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तो क्या चैट परशुराम ने की, खुलेगी बड़ी पोल

Wed, 18 Jul 2018 02:40 AM IST
Updated Wed, 18 Jul 2018 02:40 AM IST
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तो क्या चैट परशुराम ने की, खुलेगी बड़ी पोल
तो क्या चैट परशुराम ने की, खुलेगी बड़ी पोल
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मेरठ। बुलंदशहर डिबाई कोतवाल के सीयूजी नंबर से चैट वायरल होने के मामले में साइबर एक्सपर्ट ने जांच शुरू कर दी है। दावा है कि अभी तक जांच में ये चैट इंस्पेक्टर परशुराम द्वारा करने के प्रमाण मिल रहे हैं। साइबर एक्सपर्टों का कहना कि कॉल तो हैक हो सकती है। लेकिन व्हाट्स एप हैक कर चैट नहीं हो सकती। इसमें बड़ी पोल खुलेगी। कार्रवाई होनी भी तय है।
मंगलवार को इस सनसनीखेज मामले की गूंज जहां शासन तक पहुंची तो मेरठ से लखनऊ तक बैठे अधिकारियों में इसे लेकर खलबली मची है। एसएसपी बुलंदशहर ने इसे साइबर क्राइम का मामला बताकर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज करा दी। हालांकि साइबर एक्सपर्ट का दावा कि चैट मोबाइल हैक करके नहीं की जा सकती। अंदेशा है कि यह चैट इंस्पेक्टर परशुराम द्वारा की गई।
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सस्पेंशन से मामला नहीं शांत
इंस्पेक्टर परशुराम को सस्पेंड कर दिया गया है। लेकिन मामला शांत नहीं हुआ है। पुलिस की मानें तो यह चैट साजिश के तहत कराई गई। एडीजी और एसएसपी पर आरोप लगाने के अलग-अलग मायने भी निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इंस्पेक्टर को मोहरा बनाकर यह खेल खेला गया। इस गंभीर मामले में मुख्यमंत्री भी रिपोर्ट तलब कर सकते हैं। इस मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई होनी तय है। सवाल है कि कार्रवाई में कौन-कौन चपेट में आएगा।
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मेरठ में रही परशुराम की पोस्टिंग
इंस्पेक्टर परशुराम के पास मेरठ में दौराला व ब्रह्मपुरी थाने का चार्ज रहा। ब्रह्मपुरी में कुष्ठ आश्रम में डकैती पर तत्कालीन एसएसपी ओंकार सिंह ने इंस्पेक्टर परशुराम की क्लास ली थी। दौराला और ब्रह्मपुरी में लूटपाट की कई घटनाओं पर कार्रवाई के बाद इंस्पेक्टर का ट्रांसफर नोएडा हो गया था।
चर्चा बहुत है, जांच में खुलेंगे राज
ये चैट वायरल करने को लेकर कई चर्चाएं हैं। एक अधिकारी की मानें तो ये चैट साजिश के तहत की गई है। दावा है कि वह इंस्पेक्टर परशुराम को अच्छे से जानते हैं। उनके साथ भी इंस्पेक्टर काफी दिन रहे। मेरठ जोन में एडीजी प्रशांत कुमार के कार्यों की सराहना प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कर चुके हैं। अपराध में अंकुश लगाने पर मेरठ जोन की तारीफ हो चुकी है। यह बात कुछ अधिकारियों को रास नहीं आ रही।
दो इंस्पेक्टरों का हुआ ट्रांसफर
इंस्पेक्टर परशुराम के साथ इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार का ट्रांसफर भी नोएडा से बुलंदशहर हुआ था। दोनों इंस्पेक्टरों के ट्रांसफर आईजी मेरठ रेंज रामकुमार द्वारा कराए गए। अधिकारियों ने दोनों ट्रांसफर के कारण ढूंढने शुरू कर दिए हैं।
अधिकारी खामोश, सब जानते हैं
इस मामले में खामोश अधिकारी सब जानते हैं कि ये खेल कैसे हुआ। इसकी जांच भी गुपचुप करा रहे हैं। मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। अधिकारी चर्चा कर रहे हैं कि इंस्पेक्टर परशुराम की चैट में कितनी सच्चाई है, उजागर होनी चाहिए। यह चैट अगर साइबर क्राइम की है तो उसे भी सार्वजनिक कराया जाए।

जल्द बेनकाब होगा
मामला साइबर क्राइम का है। अज्ञात युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इसकी जांच उच्च स्तर से कराई जा रही है। जिसने यह हरकत की है, जल्द बेनकाब होगा। -रामकुमार, आईजी मेरठ रेंज

मेरा कोई लेनादेना नहीं
इंस्पेक्टर परशुराम सस्पेंड हो गया है। मुकदमा भी लिखा गया। विभागीय जांच के अलावा साइबर एक्सपर्ट भी लगाए हैं। ट्रांसफर रेंज में आईजी करते हैं, इससे मेरा कोई लेनादेना नहीं है। इंस्पेक्टर पर और कार्रवाई होगी। - प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन

खास बातें:
- साइबर एक्सपर्ट का दावा, व्हाट्सएप हैक कर नहीं हो सकती चैट
- यह मामला साइबर क्राइम का नहीं, सोची समझी की गई साजिश
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