हत्याकांड का खुलासा: दबोचा गया इनामी शूटर, दो भाइयों की हत्या में गवाह था असबाब
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मुजफ्फरनगर में खतौली के असबाब हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने 25 हजार के इनामी शूटर को आला-ए-कत्ल रिवाल्वर के साथ गिरफ्तार किया है। हत्यारोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने दावा किया है कि मुजफ्फरनगर दंगे में दो भाइयों की हत्या के मामले में हत्यारोपियों से रुपये लेने के बावजूद फैसला नहीं करने के चलते असबाब की हत्या की गई थी। इस मामले में कुख्यात सुशील मूंछ के बेटे टोनी समेत सात लोगों के नाम सामने आए हैं। अन्य सभी आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में शनिवार को प्रेसवार्ता करते हुए एसएसपी सुधीर कुमार सिंह व एसपी सिटी सतपाल अंतिल ने बताया कि मंसूरपुर क्षेत्र के गांव खेड़ी तगान निवासी असबाब उर्फ वहाब पुत्र अख्तर की 11 मार्च की देर रात खतौली में इंदिरा मूर्ति के पास स्थित दूध डेयरी पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। पिता अख्तर ने अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एसएसपी ने बताया कि खतौली इंस्पेक्टर हरसरण शर्मा ने शुक्रवार देर रात 25 हजार के इनामी वासु उर्फ उत्तम चौधरी उर्फ दीपक पुत्र राजकुमार चौधरी, निवासी डेरा इलाहीपुरा जनपद सहारनपुर को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से असबाब की हत्या में प्रयुक्त .38 बोर का रिवाल्वर व बाइक भी बरामद की गई। एसएसपी के शब्दों में सांप्रदायिक दंगे के दौरान नौ सितंबर 2013 को असबाब के दो भाइयों शाहिद व शबाब की हत्या कर दी गई थी, जिसके मुकदमे में अब असबाब की गवाही होनी थी। दोनों भाइयों की हत्या में भोलू उर्फ अमरदीप, श्रीकांत उर्फ बल्लू, सहदेव, अजीत व मोंटी सभी गांव मथेड़ी निवासी के नाम जांच के दौरान प्रकाश में आए थे, जिनके खिलाफ कोर्ट में वाद विचाराधीन है, जिसमें अब असबाब की गवाही होनी थी।
पुलिस का दावा है कि इससे पहले ही असबाब की अधिवक्ता के माध्यम से हत्यारोपी पक्ष से वार्ता हुई, जिसमें समझौते के नाम पर उनसे रुपये ले लिए गए, लेकिन शपथपत्र कोर्ट में दाखिल नहीं किए गए। जब इस संबंध में असबाब पर दबाव बनाया गया तो उसने संबंधित अधिवक्ता ही बदल दिया। इसके चलते हत्यारोपी पक्ष ने असबाब की हत्या की साजिश रची।
बता दें कि 11 मार्च को दीपक ने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर असबाब की खतौली में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। असबाब की हत्या में भी उसके भाइयों के पांच हत्यारोपियों के साथ ही वासु उर्फ उत्तम उर्फ दीपक के साथ ही साजिशकर्ता के रूप में मनजीत उर्फ टोनी पुत्र सुशील मूंछ का भी नाम सामने आया है। अन्य सभी हत्यारोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। बताया कि दीपक हाल में काफी समय से सुशील मूंछ के यहां रह रहा था।
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