बड़ा खुलासा: इंस्पेक्टर की हत्या करने दिल्ली से आए थे बदमाश, तिलकराज की थ्योरी में उलझी पुलिस
एसीपी का देहरादून आना जाना है, इसलिए कुख्यात नायडू मेरठ में अपना नेटवर्क खड़ा करना चाहता था। इसके लिए मेरठ में एक इंस्पेक्टर की हत्या कर वह बदमाशों को अपने गैंग में जोड़ना चाहता था। इंस्पेक्टर को मारने से मना करने पर सरगना ने साथी बदमाश चाचा-भतीजे पर गोली चला दी। इसमें भतीजे की मौत हो गई। आगे देखें कैसे बदमाशों में चली ताबड़तोड़ गोलियां: -
आरोप है कि इंस्पेक्टर ने दीपू और उसकी पत्नी को थाने में थप्पड़ मार दिया। इंस्पेक्टर ने थाने में पुलिस से भी अभद्रता की। थप्पड़ मारने की जानकारी दीपू के दोस्त रविंद्र भूरा को लगी। रविंद्र ने यह बात प्रापर्टी डीलर ऋतुराज चौधरी निवासी पावली खुर्द को बताई।
ऋतुराज की दोस्ती दिल्ली के अपराधी शक्ति नायडू से थी। शक्ति नायडू का टारगेट दिल्ली की स्पेशल सेल के एएसपी थे। वह गिरोह के सदस्यों की संख्या बढ़ाने में लगा था।
ऋतुराज के बुलावे पर गुरुवार को शक्ति नायडू अपने साथी तिलकराज व उसके भतीजे हनी लोहिया (25) पुत्र मुकेश लोहिया निवासी छतरपुर दिल्ली को लेकर ईको स्पोर्ट्स गाड़ी से शाम 5:45 बजे मेरठ पहुंचा।
तीनों की ऋतुराज के घर पर मीटिंग हुई। वहां पर रविंद्र भूरा भी मौजूद था। एएसपी की हत्या से पहले वैष्णो धाम में रहने वाले इंस्पेक्टर को मारने की शर्त रखी गई। शक्ति ने शर्त मान ली और रात में हत्या करने का प्लान बनाया।
इंस्पेक्टर की रेकी करने के लिए बदमाश वैष्णो धाम में दीपू के मकान पर भी गए। उसके बाद खिर्वा रोड स्थित पावली खुर्द गांव के पास खड़े थे। पुलिस के मुताबिक, इंस्पेक्टर की हत्या में हनी और तिलकराज शामिल नहीं होना चाहते थे।
हनी और तिलकराज ईको स्पोर्ट्स गाड़ी में व अन्य बदमाश क्रेटा गाड़ी में बैठे थे। चाचा भतीजे ने इंस्पेक्टर को मारने से इनकार कर दिया। इस पर शक्ति, भूरा और ऋतुराज ने उन पर गोली चला दी। इससे भतीजे हनी की मौत हो गई। चाचा तिलकराज घायल हैं। उसके बाद बदमाश भाग गए।
ऋतुराज को भी पकड़ा
पुलिस ने तिलकराज से पूछताछ के बाद ऋतुराज को हिरासत में लिया। मौके से एक दो पिस्टल भी बरामद कीं। घायल तिलकराज ने कहा कि शक्ति नायडू दिल्ली के एसीपी की हत्या करना चाहता है। शक्ति के साथ मिलकर तिलकराज और हनी ने छह साल पहले शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंदरा से आठ करोड़ की लूट की थी। उन्होंने दिल्ली और जयपुर में कई लूट की वारदात कीं हैं। हनी और तिलकराज पर दिल्ली और जयपुर में कई मुकदमे दर्ज हैं। दोनों वांटेड हैं।
क्राइमसीन और तिलकराज की थ्योरी में उलझी पुलिस
एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह, सीओ दौराला जितेंद्र सरगम और इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा ने पुलिस फोर्स के साथ शुक्रवार को घटनास्थल पर क्राइमसीन किया। इस दौरान गोली लगने से घायल तिलकराज की थ्योरी में पुलिस उलझ गई। हनी का शव ईको स्पोर्ट्स गाड़ी से करीब 500 मीटर दूर मिला है।
यह घटना करीब आठ बजे की बताई। जबकि तिलकराज कैलाशी हॉस्पिटल में 9:30 बजे भर्ती हुआ। घटनास्थल से अस्पताल की दूरी तीन किमी बताई गई। तिलकराज को तीन गोली लगी हैं। वह गाड़ी छोड़कर एक राहगीर की बाइक से अस्पताल आया, जबकि गाड़ी स्टार्ट हालत में थी। इसको लेकर पुलिस ने तिलकराज और ऋतुराज से पूछताछ की।
तिलकराज ने बताया कि हनी ड्राइविंग सीट पर और वह बगल वाली सीट पर था। इंस्पेक्टर की हत्या में साथ चलने के लिए दोनों से इनकार कर दिया था। इस पर शक्ति नायडू, ऋतुराज, रविंद्र भूरा ने गोलियां बरसा दीं। हनी ने गाड़ी दौड़ा दी। कुछ दूर जाकर हनी गाड़ी से गिर गया।
आरोपी उन्हें मरा समझकर चले गए। उसके बाद वह अस्पताल में पहुंचा। सवाल उठता है कि हनी को मारने के बाद तिलकराज को बदमाशों ने क्यों छोड़ दिया। यह सवाल पुलिस को परेशान कर रहा है। पुलिस का दावा कि ऋतुराज ने भी तिलकराज की थ्योरी को सही बताया। हनी के भाई सचिन का कहना कि तिलकराज उसके भाई की हत्या नहीं कर सकता। नायडू ने ही दोनों को गोली मारी है।