मुठभेड़: 25 हजार के इनामी सहित चार बदमाश दबोचे, देना चाहते थे बड़ी वारदात को अंजाम
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एसटीएफ की गौतमबुद्धनगर यूनिट एवं कुतुबशेर थाना पुलिस ने अंबाला रोड स्थित भैरों मंदिर के निकट से मुठभेड़ के दौरान छयमार गिरोह के 25 हजार रुपए के इनामी तौहीद और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सहारनपुर में ट्रेन लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
गौतमबुद्धनगर की एसटीएफ यूनिट को सहारनपुर में कच्छा बनियानधारी छयमार गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी। एसटीएफ के सीओ विनोद सिरोही एवं एसपी सिटी सहारनपुर विनीत भटनागर ने बताया कि एसटीएफ यूनिट के इनपुट के बाद संयुक्त कार्रवाई करते हुए शुक्रवार रात लगभग सवा 11 बजे अंबाला रोड पर भैरों मंदिर के पास रेलवे लाइन पर आरोपियों को घेर लिया। आरोपियों ने फायरिंग कर भागने का प्रयास किया, जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार लोगों को दबोच लिया।
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया गिरफ्तार आरोपियों में दिलवाला उर्फ गोखड़ा उर्फ दिलशाद, राजमियां उर्फ नुन्ना उर्फ जुर्राट अजगर निवासी ग्राम हमीरपुर थाना भोजपुर (मुरादाबाद), तोहीद उर्फ गोपाला निवासी ग्राम मिलक थाना भोजपुर (मुरादाबाद) और नौशाद निवासी ग्राम सैदपुर थाना गंगोह (सहारनपुर) शामिल हैं। आरोपियों के पास से दो तमंचे, कारतूस, दो चाकू बरामद हुए हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी सहारनपुर में रेलवे लाइन के निकट किसी ट्रेन में लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। जिन्हें वारदात करने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में तौहीद उर्फ गोपाला गाजियाबाद के थाना मुरादनगर से 25000 रुपए का इनामी है।
दिलवाला ने डाली थी बड़गांव में डकैती
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दिलवाला उर्फ गोखड़ा उर्फ दिलशाद ने बड़गांव के ग्राम खुदाबक्शपुर में अगस्त 2003 में डकैती डाली थी। जिसमें विरोध करने पर उसने एक महिला और एक लड़के की सरियों से पीटकर हत्या कर दी थी। दिलशाद तभी से फरार चल रहा था, जबकि उसके अन्य साथी गिरफ्तार हो गए थे।
तौहीद का पिता एवं चाचा पर भी हैं आपराधिक घटनाओं के आरोप
तौहीद का पिता जुल्फान उर्फ पतला उर्फ साजिद ने भी सहारनपुर में लगभग बीस साल पहले आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया था। बाद में पकड़ा गया। लेकिन बाद में पेशी पर ले जाते समय फरार हो गया था। जबकि उसके दो चाचा लूट, हत्या के मामले में प्रतापगढ़ में पकड़े गए थे। जिन्हें फांसी की सजा हो चुकी थी। यही नहीं नौशाद का पिता फैंडा भी जेल में है।
पहले हमला करते हैं, फिर लूट की वारदात
एसटीएफ के सीओ विनोद सिरोही ने बताया कि कच्छा बनियानधारी गिरोह ही छयमार गिरोह है। यह गिरोह किसी भी वारदात को अंजाम देने से पहले वहां मौजूद लोगों पर हमला करता है। जिसमें कई बार लोगों की मौत भी हो जाती है। गिरोह ऐसा इसलिए करता है, जिससे कोई विरोध न कर सके। कई बार विरोध न करने के बावजूद लूट से पहले हमला कर घायल कर देते हैं। अपने साथ कोई सरिया अथवा अन्य बड़ा हथियार लेकर नहीं चलते, बल्कि वारदात करने वाले स्थान के आसपास से ही डंडा, सरिया अथवा पत्थर लेकर हमला करते हैं।
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