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एमडीए के इंजीनियरों की जमानत अर्जी खारिज
Updated Sat, 26 Aug 2017 02:27 AM IST
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मेरठ। भ्रष्टाचार के आरोप में मंडलायुक्त द्वारा गिरफ्तार कराए गए एमडीए के तीन इंजीनियरों की जमानत अर्जियों को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के न्यायाधीश पीके श्रीवास्तव ने गंभीर अपराध मानते हुए खारिज कर दिया।
इस मामले में थाना सिविल लाइन में विगत 11 अगस्त को 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी। जिसमें तीन इंजीनियरों को पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। जिसमें इंजीनियरों अमर प्रताप सिंह, एसएन मिश्रा और रविंद्र सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट एसीजेएम-8 रोहित सिंह के न्यायालय में 12 अगस्त को पेश किया गया था। जहां से उन्हें 25 अगस्त तक के लिये न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था।
शुक्रवार को स्पेशल जज की अदालत में इन तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। जिस पर अभियुक्तों की तरफ से तर्क दिया गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। उनका इससे कोई लेना-देना नही है तथा उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। उनके इस कथन का सरकारी अधिवक्ता देवकी नंदन शर्मा ने विरोध किया। तर्क दिया कि यह एक गंभीर मामला है जो बड़े लेनदेन से जुड़ा है। जिसकी सुनवाई के बाद स्पेशल जज पीके श्रीवास्तव ने तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
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इस मामले में थाना सिविल लाइन में विगत 11 अगस्त को 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी। जिसमें तीन इंजीनियरों को पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। जिसमें इंजीनियरों अमर प्रताप सिंह, एसएन मिश्रा और रविंद्र सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट एसीजेएम-8 रोहित सिंह के न्यायालय में 12 अगस्त को पेश किया गया था। जहां से उन्हें 25 अगस्त तक के लिये न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था।
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शुक्रवार को स्पेशल जज की अदालत में इन तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। जिस पर अभियुक्तों की तरफ से तर्क दिया गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। उनका इससे कोई लेना-देना नही है तथा उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। उनके इस कथन का सरकारी अधिवक्ता देवकी नंदन शर्मा ने विरोध किया। तर्क दिया कि यह एक गंभीर मामला है जो बड़े लेनदेन से जुड़ा है। जिसकी सुनवाई के बाद स्पेशल जज पीके श्रीवास्तव ने तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
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