{"_id":"5c8c1dd6bdec2214720fa6fd","slug":"41552686550-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साहब! हत्या को दिया जा रहा हादसे का रूप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
साहब! हत्या को दिया जा रहा हादसे का रूप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- गाजियाबाद से आए परिवार ने एडीजी से लगाई न्याय की गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। साहब! कुछ लोगों ने घर से बुलाकर मेरे भाई की हत्या कर दी और उसे हादसे का रूप दे दिया। थाना पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। यह बात शुक्रवार को गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र के ग्राम रहीशपुर से आए एक युवक ने यहां एडीजी कार्यालय पर कही। उन्होंने शिकायती पत्र देकर एडीजी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
रहीशपुर निवासी भागीरथ का कहना था कि 4 मार्च की दोपहर गांव के ही एक युवक ने उसके भाई गोविंद को फोन किया और नौकरी के लिए डासना चलने की बात कही। दोपहर डेढ़ बजे गोविंद अपने दोस्त के साथ घर से निकल गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। देर रात करीब 11 बजे गोविंद के फोन से परिजनों को फोन आया। फोन करने वाले शख्स ने बताया कि गोविंद छत से गिर गया है और अस्पताल में भर्ती है। आनन-फानन में वह अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने गोविंद को मृत घोषित कर दिया। वह गोविंद को लेकर गाजियाबाद के दूसरे अस्पताल में पहुंचे, लेकिन वहां भी चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। भागीरथ का कहना है कि पूरी घटना संदिग्ध है। जिस जगह से गोविंद को नीचे गिरना बताया गया है दरअसल, उस जगह से कोई भी व्यक्ति अपने आप नहीं गिर सकता। संभवत: उसे साथ ले जाने वाले उसके दोस्तों ने गिराया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों को सजाने दिलाने की गुहार लगाई।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। साहब! कुछ लोगों ने घर से बुलाकर मेरे भाई की हत्या कर दी और उसे हादसे का रूप दे दिया। थाना पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। यह बात शुक्रवार को गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र के ग्राम रहीशपुर से आए एक युवक ने यहां एडीजी कार्यालय पर कही। उन्होंने शिकायती पत्र देकर एडीजी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
रहीशपुर निवासी भागीरथ का कहना था कि 4 मार्च की दोपहर गांव के ही एक युवक ने उसके भाई गोविंद को फोन किया और नौकरी के लिए डासना चलने की बात कही। दोपहर डेढ़ बजे गोविंद अपने दोस्त के साथ घर से निकल गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। देर रात करीब 11 बजे गोविंद के फोन से परिजनों को फोन आया। फोन करने वाले शख्स ने बताया कि गोविंद छत से गिर गया है और अस्पताल में भर्ती है। आनन-फानन में वह अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने गोविंद को मृत घोषित कर दिया। वह गोविंद को लेकर गाजियाबाद के दूसरे अस्पताल में पहुंचे, लेकिन वहां भी चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। भागीरथ का कहना है कि पूरी घटना संदिग्ध है। जिस जगह से गोविंद को नीचे गिरना बताया गया है दरअसल, उस जगह से कोई भी व्यक्ति अपने आप नहीं गिर सकता। संभवत: उसे साथ ले जाने वाले उसके दोस्तों ने गिराया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों को सजाने दिलाने की गुहार लगाई।
विज्ञापन