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'दहेज में कार न मिलने पर ससुरालियों ने युवती को जिंदा जलाया'
Fri, 20 Jan 2017 10:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Fri, 20 Jan 2017 10:41 AM IST
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हत्या के बाद लोगों की भीड़
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बालैनी के हरियाखेड़ा गांव में विवाहिता आशा (24) का शव कमरे में झुलसा हुआ मिला। मायके वालों का आरोप है कि संतान न होने और दहेज में कार न लाने पर ससुरालियों ने उसे जिंदा जलाया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मायकेवालों ने ससुरालियों के खिलाफ तहरीर दी है।
पड़ोस के लोगों ने कमरे की खिड़की तोड़कर देखा
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जांच करती पुलिस
हापुड़ के गांव बागड़पुर निवासी आशा की शादी तीन साल पूर्व बालैनी क्षेत्र के हरियाखेड़ा गांव के राहुल से हुई थी। गुरुवार सुबह राहुल के बंद कमरे में धुआं उठ रहा था। घर में कोई नहीं था। पड़ोस के लोगों ने कमरे की खिड़की तोड़कर देखा तो आशा बिस्तर में झुलसी हुई हालत में मृत पड़ी थी। उन्होंने आशा के मायके वालों और पुलिस को फोन पर जानकारी दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नायब तहसीलदार ने भी मौका मुआयना किया। आशा के परिजन भी पहुंच गए।
मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाकर की हत्या
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ग्रामीणों से जानकारी लेते पुलिसकर्मी
मृतका के भाई मोहित का कहना है कि ससुराल वाले आए दिन आशा से दहेज की मांग करते थे। उसका शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। विवाह के तीन साल बाद भी संतान न होने पर उसे ताने भी मारे जाते थे। इसी कारण ससुरालियों ने बुधवार रात उसकी मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाकर हत्या की है। बाद में वे घर से फरार हो गए। उन्होंने बालैनी थाने में पति राहुल, सास सत्यवती और ससुर मदन के खिलाफ तहरीर दी। बालैनी थानाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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भतीजे के नामकरण में नहीं भेजी थी आशा
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गाड़ी में सामान ले जाते पुलिसकर्मी
परिजनों का कहना है कि आशा के भाई के यहां बेटा हुआ था। उसके नामकरण पर आयोजित कार्यक्रम में आशा को ले जाने के लिए मंगलवार को उसका भाई आया था। ससुरालियों ने उसे भेजने से इंकार कर दिया था। उन्होंने कह दिया था कि तीन-चार दिन बाद वे खुद उसे लेकर आएंगे।
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