फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Police filed a complaint against Joa

पुलिस पर रौब जमाकर केस दर्ज कराती थी जोया

Sat, 06 Apr 2019 03:44 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Sat, 06 Apr 2019 03:44 AM IST
विज्ञापन
Police filed a complaint against Joa
एफआईआर
 फर्जी आईएफएस अधिकारी जोया खान के कारनामों की परत-दर-परत खुलने लगी हैं। पुलिस अफसरों पर रौब जमाकर जोया मुकदमे दर्ज कराती थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद छह जनपदों की पुलिस जांच में जुट गई है। साथ ही जोया के दबाव में दर्ज मुकदमों की दोबारा से जांच करने की बात कहीं है। बताया गया है कि जोया का मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद में ज्यादा आना-जाना रहता था।
विज्ञापन

नोएडा पुलिस ने जोया खान व उसके पति हर्ष प्रताप सिंह को जेल भेज दिया है। जोया ने पूछताछ में बताया है कि मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, अलीगढ़ और गुरुग्राम जिले की पुलिस से उसने वीआईपी सुविधा ली थीं। जांच में सामने आया कि जोया ने कई थानों में खुद को आईएफएस बताकर फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। मेरठ में सदर बाजार थाने में जोया की बहन की शिकायत पर पड़ोसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। जोया पुलिस अधिकारियों पर अपना रौब जमाती थी। इसके चलते थानों में उसकी कॉल करते ही रिपोर्ट दर्ज हो जाती थी। पुलिस ने इसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी। नोएडा पुलिस ने जोया की सारी रिपोर्ट पांच जनपदों को भेजी है, ताकि वह भी जांच कर सके।
विज्ञापन

पति पीए बनकर करता था बात
जोया अपने पति हर्ष प्रताप सिंह को अपना पीए बताती थी। उसका नाम अनिल शर्मा बताती थी। अनिल पुलिस अधिकारियों को फोन करता था। बोलता था कि संयुक्त राष्ट्र, सुरक्षा परिषद हेतु सिक्योरिटी चीफ व प्रमुख सचिव मैडम जोया खान बात करेंगी। इतना सुनते ही पुलिस अधिकारी हैरान हो जाते थे। इसी नाम से एसएसपी को ई-मेल भी भेजती थी। खुद को संयुक्त सचिव, विदेश मंत्रालय और यूनाईटेड नेशन आर्गनाईजेशन काउंसिल, वाशिंगटन डीसी भी बताया करती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली-एनसीआर में थे कई ठिकाने
पुलिस के मुताबिक जोया खान के दिल्ली-एनसीआर में कई ठिकाने थे। कई फ्लैट जोया ने किराये पर ले रखे हैं। दिल्ली-एनसीआर में जोया के कई गोरखधंधे भी बताए गए हैं। उसकी पुलिस जांच करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जोया और उसके पति के बहुत महंगे खर्च थे। वह कैसे पूरे होते थे, इसकी जांच करना भी बेहद जरूरी है।
एफएसएल में होगी लैपटॉप की जांच
पुलिस ने जोया खान के फ्लैट से दो महंगे लैपटॉप बरामद किए हैं। जिससे जोया ने अफगानिस्तान समेत कई देशों में संदेश भेजे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दोनों लैपटॉप सील किये है। उनको फोरेंसिक लैब में भेजकर जांच कराई जाएगी।

जोया की कोठी में पुलिस का एस्कॉर्ट रूम   
मेरठ।
फर्जी आईएफएस जोया खान की आलीशान कोठी मेरठ कैंट स्थित तिवारी कंपाउंड में है। जहां पर उसकी फैमिली भी रहती है। जोया खान की कोठी में पुलिस का एस्कॉर्ट रूम बना है, जिसमें पुलिस अक्सर आराम किया करती थी। आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के बंगले की तरह ही जोया की कोठी पर पुलिस का पहरा होता था। जोया के फर्जीवाडे़ में उसका परिवार भी गुनहगार है। पुलिस मानती कि बेटी के आगे-पीछे पुलिस घूम रही है। लेकिन कभी क्या परिवार ने पूछा नहीं कि आखिर उसको कौन सा अधिकार है।
कोठी में वीआईपी अंदाज
एस्कॉर्ट में चलने वाले पुलिसकर्मी कहते हैं कि जोया की कोठी में सारे वीआईपी अंदाज थे। जोया से कौन मिलने जाएगा, पुलिस को क्या करना है और खाने-पीने की क्या व्यवस्था है, इनकी अलग-अलग व्यवस्था बनाने के लिए कोठी में नौकर लगे थे। जोया की नीली बत्ती लगी एसयूवी गाड़ी जैसे ही कोठी में आती थी, तुरंत पुलिस की एक गाड़ी वहां लग जाती थी। पुलिस कर्मी उसको हमेशा प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी में प्रमुख सचिव समझकर सेल्यूट करते थे।
क्लीनिक नहीं पहुंचा पिता
जोया का पिता डॉ. अयूब खान का लालकुर्ती बड़ा बाजार में खान क्लीनिक है। लोगों ने डॉ. खान की लालकुर्ती इलाके में आम शोहरत अच्छी बताई है। बेटी जोया की गिरफ्तारी के बाद तीन दिन से अयूब अपने क्लीनिक पर नहीं पहुंचा। कंपाउंडर सलीम ने बताया है कि डॉ. खान से तीन दिन से संपर्क नहीं हुआ है। जोया को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं। तीन दिन से कोठी में भी सन्नाटा पसरा है। पुलिस शुक्रवार को जोया की कोठी पर पहुंची थी। लेकिन वहां कोई नहीं मिला।


बेटी ने मुझे भी धोखा दिया  
मेरठ।
नोएडा में जोया खान की गिरफ्तारी का पता लगते ही उसके पिता डॉ. अयूब खान वहां पहुंच गए थे। नोएडा पुलिस ने डॉ. खान से पूछताछ की। पुुलिस के मुताबिक डॉ. खान ने बताया कि बेटी जोया खुद को अधिकारी बताती रही। पुलिस की सुविधा देखकर मुझे यकीन भी आ गया था। बेटी ने मुझे भी धोखा में रखा। जोया की शादी होने की जानकारी भी मुझे नहीं थी। हर्षप्रताप सिंह को बेटी जोया का पीए समझता था। वह हमेशा मेरठ में उसके साथ आता था। बेटी की गिरफ्तारी से जेल भेजने तक डॉ. खान नोएडा में रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed