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गंगनहर की नई कांवड़ पटरी की डीपीआर तैयार, शासन को जाएगी
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गंगनहर की नई कांवड़ पटरी की डीपीआर तैयार
मेरठ। मुजफ्फरनगर से गाजियाबाद सीमा तक गंगनहर की दायीं पटरी पर फोरलेन कांवड़ मार्ग बनाने के लिए तैयार की गई डीपीआर पर अंतिम निर्णय लिया जा रहा है। मंगलवार को पीडब्लूडी मुख्य अभियंता के कार्यालय में डीपीआर पर सभी विभागों की बैठक की गई। इसमें पीडब्लूडी के अलावा वन विभाग, सिंचाई, सेतु निगम के अधिकारियों ने पक्ष रखा। निर्णय लिया गया कि इसी सप्ताह डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
गंगनहर की बायीं पटरी पर पहले से ही चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग है। जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन दौड़ते हैं। मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगनहर की दायीं पटरी पर भी सात मीटर चौड़ी सड़क बनाए जाने की घोषणा की थी। जिस पर पीडब्लूडी ने जुलाई 2018 में ही शासन को बजट प्रस्ताव भेज दिया था। प्रस्ताव में एक साल तक कई बार बदलाव हुआ। अब डीपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसे लेकर मंगलवार को चीफ इंजीनियर राजपाल सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। डीपीआर में स्पष्ट किया गया है कि गंगनहर की पटरी पर आठ पुल बनाए जाने हैं। सिंचाई, वन विभाग और सेतु निगम के अधिकारियों ने डीपीआर के एक एक बिंदु पर अपना पक्ष रखा। अंत में निर्णय लिया गया कि इसी सप्ताह गंगनहर पटरी की डीपीआर शासन को भेजी जाएगी।
जनता को मिलेगी जाम से मुक्ति
गंगनहर की दायीं पटरी पर फोरलेन सड़क बनने के बाद मेरठ और मोदीनगर को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। गाजियाबाद से मेरठ, मुजफ्फरनगर और उत्तराखंड जाने वाले सभी हलके वाहनों को मोदीनगर के अंदर से मेरठ आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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जनपद सड़क किमी में
मेरठ 42.30
मुजफ्फरनगर 58.37
गाजियाबाद 12.35
नोट- कुल मिलाकर 113.020 किमी सड़क निर्माण होगा।
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वर्जन...
सभी की है सहमति
डीपीआर को अंतिम मूर्त दिया जा रहा है। डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलते ही कांवड़ मार्ग निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। वन, सिंचाई सहित सभी विभाग अपना अपना कार्य करेंगे। बैठक में सभी की सहमति हो गई है। -राजपाल सिंह, मुख्य अभियंता पीडब्लूडी
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मेरठ। मुजफ्फरनगर से गाजियाबाद सीमा तक गंगनहर की दायीं पटरी पर फोरलेन कांवड़ मार्ग बनाने के लिए तैयार की गई डीपीआर पर अंतिम निर्णय लिया जा रहा है। मंगलवार को पीडब्लूडी मुख्य अभियंता के कार्यालय में डीपीआर पर सभी विभागों की बैठक की गई। इसमें पीडब्लूडी के अलावा वन विभाग, सिंचाई, सेतु निगम के अधिकारियों ने पक्ष रखा। निर्णय लिया गया कि इसी सप्ताह डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
गंगनहर की बायीं पटरी पर पहले से ही चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग है। जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन दौड़ते हैं। मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगनहर की दायीं पटरी पर भी सात मीटर चौड़ी सड़क बनाए जाने की घोषणा की थी। जिस पर पीडब्लूडी ने जुलाई 2018 में ही शासन को बजट प्रस्ताव भेज दिया था। प्रस्ताव में एक साल तक कई बार बदलाव हुआ। अब डीपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसे लेकर मंगलवार को चीफ इंजीनियर राजपाल सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। डीपीआर में स्पष्ट किया गया है कि गंगनहर की पटरी पर आठ पुल बनाए जाने हैं। सिंचाई, वन विभाग और सेतु निगम के अधिकारियों ने डीपीआर के एक एक बिंदु पर अपना पक्ष रखा। अंत में निर्णय लिया गया कि इसी सप्ताह गंगनहर पटरी की डीपीआर शासन को भेजी जाएगी।
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जनता को मिलेगी जाम से मुक्ति
गंगनहर की दायीं पटरी पर फोरलेन सड़क बनने के बाद मेरठ और मोदीनगर को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। गाजियाबाद से मेरठ, मुजफ्फरनगर और उत्तराखंड जाने वाले सभी हलके वाहनों को मोदीनगर के अंदर से मेरठ आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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जनपद सड़क किमी में
मेरठ 42.30
मुजफ्फरनगर 58.37
गाजियाबाद 12.35
नोट- कुल मिलाकर 113.020 किमी सड़क निर्माण होगा।
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वर्जन...
सभी की है सहमति
डीपीआर को अंतिम मूर्त दिया जा रहा है। डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलते ही कांवड़ मार्ग निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। वन, सिंचाई सहित सभी विभाग अपना अपना कार्य करेंगे। बैठक में सभी की सहमति हो गई है। -राजपाल सिंह, मुख्य अभियंता पीडब्लूडी