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अपहरण के बाद व्यापारी की हत्या, नाले फेंका शव
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:12 AM IST
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अपहरण के बाद व्यापारी की हत्या, नाले फेंका शव
मुरादनगर। तीन दिन से लापता व्यापारी का शव सोमवार को रावली रोड तिराहे पर हाइवे किनारे नाले में मिला। व्यापारी का अपहरण कर लूटने के बाद हत्या की गई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही की वजह से व्यापारी की हत्या हुई है।
एसओ लक्षेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब सवा बारह बजे सूचना मिली कि रावली रोड तिराहे पर हाइवे किनारे नाले में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। पुलिस ने शव नाले से बाहर निकाला। मृतक की जेब में मिले आधार कार्ड से शिनाख्त महेंद्र पाल सिंह (60) निवासी भूपेंद्रपुरी गली नंबर पांच मोदीनगर के रूप में हुई। पुलिस ने पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई योगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि महेंद्रपाल की गाजियाबाद मालीवाड़ा में इलेक्ट्रानिक्स की दुकान है। वह 14 दिसंबर की रात दुकान बंद कर घर आने के लिए गाजियाबाद बस स्टैंड के लिए पैदल चले थे। लेकिन देर रात तक मोदीनगर घर नहीं पहुंचे। अगले दिन 15 दिसंबर को परिजन गाजियाबाद सिहानी गेट थाने में तहरीर दी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने पुलिस को बताया क वह दुकान से पैसे लेकर लौटते थे। महेंद्रपाल का अपहरण कर लूटने के बाद हत्या की गई है। एसओ लक्षेंद्र कुमार का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।
पुलिस की चौकसी पर सवाल
रावली रोड तिराहे पर हाइवे किनारे नाले में जहां महेंद्रपाल सिंह का शव मिला है, वहां चौबीस घंटे पुलिस की गाड़ी मौजूद रहती है। ऐसे में नाले से शव मिलना पुलिस की चौकसी पर सवाल खड़ा करता है।
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मुरादनगर। तीन दिन से लापता व्यापारी का शव सोमवार को रावली रोड तिराहे पर हाइवे किनारे नाले में मिला। व्यापारी का अपहरण कर लूटने के बाद हत्या की गई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही की वजह से व्यापारी की हत्या हुई है।
एसओ लक्षेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब सवा बारह बजे सूचना मिली कि रावली रोड तिराहे पर हाइवे किनारे नाले में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। पुलिस ने शव नाले से बाहर निकाला। मृतक की जेब में मिले आधार कार्ड से शिनाख्त महेंद्र पाल सिंह (60) निवासी भूपेंद्रपुरी गली नंबर पांच मोदीनगर के रूप में हुई। पुलिस ने पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई योगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि महेंद्रपाल की गाजियाबाद मालीवाड़ा में इलेक्ट्रानिक्स की दुकान है। वह 14 दिसंबर की रात दुकान बंद कर घर आने के लिए गाजियाबाद बस स्टैंड के लिए पैदल चले थे। लेकिन देर रात तक मोदीनगर घर नहीं पहुंचे। अगले दिन 15 दिसंबर को परिजन गाजियाबाद सिहानी गेट थाने में तहरीर दी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने पुलिस को बताया क वह दुकान से पैसे लेकर लौटते थे। महेंद्रपाल का अपहरण कर लूटने के बाद हत्या की गई है। एसओ लक्षेंद्र कुमार का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।
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पुलिस की चौकसी पर सवाल
रावली रोड तिराहे पर हाइवे किनारे नाले में जहां महेंद्रपाल सिंह का शव मिला है, वहां चौबीस घंटे पुलिस की गाड़ी मौजूद रहती है। ऐसे में नाले से शव मिलना पुलिस की चौकसी पर सवाल खड़ा करता है।
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