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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Murder case: Bajrang Dal worker's dead body found in gang nahar at Meerut

यूपी: गंगनहर में मिला बजरंग दल के कार्यकर्ता का शव, गांव में तनाव, पुलिसफोर्स तैनात

Fri, 07 Jun 2019 03:15 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 07 Jun 2019 03:15 PM IST
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Murder case: Bajrang Dal worker's dead body found in gang nahar at Meerut
एसएसपी से बात करते पीड़ित परिजन - फोटो : अमर उजाला

बजरंग दल के कार्यकर्ता अंकित त्यागी का शव शुक्रवार को रोहटा क्षेत्र में गंगनहर में डूंगर गांव के पास मिला। तीन जून को अपहरण के बाद युवक की हत्या की थी। अंकित त्यागी परतापुर क्षेत्र के चंद सारा गांव का रहने वाला था। अंकित का शव आरोपियों की निशानदेही पर मिला है। उधर, गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिसफोर्स तैनात है।

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इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। वहीं शव का पोस्टमार्टम करने के दौरान पोस्टमार्टम हाउस पर पुलिस फोर्स लगाई गई। इसके अलावा मृतक के गांव में भी फोर्स लगाई गई। बताया गया कि तीनों आरोपी दूसरे समुदाय के होने के चलते पुलिस ने आरएएफ भी लगाई है।
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ये था पूरा मामला
सुपरवाइजर व बजरंग दल के कार्यकर्ता अंकित त्यागी की हत्या में कंपनी के ही कर्मचारी जान के दुश्मन बन गये। पुलिस के अनुसार जीजा-साले ने मिलकर सुपरवाइजर की हत्या की प्लानिंग बनाई थी। इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए कांशी गांव निवासी झोलाछाप डॉक्टर का भी सहारा लिया गया। 

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इंस्पेक्टर परतापुर तपेश्वर सागर के अनुसार जेएसबी इंटरप्राइजेज मोबाइल टावर कंपनी है। इस कंपनी में महराज निवासी कांशी परतापुर भी नौकरी करता था। शिकायत पर कंपनी के उच्चाधिकारियों ने महराज के साले बबलू निवासी ईकड़ी को नौकरी से निकाल दिया था। बबलू के नौकरी से बाहर होने के बाद ही अंकित की नौकरी लगी थी और वह सुपरवाइजर का काम देखता था।

सुपरवाइजर ने अन्य कर्मचारियों पर निगाह बढ़ा दी थी। चोरी और अन्य काम बंद करा दिए थे। महराज जहां अपने साले के नौकरी से निकलने पर परेशान था, वहीं उसका चोरी का काम भी बंद हो गया था। इंस्पेक्टर परतापुर ने बताया कि इसके बाद महराज ने अपने साले के साथ मिलकर 15 दिन पहले प्लानिंग बनाई कि अंकित को ठिकाने लगाना है। लेकिन वे डरते थे कि दबंग किस्म का होने के चलते अंकित को काबू करना आसान नहीं है।

पुलिस का कहना है कि तीन जून को अंकित को अचानक दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद कांशी निवासी महराज ने अपने ही गांव के झोलाछाप डॉक्टर इरफान को बुलाया। पहले से ही प्लानिंग थी कि नशीला इंजेक्शन लगाना है। तीन जून की शाम जब अंधेरा हो गया तो इरफान ने अंकित की गर्दन के पास नशीला इंजेक्शन लगा दिया। उसके बाद बेहोश होने पर चाकू से गला काट दिया। शव को बोरे में बंद कर महिंद्रा पिकअप गाड़ी से ले जाकर गंगनहर में फेंक दिया था।

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