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डॉ. विशाल आर्य की जमानत अर्जी खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 18 Dec 2015 01:31 AM IST
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चर्चित डॉ. शालिनी आर्य हत्याकांड के मामले में आरोपी पति डॉ. विशाल को कोर्ट से झटका लगा है। उनकी जमानत याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी गई।
30 अगस्त की रात डॉ. शालिनी आर्य को उनके पति डॉ. विशाल आर्य ने तबियत खराब होने की बात कर अस्पताल में भर्ती कराया था। शालिनी आर्य की 1 सितंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि पति डॉ. विशाल और उनकी मां वीना आर्य ने शालिनी को जहर का इंजेक्शन दिया है।
जिसके कारण उनकी मौत हुई। शालिनी के पिता राकेश कोड़ा की तहरीर पर सदर थाने में डॉ. विशाल और बीना आर्य के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विशाल को जेल भेज दिया था। डॉ. शालिनी आर्य की विसरा रिपोर्ट में साफ हुआ कि उनकी मौत सल्फास खाने से हुई थी। पुलिस ने मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी चार्जशीट में खेल कर दिया और हत्या के बजाए आत्महत्या की धारा में चार्जशीट दाखिल की थी। सीजेएम कोर्ट ने पहले ही विशाल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
इसके बाद विशाल ने जिला जज कोर्ट में अर्जी दी थी। जिला जज ने मामले को अपर जिला जज स्पेशल एससीएसटी विनय द्विवेदी की अदालत में भेज दिया था। विनय द्विवेदी ने बृहस्पतिवार को सुनवाई की। बहस के दौरान जमानत प्रार्थनापत्र का विरोध अधिवक्ता देवकी नंदन शर्मा व हर्ष चौधरी ने किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी।
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पुलिस की मंशा पर सवाल
पुलिस डॉ. शालिनी आर्य हत्याकांड में ढिलाई बरत रही है। यही वजह है कि घटना के तीन माह बाद भी सास वीना आर्य की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं कुर्की नोटिस का समय समाप्त होने के बाद पुलिस ने कुर्की की कानूनी प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। इससे पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
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30 अगस्त की रात डॉ. शालिनी आर्य को उनके पति डॉ. विशाल आर्य ने तबियत खराब होने की बात कर अस्पताल में भर्ती कराया था। शालिनी आर्य की 1 सितंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि पति डॉ. विशाल और उनकी मां वीना आर्य ने शालिनी को जहर का इंजेक्शन दिया है।
जिसके कारण उनकी मौत हुई। शालिनी के पिता राकेश कोड़ा की तहरीर पर सदर थाने में डॉ. विशाल और बीना आर्य के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विशाल को जेल भेज दिया था। डॉ. शालिनी आर्य की विसरा रिपोर्ट में साफ हुआ कि उनकी मौत सल्फास खाने से हुई थी। पुलिस ने मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी चार्जशीट में खेल कर दिया और हत्या के बजाए आत्महत्या की धारा में चार्जशीट दाखिल की थी। सीजेएम कोर्ट ने पहले ही विशाल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
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इसके बाद विशाल ने जिला जज कोर्ट में अर्जी दी थी। जिला जज ने मामले को अपर जिला जज स्पेशल एससीएसटी विनय द्विवेदी की अदालत में भेज दिया था। विनय द्विवेदी ने बृहस्पतिवार को सुनवाई की। बहस के दौरान जमानत प्रार्थनापत्र का विरोध अधिवक्ता देवकी नंदन शर्मा व हर्ष चौधरी ने किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी।
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पुलिस की मंशा पर सवाल
पुलिस डॉ. शालिनी आर्य हत्याकांड में ढिलाई बरत रही है। यही वजह है कि घटना के तीन माह बाद भी सास वीना आर्य की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं कुर्की नोटिस का समय समाप्त होने के बाद पुलिस ने कुर्की की कानूनी प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। इससे पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।