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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   अफ्रीका के छात्रों से अपना फोन के लिए थानों में भटक रहे

विदेशी छात्रों की भाषा पुलिस को समझ नहीं आयी तो दूसरे थानों में भेजती रही पुलिस

Sat, 24 Jun 2017 12:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Sat, 24 Jun 2017 12:28 PM IST
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 अफ्रीका के छात्रों से अपना फोन के लिए थानों में भटक रहे
थाने में विदेशी छात्र - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ में तीन विदेशी छात्रों को दो दिन से मेरठ पुलिस चक्कर कटवा रही है। छात्र अपनी भाषा में पुलिस को समझाने का प्रयास करते, लेकिन पुलिस कुछ समझ नहीं पाती। जिस थाने में छात्र जाते, वहां पुलिस पल्ला झाड़कर उनको दूसरे थाने में भेज देती। शुक्रवार को तीनों विदेशी छात्र सिविल लाइन थाने में पहुंचे। वहां दरोगा को उनकी भाषा समझ में नहीं आई तो उन्होंने मुंशी से एफआईआर लिखने को कह डाला।
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अफ्रीका निवासी मुकवा जरिया सुभारती कॉलेज में पढ़ता है। 10 जून 2017 बागपत बाईपास पर बदमाशों ने छात्र मुकवा से आईफोन छीन लिया था। इसका मुकदमा जानी थाने में दर्ज है। एक सप्ताह पहले सिविल लाइन पुलिस ने एक आरोपी मनीष राणा निवासी डिफेंस कॉलोनी, गंगानगर को गिरफ्तार किया। जिससे विदेशी छात्र का मोबाइल बरामद हुआ। इसकी जानकारी लगते ही विदेशी छात्र बृहस्पतिवार को जानी थाने में पहुंचे।
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पुलिस ने छात्रों की बात नहीं सुनी और उनको परतापुर थाने भेज दिया। वहां से छात्रों को सिविल लाइन थाने में भेजा गया। छात्रों को देखकर सिपाही मोहित कुमार दरोगा के पास लेकर गया। छात्रों ने अपनी भाषा में दरोगा को जानकारी दी, लेकिन वह छात्रों से लूट होने का मामला समझ बैठे। दरोगा ने मुंशी को बुलाकर तुरंत छात्रों से शिकायती पत्र लिखवाकर रिपोर्र्ट लिखने को कहा। छात्र बार बार अपनी बातों को समझाने का प्रयास करते रहेे।
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एसओ सिविल लाइन धनवीर सिंह ने बताया कि अफ्रीका के छात्र का फोन एक लुटेरे से बरामद हुआ है। जो जानी थाने के दरोगा (विवेचक) ले गए। छात्र की बात समझने के बाद उनकी मदद की गई। एसओ जानी को फोन किया और छात्रों को जानी थाने में भेजा।


शिकायती पत्र लिखा तो समझ में आया मामला
विदेशी छात्रों ने शिकायत पत्र लिखना शुरू किया तो एक पुलिसकर्मी नितिन कुमार ने उनकी बात को समझा। सिपाही ने एसओ को बताया कि छात्रों के साथ कोई घटना नहीं हुई। मामला पुराना है और वह अपने मोबाइल को लेने आए हैं।


दरोगा ले गए छात्र का मोबाइल
छात्र का मोबाइल तीन दिन पहले जानी थाने का दरोगा गुलशन कुमार सिविल लाइन थाने से ले गए। पुलिस ने छात्रों को समझाकर मोबाइल जानी थाने में लेने की बात कही। सिविल लाइन थाने में तैनात दरोगा श्रीपाल सिंह ने एसओ जानी से फोन पर बात कर विदेशी छात्रों की मदद करने को कहा है। वहीं जानी पुलिस ने कोर्ट से ही मोबाइल मिलने की बात कही।

 

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