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Meerut News: वैदिक गणित को राष्ट्रीय पहचान दिलाने पर मंथन
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सीसीएसयू में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की बैठक में पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण बढ़ाने पर जोर
20 विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। वैदिक गणित को भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में विद्यालयों से लेकर उच्च शिक्षा तक पहुंचाने के लिए बुधवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में मंथन हुआ। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की ओर से आयोजित बैठक में विशेषज्ञों ने वैदिक गणित के पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण, शोध और प्रचार-प्रसार को व्यापक बनाने पर जोर दिया।
न्यास के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. ए. विनोद ने कहा कि वैदिक गणित भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसे आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने की जरूरत है। क्षेत्रीय संयोजक डॉ. शिवराज सिंह ने बताया कि सीसीएसयू में वैदिक गणित के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों के अनुभवों को दूसरे विश्वविद्यालयों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। प्रोफेसर डॉ. मुकेश ने कहा कि वैदिक गणित विद्यार्थियों में गणना कौशल के साथ तार्किक और विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने में सहायक हो सकता है। मेरठ प्रांत के वैदिक गणित संयोजक डॉ. ब्रह्मपाल ने मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में भी सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया। क्षेत्रीय संयोजक प्रबंधन शिक्षा डॉ. वीरेंद्र तिवारी ने वैदिक गणित को शिक्षा और प्रबंधन के विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ने की बात कही।
बैठक में सीसीएसयू से वैदिक गणित के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम कर चुके करीब 20 विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया। मेरठ प्रांत के अध्यक्ष डॉ. अनिल मलिक और संयोजक डॉ. योगेंद्र सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा में वैदिक गणित की भूमिका पर विचार रखे।
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20 विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। वैदिक गणित को भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में विद्यालयों से लेकर उच्च शिक्षा तक पहुंचाने के लिए बुधवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में मंथन हुआ। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की ओर से आयोजित बैठक में विशेषज्ञों ने वैदिक गणित के पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण, शोध और प्रचार-प्रसार को व्यापक बनाने पर जोर दिया।
न्यास के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. ए. विनोद ने कहा कि वैदिक गणित भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसे आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने की जरूरत है। क्षेत्रीय संयोजक डॉ. शिवराज सिंह ने बताया कि सीसीएसयू में वैदिक गणित के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों के अनुभवों को दूसरे विश्वविद्यालयों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। प्रोफेसर डॉ. मुकेश ने कहा कि वैदिक गणित विद्यार्थियों में गणना कौशल के साथ तार्किक और विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने में सहायक हो सकता है। मेरठ प्रांत के वैदिक गणित संयोजक डॉ. ब्रह्मपाल ने मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में भी सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया। क्षेत्रीय संयोजक प्रबंधन शिक्षा डॉ. वीरेंद्र तिवारी ने वैदिक गणित को शिक्षा और प्रबंधन के विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ने की बात कही।
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बैठक में सीसीएसयू से वैदिक गणित के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम कर चुके करीब 20 विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया। मेरठ प्रांत के अध्यक्ष डॉ. अनिल मलिक और संयोजक डॉ. योगेंद्र सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा में वैदिक गणित की भूमिका पर विचार रखे।
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