मेरठ में शास्त्रीनगर सेक्टर छह के मकान नंबर 223 में बुधवार को रह-रहकर सिसकियों की आवाज गूंज रही थी। प्रमोद कर्णवाल के पिता नरेंद्र प्रताप सदमे से नहीं उबर पा रहे हैं। मां विनोद बाला रोते हुए बस यही कह रही हैं कि बेटा-बहू चले गए। पोते को जेल हो गई। पोती का क्या होगा। लोगों की समझ में नहीं आ रहा था कि परिवार को दिलासा कैसे दिलाएं।
दोहरे हत्याकांड को आर्यन द्वारा अंजाम दिए जाने के बाद पूरा परिवार और रिश्तेदार कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं। उनका कहना है कि घर में इतनी भी लड़ाई नहीं होती थी कि ऐसी नौबत आ जाती।
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मेरठ डबल मर्डर केस।
- फोटो : अमर उजाला
आर्यन के दादा-दादी की हालत ऐसी हो रही है कि वे आंखों से आंसू पोंछने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे हैं। बुआ सीमा और फूफा संजय त्यागी कह रहे थे कि आर्यन ऐसा नहीं कर सकता, ये सब आदित्य ने किया है।
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वहीं, आर्यन की बहन कनिष्का गुमशुम है। वह कुछ नहीं बोल पा रही है। जो भी रिश्तेदार आ रहे हैं, वे कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। पूरी कॉलोनी के लोग भी इस घटना के खुलासे से सकते में हैं। हर कोई यही कह रहा है कि आर्यन तूने ये क्या कर दिया।
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लोगों का कहना है कि आर्यन बड़ा सीधा लगता था, कभी सोचा भी नहीं था कि वो इनती बड़ी वारदात कर देगा।
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शिक्षिकाएं बोलीं, सरल स्वभाव की थीं ममता
ममता बीडीएस स्कूल में शिक्षिका थीं। उनकी हत्या की सूचना पर बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं परिवार के लोगों को ढाढ़स बंधाने पहुंची थीं। शिक्षिकाआं ने कहा कि ममता बेहद सरल स्वभाव की थीं। उनके साथ जो हुआ है, वह सोचकर भी कलेजा कांप रहा है।
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