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मेडिकल अस्पताल से धरा गया पेशेवर रक्तदाता
Updated Thu, 17 Aug 2017 03:12 AM IST
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मेरठ। खून की कमी का फायदा पेशेवर तरीके से रक्त देने वाले कुछ लोग उठाते हैं। ऐसे ही एक रक्तदाता को बुधवार शाम मेडिकल अस्पताल के गार्ड ने पकड़कर मेडिकल थाना पुलिस को सौंप दिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उसका दावा है कि इस गोरखधंधे में दो और लोग जुड़े हुए हैं, जो ढाई से तीन हजार रुपये में एक यूनिट ब्लड बेचते हैं।
अस्पताल के ब्लड बैंक के पास सिक्योरिटी गार्ड ने एक युवक को संदिग्ध हालत में घूमते हुए देखा तो उसे पकड़कर पूछताछ की। उसने खुद को पेशेवर डोनर (रक्तदाता) बताया तो गार्ड ने इसकी सूचना चिकित्सा अधीक्षक और ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सचिन कुमार को दी। डॉक्टर ने उससे पूछताछ की और उसके बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली।
डॉ. सचिन ने बताया कि आरोपी ने दो और युवकों के नाम बताए हैं, जो पेशेवर रक्तदाता को बुलाकर खून बेचने का काम करते हैं। ये लोग पिछले छह माह से यह काम कर रहे हैं। हालांकि उसने ब्लड बैंक के कर्मचारियों से मिलीभगत नहीं होने की बात कही है। बाकी पुलिस की जांच में पता चलेगा। खून बेचना और ब्लड डोनर को पैसे देना भारत में गैर कानूनी है। प्रोफेशनल ब्लड डोनर जरूरतमंद मरीजों को झांसे में लेते हैं।
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गौरतलब है कि ब्लड बैंक से सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज को 1050 रुपये में ब्लड मिलता है, जबकि प्राइवेट अस्पताल में भर्ती मरीज तो 400 रुपये में ब्लड मिलता है। एसओ मेडिकल मोहम्मद असलम ने बताया कि एक प्रोफेशनल ब्लड डोनर को पकड़कर पुलिस को सौंपा गया है। लेकिन उसके खिलाफ तहरीर नहीं मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
रहता है काफी खतरा
डॉ. सचिन ने बताया कि इस तरह के अनजान मरीजों के खून में बीमारी का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि ब्लड की तुरंत पूरी जांच नहीं हो पाती है। बाद में जब जांच होती है तो उसमें कई बार एचआईवी पॉजिटिव तक निकल जाते हैं। जो काफी खतरनाक साबित होता है।
खास बात
- गार्ड ने दबोचा, ढाई से तीन हजार रुपये में बेचा जा रहा था खून
- गोरखधंधे से जुड़े दो और लोगों के बताए नाम, मेडिकल पुलिस कर रही पूछताछ
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अस्पताल के ब्लड बैंक के पास सिक्योरिटी गार्ड ने एक युवक को संदिग्ध हालत में घूमते हुए देखा तो उसे पकड़कर पूछताछ की। उसने खुद को पेशेवर डोनर (रक्तदाता) बताया तो गार्ड ने इसकी सूचना चिकित्सा अधीक्षक और ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सचिन कुमार को दी। डॉक्टर ने उससे पूछताछ की और उसके बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली।
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डॉ. सचिन ने बताया कि आरोपी ने दो और युवकों के नाम बताए हैं, जो पेशेवर रक्तदाता को बुलाकर खून बेचने का काम करते हैं। ये लोग पिछले छह माह से यह काम कर रहे हैं। हालांकि उसने ब्लड बैंक के कर्मचारियों से मिलीभगत नहीं होने की बात कही है। बाकी पुलिस की जांच में पता चलेगा। खून बेचना और ब्लड डोनर को पैसे देना भारत में गैर कानूनी है। प्रोफेशनल ब्लड डोनर जरूरतमंद मरीजों को झांसे में लेते हैं।
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गौरतलब है कि ब्लड बैंक से सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज को 1050 रुपये में ब्लड मिलता है, जबकि प्राइवेट अस्पताल में भर्ती मरीज तो 400 रुपये में ब्लड मिलता है। एसओ मेडिकल मोहम्मद असलम ने बताया कि एक प्रोफेशनल ब्लड डोनर को पकड़कर पुलिस को सौंपा गया है। लेकिन उसके खिलाफ तहरीर नहीं मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
रहता है काफी खतरा
डॉ. सचिन ने बताया कि इस तरह के अनजान मरीजों के खून में बीमारी का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि ब्लड की तुरंत पूरी जांच नहीं हो पाती है। बाद में जब जांच होती है तो उसमें कई बार एचआईवी पॉजिटिव तक निकल जाते हैं। जो काफी खतरनाक साबित होता है।
खास बात
- गार्ड ने दबोचा, ढाई से तीन हजार रुपये में बेचा जा रहा था खून
- गोरखधंधे से जुड़े दो और लोगों के बताए नाम, मेडिकल पुलिस कर रही पूछताछ