के पहरे के साथ कई वैकल्पिक इंतजाम किए, लेकिन फॉल्ट के आगे सभी फेल हो गए। पढ़िए यूपी में कहां कैसे रहा बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन और लोग कैसे दिखे बिना बिजली के बेबस...
मेरठः निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों का अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार शुरू, सरकार पर गरजे बिजली कर्मी
निजीकरण के खिलाफ सोमवार से बिजली कर्मियों का प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू हो गया। पीवीवीएनएल मुख्यालय ऊर्जा भवन पर जमा हुए बिजली कर्मियों ने सरकार पर जोरदार हमला बोला। इस दौरान कैश काउंटर और कार्यालय बंद रहने से न तो बिल जमा हो सके और न ही कनेक्शन संबंधी काम हो सके। लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
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गोरखपुरः दिन भर बिजली को तरसे लोग देर शाम सड़कों पर उतरे, प्रशासन की व्यवस्था रही फेल
निजीकरण के विरोध में बिजली अधिकारी और कर्मचारी सोमवार को कार्य बहिष्कार पर रहे। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। प्रशासन की व्यवस्था फेल हो गई। तकनीकी खराबी की वजह से शहर से लेकर देहात तक के कई इलाकों में सुबह से तो कई क्षेत्रों में दोपहर बाद से बिजली गुल रही। बिजली नहीं होने से गीडा के कई कारखानों में काम ठप रहा। देर रात तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो लोग सड़कों पर उतरने लगे। कई जगहों पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। जाम लगाया और बिजली उपकेंद्रों को घेर लिया।
बरेलीः बिजली कर्मी धरने पर बैठे, संविदा कर्मी उपकेंद्रों पर
निजीकरण के विरोध में आंदोलित बिजली कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर कामकाज ठप कर दिया। उपकेंद्र और कार्यालय छोड़कर स्टाफ धरना-प्रदर्शन में शामिल हो गया, लेकिन संविदा कर्मियों ने उपकेंद्रों पर सप्लाई व्यवस्था संभाली। किसी भी तरह की तोड़फोड़ और अराजकता से निपटने के लिए प्रशासन ने कार्यालय और स्टेशनों पर सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।
लखनऊः हड़ताल का असर वीआईपी इलाकों की बती गुल निदेशक पहुंची चालू कराने
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में सोमवार से शुरू बेमियादी हड़ताल में राजधानी के अभियंता और कर्मचारी कूदे तो बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। शहर के कई इलाकों में सात से दस घंटे तक बिजली संकट रहा।
प्रयागराजः निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर बिजलीकर्मी, चरमराई व्यवस्था
निजीकरण के विरोध में सोमवार को हड़ताल पर रहे बिजली कर्मचारी उपकेंद्र छोड़कर चले गए। इससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के उपकेंद्रों पर कहीं ताला लगा रहा तो कहीं सन्नाटा पसरा रहा। बिजलीकर्मियों के हड़ताल पर जाने से जिलेभर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। जगह-जगह लोकल फाल्ट, बेक्रडाउन, फीडर की खामी से आपूर्ति बाधित रही। इससे सैकड़ों गांव प्रभावित रहे। बिजलीकर्मी समस्या दूर करने के लिए आगे नहीं आए। कई इलाकों में दिनभर बिजली गुल रही।
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मेरठः निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों का अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार शुरू, सरकार पर गरजे बिजली कर्मी
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निजीकरण के खिलाफ सोमवार से बिजली कर्मियों का प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू हो गया। पीवीवीएनएल मुख्यालय ऊर्जा भवन पर जमा हुए बिजली कर्मियों ने सरकार पर जोरदार हमला बोला। इस दौरान कैश काउंटर और कार्यालय बंद रहने से न तो बिल जमा हो सके और न ही कनेक्शन संबंधी काम हो सके। लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
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गोरखपुरः दिन भर बिजली को तरसे लोग देर शाम सड़कों पर उतरे, प्रशासन की व्यवस्था रही फेल
निजीकरण के विरोध में बिजली अधिकारी और कर्मचारी सोमवार को कार्य बहिष्कार पर रहे। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। प्रशासन की व्यवस्था फेल हो गई। तकनीकी खराबी की वजह से शहर से लेकर देहात तक के कई इलाकों में सुबह से तो कई क्षेत्रों में दोपहर बाद से बिजली गुल रही। बिजली नहीं होने से गीडा के कई कारखानों में काम ठप रहा। देर रात तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो लोग सड़कों पर उतरने लगे। कई जगहों पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। जाम लगाया और बिजली उपकेंद्रों को घेर लिया।
बरेलीः बिजली कर्मी धरने पर बैठे, संविदा कर्मी उपकेंद्रों पर
निजीकरण के विरोध में आंदोलित बिजली कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर कामकाज ठप कर दिया। उपकेंद्र और कार्यालय छोड़कर स्टाफ धरना-प्रदर्शन में शामिल हो गया, लेकिन संविदा कर्मियों ने उपकेंद्रों पर सप्लाई व्यवस्था संभाली। किसी भी तरह की तोड़फोड़ और अराजकता से निपटने के लिए प्रशासन ने कार्यालय और स्टेशनों पर सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।
लखनऊः हड़ताल का असर वीआईपी इलाकों की बती गुल निदेशक पहुंची चालू कराने
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में सोमवार से शुरू बेमियादी हड़ताल में राजधानी के अभियंता और कर्मचारी कूदे तो बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। शहर के कई इलाकों में सात से दस घंटे तक बिजली संकट रहा।
प्रयागराजः निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर बिजलीकर्मी, चरमराई व्यवस्था
निजीकरण के विरोध में सोमवार को हड़ताल पर रहे बिजली कर्मचारी उपकेंद्र छोड़कर चले गए। इससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के उपकेंद्रों पर कहीं ताला लगा रहा तो कहीं सन्नाटा पसरा रहा। बिजलीकर्मियों के हड़ताल पर जाने से जिलेभर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। जगह-जगह लोकल फाल्ट, बेक्रडाउन, फीडर की खामी से आपूर्ति बाधित रही। इससे सैकड़ों गांव प्रभावित रहे। बिजलीकर्मी समस्या दूर करने के लिए आगे नहीं आए। कई इलाकों में दिनभर बिजली गुल रही।