फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Builders fired bullets on housing development officials

बिल्डरों ने आवास विकास के अधिकारियों पर बरसाई गोलियां, बवाल

Wed, 21 Jun 2017 11:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 21 Jun 2017 11:22 AM IST
विज्ञापन
Builders fired bullets on housing development officials
अधिकारियों पर फायरिंग
बिल्डर ने अवैध तरीके से आवास-विकास परिषद की जमीन कब्जाने की कोशिश की। विरोध करने पर बिल्डर और उसके साथियों ने आवास विकास के अधिकारियों के साथ मारपीट कर उन पर फायरिंग कर दी। मेडिकल पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं।
विज्ञापन


मेरठ में आवास विकास परिषद की जागृति विहार सेक्टर सात के पास 1500 मीटर जमीन खाली पड़ी है। आरोप है बिल्डर तपेशपाल सिंह ढाका और संजय शर्मा इस जमीन को अपनी बताते हैं। सोमवार को दोनों अपने साथ एक दर्जन लोगों को लेकर पहुंचे और जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करते हुए निर्माण कार्य के लिए नींव खोद दी। सूचना पर परिषद के एई देवेंद्र सिंह और जेई योगेंद्र वर्मा भी टीम के साथ पहुंच गये। परिषद के अधिकारियों ने कहा कि यह आवास विकास की सरकारी जमीन है। आरोप है कि बिल्डर और उनके साथ अन्य लोगों ने अधिकारियों के साथ हाथापाई कर दौड़ा लिया और जान से मारने की नीयत से लाइसेंसी रायफल से फायरिंग कर दी। आवास विकास के अधिकारियों ने इसकी सूचना अधीक्षण अभियंता और डीएम को दी।
विज्ञापन

जेई ने पीछे खींचे हाथ

Builders fired bullets on housing development officials
बिल्डरों ने की फायरिंग

आरोप है कि मंगलवार को फिर से निर्माण कार्य शुरू करने बिल्डर पहुंच गये। जिसके बाद आवास विकास के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। एई देवेंद्र सिंह ने घटना की मेडिकल थाने में तहरीर दी है। एसओ मेडिकल मोहम्मद असलम ने बताया कि बिल्डर तपेशपाल ढाका और संजय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों बिल्डर समेत दस लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला, मारपीट, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा और लोकसंपत्ति निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिस जमीन को कब्जाने की कोशिश की गई है, वह जेई योगेंद्र वर्मा के क्षेत्र का मामला है। लेकिन फायरिंग और धमकी मिलने के बाद जेई ने कार्रवाई से हाथ खींच लिए। अवैध निर्माण को लेकर जब अधिकारियों की गर्दन फंसने लगी तो एई की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed