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अपराध नियंत्रण के साथ आत्मविश्वास की मंजिल
Updated Mon, 30 Apr 2018 02:48 AM IST
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मेरठ। एसएसपी मंजिल सैनी का मेरठ में करीब दस माह का कार्यकाल रहा। इस दौरान उनका जोर अपराध नियंत्रण के साथ ही छात्राओं और महिलाओं में आत्मविश्वास जगाने पर रहा। कानून व्यवस्था से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर उन्होंने आत्मविश्वास के साथ फैसले लिए।
कांवड़ यात्रा से पहले 6 जुलाई 2017 को उन्होंने जिले का कार्यभार संभाला था। उन्होंने महिलाओं की शिकायतों और समस्याओं के निस्तारण पर सबसे ज्यादा जोर दिया। महिला पुलिस कर्मियों के अलावा छात्राओं को पुलिस लाइन में जूडो कराटे और बाइक चलाना सिखाने की नई पहल की। स्कूल-कॉलेजों में आयोजित कई कार्यक्रमों में उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने पर जोर दिया। उन्हें अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए जागरूक किया। वहीं, अपने ऑफिस में ज्यादा से ज्यादा समय मौजूद रहकर जनशिकायतों का निराकरण किया।
अपराधियों की धरपकड़ के लिए वे कई बार आधी रात को दबिश देने पुलिस टीम के साथ आगे रहीं। किसी भी बड़ी वारदात पर मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा को समय रहते काबू किया। उपद्रव के आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई भी कराई। कार्यकाल के दौरान नये बैच के दरोगाओं को थाना प्रभारी बनाया। यातायात व्यवस्था में बाधा बन रहे भारी वाहनों की शहर में एंट्री पर रोक लगाई।
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- दस माह का रहा बतौर एसएसपी मंजिल सैनी का कार्यकाल
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कांवड़ यात्रा से पहले 6 जुलाई 2017 को उन्होंने जिले का कार्यभार संभाला था। उन्होंने महिलाओं की शिकायतों और समस्याओं के निस्तारण पर सबसे ज्यादा जोर दिया। महिला पुलिस कर्मियों के अलावा छात्राओं को पुलिस लाइन में जूडो कराटे और बाइक चलाना सिखाने की नई पहल की। स्कूल-कॉलेजों में आयोजित कई कार्यक्रमों में उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने पर जोर दिया। उन्हें अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए जागरूक किया। वहीं, अपने ऑफिस में ज्यादा से ज्यादा समय मौजूद रहकर जनशिकायतों का निराकरण किया।
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अपराधियों की धरपकड़ के लिए वे कई बार आधी रात को दबिश देने पुलिस टीम के साथ आगे रहीं। किसी भी बड़ी वारदात पर मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा को समय रहते काबू किया। उपद्रव के आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई भी कराई। कार्यकाल के दौरान नये बैच के दरोगाओं को थाना प्रभारी बनाया। यातायात व्यवस्था में बाधा बन रहे भारी वाहनों की शहर में एंट्री पर रोक लगाई।
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- दस माह का रहा बतौर एसएसपी मंजिल सैनी का कार्यकाल