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कनिष्ठ लेखा धिकारी की जेब से निकले थे 6 लाख 93 हजार रुपये
Updated Wed, 07 Mar 2018 02:12 AM IST
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कनिष्ठ लेखाधिकारी के पास मिले थे 6.93 लाख
मेरठ। पिछले महीने 22 फरवरी को आवास एवं विकास के शास्त्रीनगर स्थित कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लेखाधिकारी रामपाल भास्कर को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। रामपाल ने ब्रह्मपुरी निवासी नौशाद से पंद्रह हजार रुपये रिश्वत ली थी। वहीं अब आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने कोर्ट से की एफआईआर कॉपी निकलवाई तो नया खुलासा हुआ।
एफआईआर कापी में आरोपी कनिष्ठ लेखाधिकारी पर नकद छह लाख 93 हजार रुपये की राशि भी बरामद दिखाई गई है। लोकेश खुराना ने बताया आरोपी रामपाल भास्कर को बचाने के लिए रकम को मीडिया को नहीं बताया गया। आरोपी ने 29 बड़े भूखंडों को गलत तरीके से फ्री होल्ड कर दिया। जबकि इन सभी भूखंडों पर बने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई होनी थी। इस मामले में जिसमें मोटी रकम वसूली गई। लोकेश खुराना ने कहा सुनवाई के दौरान वो सभी सुबूत कोर्ट में पेश करेंगे। वहीं आवास एवं विकास के संपत्ति अधिकारी नरेश बाबू ने बताया कि कार्यालय में किसी प्रकार का नकद लेनदेन नहीं होता है। ऐसे में ये रकम रामपाल भास्कर की ही होगी।
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मेरठ। पिछले महीने 22 फरवरी को आवास एवं विकास के शास्त्रीनगर स्थित कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लेखाधिकारी रामपाल भास्कर को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। रामपाल ने ब्रह्मपुरी निवासी नौशाद से पंद्रह हजार रुपये रिश्वत ली थी। वहीं अब आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने कोर्ट से की एफआईआर कॉपी निकलवाई तो नया खुलासा हुआ।
एफआईआर कापी में आरोपी कनिष्ठ लेखाधिकारी पर नकद छह लाख 93 हजार रुपये की राशि भी बरामद दिखाई गई है। लोकेश खुराना ने बताया आरोपी रामपाल भास्कर को बचाने के लिए रकम को मीडिया को नहीं बताया गया। आरोपी ने 29 बड़े भूखंडों को गलत तरीके से फ्री होल्ड कर दिया। जबकि इन सभी भूखंडों पर बने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई होनी थी। इस मामले में जिसमें मोटी रकम वसूली गई। लोकेश खुराना ने कहा सुनवाई के दौरान वो सभी सुबूत कोर्ट में पेश करेंगे। वहीं आवास एवं विकास के संपत्ति अधिकारी नरेश बाबू ने बताया कि कार्यालय में किसी प्रकार का नकद लेनदेन नहीं होता है। ऐसे में ये रकम रामपाल भास्कर की ही होगी।
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