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मेरठ: सरधना में वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार, विद्यालय की वीडियो बनाने वाले युवकों को जेल भेजने का विरोध

Mon, 24 Aug 2026 05:37 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Mon, 24 Aug 2026 05:37 PM IST
सार

अधिवक्ता संयम पांचाल ने अपने साथी अयान के साथ गांव कालंद के प्राथमिक विद्यालय का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। शिक्षा विभाग की ओर से रिपोर्ट दर्ज करा दी गई, जिसके बाद युवकों को जेल भेज दिया गया। इसी के विरोध में अधिवक्ता एकजुट हो गए हैं। 

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Meerut: Lawyers in Sardhana boycotted work in protest against the jailing of youths
एसडीएम से मिलने पहुंचे अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरधना के कालंद गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस की कार्रवाई के विरोध में सोमवार को अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने सीओ और एसडीएम से मुलाकात कर दोनों युवकों को राहत देने और रिपोर्ट दर्ज करने वाले दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
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15 अगस्त को सरधना निवासी अधिवक्ता संयम पांचाल व अयान ने कालंद गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की थी। वीडियो में विद्यालय भवन की जर्जर हालत, पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे। शिक्षा विभाग ने वीडियो को भ्रामक बताते हुए कहा था कि जिस भवन की वीडियो बनाई गई, उसे पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका है और उसमें विद्यालय संचालित नहीं हो रहा है। 

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विभाग के अनुसार विद्यालय का संचालन दूसरे भवन में किया जा रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से विभाग और सरकार की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए खंड शिक्षा अधिकारी ने थाने में दोनों युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रविवार को पुलिस ने संयम पांचाल और अयान को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान कर दिया। एसडीएम न्यायालय से जमानत नहीं मिलने पर दोनों को जेल भेज दिया गया। इनमें संयम पांचाल अधिवक्ता बताए गए हैं। 
 
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मामला सोमवार को सरधना बार पहुंचा तो अधिवक्ताओं में रोष फैल गया। उन्होंने कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। इसके बाद बार का प्रतिनिधिमंडल सीओ आशुतोष कुमार और एसडीएम उदित नारायण सेंगर से मिला। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कार्रवाई करने वाले दरोगा ने अधिकारियों को पूरी जानकारी नहीं दी और उन्हें गुमराह किया। उनका आरोप था कि संयम पांचाल के अधिवक्ता होने की जानकारी भी अधिकारियों को नहीं दी गई। अधिवक्ताओं ने दरोगा को निलंबित करने की मांग की।
 

वहीं, एसडीएम से दोनों युवकों को तत्काल जमानत देने की मांग की गई। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष सैयद आरिफ अली, महामंत्री संजीव पंवार, जितेंद्र पांचाल, मोहम्मद दानिश, दीपक कुमार समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। 

ये बोले एसडीएम 
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि युवकों द्वारा भ्रामक वीडियो बनाए जाने की बात सामने आई है। अधिवक्ताओं को मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
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