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Meerut News: कांस्टेबल की पत्नी ने सीओ से लगाई न्याय की गुहार
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। हस्तिनापुर थाने में सिपाही द्वारा अपनी पत्नी को साथ न रखने और कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रताड़ित करने के मामले में पीड़िता सीओ से मिली और न्याय की गुहार लगाते हुए ससुराल पक्ष और पति पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है।
गांव खानपुर जिला शामली की रहने वाली चांदनी सीओ पंकज लवानिया से मिली। चांदनी ने बताया कि उनकी शादी 10 नवंबर 2019 को बनत गांव निवासी से हुई थी। जो यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात है और फिलहाल उसकी पोस्टिंग हस्तिनापुर थाने में है। शादी के महज 8 महीने बाद ही पति ने तलाक का केस दर्ज कर दिया था। इसके बाद उसने कोर्ट में याचिका दायर की। करीब 6 साल तक चले कानूनी संघर्ष के बाद अदालत ने चांदनी के पक्ष में फैसला सुनाया और पति को वैवाहिक जीवन बहाल कर पत्नी को साथ रखने का आदेश दिया।
पीड़िता का आरोप है कि पति उसे साथ रखने को तैयार नहीं है। जब वह पति के कार्यस्थल हस्तिनापुर या ससुराल बनत गांव जाती है, तो उसे भगा दिया जाता है।महिला ने आरोप लगाया कि पति और उसका भाई पुलिस विभाग में होने का धौंस जमाते हैं। सीओ का कहना है कि कांस्टेबल को बुलाकर बात की जाएगी। उसके बाद दोनों पक्षों को आमने सामने बैठकर बात कराई जाएगी।-
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मवाना। हस्तिनापुर थाने में सिपाही द्वारा अपनी पत्नी को साथ न रखने और कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रताड़ित करने के मामले में पीड़िता सीओ से मिली और न्याय की गुहार लगाते हुए ससुराल पक्ष और पति पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है।
गांव खानपुर जिला शामली की रहने वाली चांदनी सीओ पंकज लवानिया से मिली। चांदनी ने बताया कि उनकी शादी 10 नवंबर 2019 को बनत गांव निवासी से हुई थी। जो यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात है और फिलहाल उसकी पोस्टिंग हस्तिनापुर थाने में है। शादी के महज 8 महीने बाद ही पति ने तलाक का केस दर्ज कर दिया था। इसके बाद उसने कोर्ट में याचिका दायर की। करीब 6 साल तक चले कानूनी संघर्ष के बाद अदालत ने चांदनी के पक्ष में फैसला सुनाया और पति को वैवाहिक जीवन बहाल कर पत्नी को साथ रखने का आदेश दिया।
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पीड़िता का आरोप है कि पति उसे साथ रखने को तैयार नहीं है। जब वह पति के कार्यस्थल हस्तिनापुर या ससुराल बनत गांव जाती है, तो उसे भगा दिया जाता है।महिला ने आरोप लगाया कि पति और उसका भाई पुलिस विभाग में होने का धौंस जमाते हैं। सीओ का कहना है कि कांस्टेबल को बुलाकर बात की जाएगी। उसके बाद दोनों पक्षों को आमने सामने बैठकर बात कराई जाएगी।-
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