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सीसीटीवी कैमरे में ‘गुनहगार’ क्यों नहीं हुए बेनकाब

Mon, 06 May 2019 03:35 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Mon, 06 May 2019 03:35 AM IST
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Why CCTV cameras are not 'guilty'
बच्चियों के साथ विमलचंद - फोटो : अमर उजाला
जागृति विहार में बच्चियों से दरिंदगी करने के दौरान हैवान विमल चंद के साथ सीसीटीवी कैमरे में दो महिलाएं और एक युवक भी दिखाई दे रहा है। लेकिन इन्हें पुलिस पांचवें दिन भी बेनकाब नहीं कर पाई है। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे है। लोगोें का कहना कि विमल चंद के साथ-साथ उन लोगों को भी बेनकाब करना चाहिए, जो इस हैवानियत में भागीदार थे। फुटेज में साफ दिख रहा है कि विमलचंद उन लोगों के सामने भी बच्चियां से दरिंदगी कर रहा है।
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मेडिकल थानाक्षेत्र के जागृति विहार में बच्चियों से दरिंदगी करने वाले हैवान विमलचंद के घिनौने कृत्य से पर्दा उठ गया है। पुलिस ने विमलचंद और उसको ब्लैकमेल करने वाले दो लोगों आशु कनौजिया और तुषार राणा को गिरफ्तार कर जेल भेजा। आरोपियों की घिनौनी करतूत सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से उजागर हुई है। इससे कोई नकार नहीं सकता। इस सीसीटीवी फुटेज में दो महिलाएं और एक युवक भी दिखाई दे रहे हैं, जो विमलचंद के घर पर मौजूद हैं। फुटेज में विमल चंद एक बच्ची के साथ मौजूद है तो एक महिला इस दौरान हैवान विमल से बात रही है। दूसरी फुटेज में महिला बेड पर बैठी है और विमल बच्चियों के साथ आपत्तिजनक स्थिति में है। तीसरी फुटेज में विमलचंद के साथ एक युवक बेड पर बैठा हुआ है। दोनों के बीच में तीन बच्चियां बैठी हैं।
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खामोशी के पीछे क्या राज?
इस सनसनीखेज खुलासे को पांच दिन बीत चुके हैं। लेकिन पुलिस फुटेज देखकर भी अपनी नींद नहीं तोड़ पाई। फुटेज में दिखने वालीं दोनों महिलाओं और एक युवक को पुलिस ढूंढ नहीं पाई। जबकि मुख्य आरोपी विमलचंद को जेल भेज चुकी है। सवाल उठता है कि पुलिस ने सख्ती से विमल चंद से पूछताछ क्यों नहीं की। विमलचंद के घर में बच्चियों के बीच बैठने वाले युवक और महिलाएं कौन हैं, इसकी जानकारी विमल को जरूर होगी। लेकिन पुलिस किसी का भी नाम नहीं पूछ सकी। इस मामले में पुलिस की खामोशी के पीछे क्या राज है, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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मेडिकल क्षेत्र की दोनों महिलाएं
हैवान विमल चंद के घर पर आने वाली दोनों महिलाएं मेडिकल क्षेत्र के दो अलग-अलग मोहल्ले में रहने वाली बताई गई है। इसकी जानकारी पुलिस को भी है। लेकिन सवाल उठता है कि आखिर पुलिस इन दोनों महिलाओं पर पुलिस की इतनी मेहरबानी क्यों है। वहीं, फुटेज में विमलचंद के साथ बच्चियों के बीच में बैठा उक्त युवक सिविल लाइन क्षेत्र के जेल चुंगी के पास एक मोहल्ले का बताया गया है। इसकी भी पुलिस को जानकारी लगी है, इसके बावजूद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी नहीं की।
दो बच्चियों के आज होंगे बयान
मेडिकल पुलिस ने बताया कि एक बच्ची के शनिवार को कोर्ट में बयान हो चुके हैं। जिसका अवलोकन होना बाकी है। वहीं, पीड़ित दो बच्चियों के आज (सोमवार) को बयान कराए जाएंगे। घटना के बारे दोनों पीड़िताएं बयान में बता चुकी हैं। सीडब्ल्यूसी के समक्ष बच्चियों की काउंसिलिंग कराई जा रही है। बच्चियां अभी डरी हुई हैं। पुलिस का कहना है कि बच्चियों के साथ दो महिला कांस्टेबल सादी वर्दी में हैं, ताकि बच्चियां उनके सामने खुलकर हैवान विमलचंद की सारी करतूत उजागर करे। एक बच्ची ने आरोपी की सारी घिनौनी हरकत महिला पुलिस और चाइल्ड लाइन के निदेशिका अनीता राणा को बताई है।
क्लीन चिट दी, गवाह तो बनाओ
पुलिस के मुताबिक आरोपी विमल चंद के घर पर एक किशोरी (17-18 उम्र) भी खाना बनाने के लिए आती थी। किशोरी ने पुलिस को बताया कि विमल चंद अपने मकान में बच्चियों से हैवानियत करता था, इसकी उसको जानकारी नहीं है। वह सिर्फ खाना बनाने आती थी। किशोरी का पीड़ित बच्चियों से आमना-सामना कराया गया। बच्चियों ने बताया कि दीदी उनको खाने का सामान देती थी। दीदी को पता था या नहीं, यह तो हमें भी नहीं पता। पुलिस ने इस किशोरी को क्लीन चिट दे दी है। लोगों का कहना है कि किशोरी को क्लीनचिट दी, इससे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन किशोरी को पुलिस गवाह तो बना सकती थी, लेकिन वो भी नहीं किया।

सभी आरोपी होंगे बेनकाब
पुलिस ने गहनता से पूछताछ के बाद आरोपी विमलचंद को जेल भेजा है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में जो लोग दिखाई दे रहे हैं, उनकी तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच समेत पुलिस की चार टीमें लगी हैं। सभी आरोपियों को समाज के सामने बेनकाब किया जाएगा। -नितिन तिवारी, एसएसपी
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