फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Confused survey team seeing city problem

शहर की समस्या देखकर उलझ गई सर्वे टीम

Sun, 21 Apr 2019 03:18 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Sun, 21 Apr 2019 03:18 AM IST
विज्ञापन
Confused survey team seeing city problem
मेरठ - फोटो : अमर उजाला
गुरुग्राम की अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी (यूएमटीसी) ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने को लेकर सर्वे तो किया। लेकिन शहर की समस्याओं में ही उलझ गई। दिल्ली रोड पर वाहनों की स्थिति और रोडवेज बसों की समस्या देखी तो टीम ने अधिकारियों से मौखिक तौर पर यही बताया कि यहां रोडवेज बस अड्डे जाम के लिए सबसे बड़ी समस्या हैं। टीम गुरूग्राम लौट गई। यहां एक अन्य टीम भी सर्वे करेगी।
विज्ञापन

एसएसपी नितिन तिवारी ने प्रयागराज में तैनाती के दौरान यूएमटीसी से वहां की यातायात व्यवस्था बेहतर कराई थी। करीब एक साल में यह प्रोजेक्ट सफल हुआ था। अब एसएसपी ने यहां की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए इसी कंपनी को जिम्मेदारी दी है। कंपनी के ट्रांसपोर्ट प्लानर मैनेजर मनीष भूटानी बुधवार को एसएसपी और एसपी ट्रैफिक से मिले थे। सर्वे टीम ने बेगमपुल चौराहा, जीरो माइल चौराहा, भैसाली बस अड्डा, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, एचआरएस चौक, शॉप्रिक्स तिराहा, ट्रांसपोर्ट नगर कट, हापुड़ अड्डा चौराहा, खैर नगर चौराहा, परतापुर तिराहा, मोदीपुरम तिराहे समेत 20 स्थानों पर सर्वे किया है।
विज्ञापन

ये हैं जाम के मुख्य कारण:
गुरुग्राम
की अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी (यूएमटीसी) ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने को लेकर सर्वे तो किया। टीम ने माना है कि शहर में जाम का सबसे बड़ा मुख्य कारण दिल्ली रोड पर भैसाली बस अड्डा और गढ़ रोड पर सोहराब गेट बस अड्डा है। शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से तभी बेहतर किया जा सकता है कि जब दोनों बस अड्डे शहर से बाहर हों। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि भैसाली बस अड्डे से प्रत्येक दिन औसतन 3200-3500 बसों का आवागमन होता है। वहीं सोहराब गेट बस अड्डे से प्रत्येक दिन 800 बसों का आवागमन होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रांसपोर्ट नगर
दिल्ली रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर शहर की यातायात व्यवस्था के लिए दूसरी मुख्य समस्या बताया गया है। शहर के बीच बेगमपुल से ट्रांसपोर्ट नगर की दूरी पांच किमी है। सर्वे टीम ने पुलिस अफसरों को यह भी बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर शहर में होने के कारण ट्रक, टैंकर और अन्य वाहनों का प्रत्येक दिन अधिक आवागमन होता है। कुछ कंटेनर इतने बड़े हैं कि उनके मुड़ने के लिए दिल्ली रोड पर जगह नहीं है। ट्रांसपोर्ट नगर शहर से बाहर जाए तो यातायात व्यवस्था सुधरेगी। मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से करीब 10 हजार से अधिक ट्रक जुड़े हुए हैं।
ई-रिक्शा व ऑटो
आरटीओ में रजिस्टर्ड ई-रिक्शाओं की संख्या पांच हजार पहुंच गई। जबकि शहर में अवैध ई-रिक्शा भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। वहीं शहर और शहर से जुड़े मुख्य मार्गों से करीब 18 हजार से 20 हजार ऑटो भी जुड़े हैं। शहर में ऑटो व ई-रिक्शा के लिए कोई पार्किंग नहीं है। शहर के मुख्य चौराहों पर ई-रिक्शा और ऑटो के खड़े होने से चौराहों पर जाम लगता है।
इंजीनियरिंग की है जरूरत
सर्वे प्लान रिपोर्ट के अनुसार शहर के मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस पोस्ट के पुनर्निर्माण की जरूरत है। इस पोस्ट के छोटे होने तथा रात में ठीक से दिखाई न देने के कारण यह हादसों से क्षतिग्रस्त हो रहा है। वहीं भीड़भाड़ वाले चौराहों पर फुटओवर ब्रिज की भी जरूरत है। सड़क चौड़ी हो, जेब्रा क्रॉसिंग बने। जहां सिग्नल दिखाई नहीं दे रहा, वहां पोल को सुधारने की जरूरत है। चौराहे पर ऑटो व टेंपो व अन्य वाहन चौराहे से दूर रोके जाएं। पूर्व में निर्मित फुटपाथ शिफ्ट कर भौगोलिक सुधार किया जाए।

उच्चाधिकारियों को जाएगी रिपोर्ट
यातायात व्यवस्था को निजी कंपनी ने यही बताया कि यहां चौराहों और अन्य कुछ स्थानों पर भौगोलिक समस्याएं हैं। रोडवेज बस अड्डे भी टीम ने जाम की समस्या बताई है। निजी कंपनी की एक अन्य टीम भी सर्वे करेगी। जिसके बाद पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के पास जाएगी। - संजीव वाजपेयी,  एसपी ट्रैफिक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed