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मुसाफिरों को लूटने वाले गिरोह का भंडाफोड़
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sun, 04 Sep 2016 01:52 AM IST
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मुसाफिरों को लूटने वाले गैंग के बारे में जानकारी देते एसपी सिंटी
- फोटो : अमर उजाला
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प्राइवेट बस में मुसाफिरों को लूटने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोपियों ने दर्जनों लूट की वारदात कबूली हैं। उनसे लूटा हुआ सामान भी बरामद हुआ है।
एसपी सिटी ओपी यादव ने शनिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि पुलिस ने तीन आरोपी गुलाब पुत्र यामीन, नासिर उर्फ जंगी पुत्र साबिर निवासी काशी परतापुर और अजमल पुत्र असलम निवासी गुड़ मंडी परीक्षितगढ़ को पकड़ा है। तीनों आरोपियों ने एक सितंबर को नोएडा से मेरठ आने वाली प्राइवेट बस में अभिषेक छाबड़ा निवासी देवीनगर सूरजकुंड के साथ लूटपाट की थी। बस के हेल्पर अजमल ने अभिषेक को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया था। भैसाली बस अड्डे पर यात्रियों के बस से उतने के बाद ड्राइवर गुलाब व परिचालक नासिर ने उसके साथ लूटपाट की। वारदात करने के बाद आरोपियों ने अभिषेक को भैसाली बस अड्डे के पास बस से नीचे फेंक दिया। जिसके चलते उसको गंभीर चोट भी आई।
अकेला यात्री होता था टारगेट
पुलिस के मुताबिक ड्राइवर, परिचालक और हेल्पर का गैंग बस में अकेले यात्री को निशाना बनाता था। पहले हेल्पर यात्री के पास बैठा जाता था और उसे रुमाल सुंघाकर बेहोश कर देता था। बस स्टैंड पर बस में सवार यात्रियों को उतारने के बाद बेहोश यात्री से लूटपाट की जाती। इस गिरोह को कुछ लोग जहर खुरानी गिरोह भी कहते हैं।
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एटीएम से भी निकलवाए पैसे
आरोपी बेहोशी की हालत में अभिषेक को एटीएम मशीन के बूथ पर ले गए। जहां अभिषेक से 20 हजार रुपये निकलवाए। उसके बाद आरोपियों ने अभिषेक से मारपीट करते हुए उसका लैपटॉप, नकदी और अन्य सामान भी छीन लिया। पुलिस ने आरोपियों से 2500 रुपये नकदी, लैपटॉप, पहचान पत्र और एटीएम कार्ड भी बरामद किया है।
ऐसे पकड़े आरोपी
आरोपियों तक पुलिस का पहुंचना चुनौती था। क्योंकि आरोपी कोई सुबूत नहीं छोड़ते थे। पुलिस को भी बस ड्राइवर, परिचालक और हेल्पर पर कभी शक नहीं होता था। अभिषेक ने परतापुर पुलिस को इसके बारे में बताया। जिसके बाद पुलिस ने प्राइवेट बस ड्राइवर की जांच पड़ताल शुरू कर दी। शुक्रवार का परतापुर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्राइवेट बस से सावधान
यह गिरोह अक्सर शाम ढलने या फिर रात में वारदात को अंजाम देता था। पुलिस ने कहा कि रात के समय अकेले यात्री को प्राइवेट बस में यात्रा नहीं करनी चाहिए। मजबूरी में अगर बस में बैठना भी पड़ जाए तो वह काफी सावधानी बरते। उसके बगल में कोई युवक बैठता है कि उससे खुद को बचाकर रखें। क्योंकि वह आपका बेहोश करके लूटपाट कर सकता है।
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एसपी सिटी ओपी यादव ने शनिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि पुलिस ने तीन आरोपी गुलाब पुत्र यामीन, नासिर उर्फ जंगी पुत्र साबिर निवासी काशी परतापुर और अजमल पुत्र असलम निवासी गुड़ मंडी परीक्षितगढ़ को पकड़ा है। तीनों आरोपियों ने एक सितंबर को नोएडा से मेरठ आने वाली प्राइवेट बस में अभिषेक छाबड़ा निवासी देवीनगर सूरजकुंड के साथ लूटपाट की थी। बस के हेल्पर अजमल ने अभिषेक को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया था। भैसाली बस अड्डे पर यात्रियों के बस से उतने के बाद ड्राइवर गुलाब व परिचालक नासिर ने उसके साथ लूटपाट की। वारदात करने के बाद आरोपियों ने अभिषेक को भैसाली बस अड्डे के पास बस से नीचे फेंक दिया। जिसके चलते उसको गंभीर चोट भी आई।
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अकेला यात्री होता था टारगेट
पुलिस के मुताबिक ड्राइवर, परिचालक और हेल्पर का गैंग बस में अकेले यात्री को निशाना बनाता था। पहले हेल्पर यात्री के पास बैठा जाता था और उसे रुमाल सुंघाकर बेहोश कर देता था। बस स्टैंड पर बस में सवार यात्रियों को उतारने के बाद बेहोश यात्री से लूटपाट की जाती। इस गिरोह को कुछ लोग जहर खुरानी गिरोह भी कहते हैं।
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एटीएम से भी निकलवाए पैसे
आरोपी बेहोशी की हालत में अभिषेक को एटीएम मशीन के बूथ पर ले गए। जहां अभिषेक से 20 हजार रुपये निकलवाए। उसके बाद आरोपियों ने अभिषेक से मारपीट करते हुए उसका लैपटॉप, नकदी और अन्य सामान भी छीन लिया। पुलिस ने आरोपियों से 2500 रुपये नकदी, लैपटॉप, पहचान पत्र और एटीएम कार्ड भी बरामद किया है।
ऐसे पकड़े आरोपी
आरोपियों तक पुलिस का पहुंचना चुनौती था। क्योंकि आरोपी कोई सुबूत नहीं छोड़ते थे। पुलिस को भी बस ड्राइवर, परिचालक और हेल्पर पर कभी शक नहीं होता था। अभिषेक ने परतापुर पुलिस को इसके बारे में बताया। जिसके बाद पुलिस ने प्राइवेट बस ड्राइवर की जांच पड़ताल शुरू कर दी। शुक्रवार का परतापुर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्राइवेट बस से सावधान
यह गिरोह अक्सर शाम ढलने या फिर रात में वारदात को अंजाम देता था। पुलिस ने कहा कि रात के समय अकेले यात्री को प्राइवेट बस में यात्रा नहीं करनी चाहिए। मजबूरी में अगर बस में बैठना भी पड़ जाए तो वह काफी सावधानी बरते। उसके बगल में कोई युवक बैठता है कि उससे खुद को बचाकर रखें। क्योंकि वह आपका बेहोश करके लूटपाट कर सकता है।