{"_id":"678c0a33a4856f84e808ccdd","slug":"changing-life-is-sadhana-dr-manibhadra-muni-meerut-news-c-14-1-mrt1002-761058-2025-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीवन को बदलना ही साधना : डॉ. मणिभद्र मुनि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीवन को बदलना ही साधना : डॉ. मणिभद्र मुनि
विज्ञापन
मेरठ। जैन नगर में शनिवार को मानव मिलन संस्थापक नेपाल केसरी राष्ट्र संत गुरुदेव डॉ. मणिभद्र मुनि महाराज की दीक्षा जयंती समारोह का आयोजन किया गया। गुरुदेव के पावन प्रवचनों के साथ साध्वियों तथा भक्त जनों ने उत्साह से समारोह मनाया।
गुरुदेव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में बताया दौलत जीवन का मुख्य मूल न होकर, सयंम की भावना को हमेशा आगे रखना जीवन का आधार होना चाहिए। पाना नहीं जीवन को बदलना ही साधना है। भजन से गुरुदेव ने अपने विचारों को व्यक्त किया। उन्होंने बताया मन को सयंम की ओर मोड़ना सरल नहीं है। जिस तरह मंदिर जाना आसान है, मन को मंदिर बनाना मुश्किल है, उसी तरह अपने जीवन को सही पथ पर लेकर चलना ही साधना है। साध्वी श्री संत महाराज ने वंदन करते हुए भजनों के द्वारा गुरुदेव को दीक्षा दिवस की बधाई दी।
उन्होंने कहा संस्कार से सुसंस्कार का सफर ही दीक्षा है। मानव मिलन महिला शाखा की मंत्री इति जैन ने दीक्षा जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं भजन की प्रस्तुति से अर्पण की। सभा में गुरुदेव की दीक्षा जयंती के उपलक्ष्य में लक्की ड्रॉ भी निकाला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुदेव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में बताया दौलत जीवन का मुख्य मूल न होकर, सयंम की भावना को हमेशा आगे रखना जीवन का आधार होना चाहिए। पाना नहीं जीवन को बदलना ही साधना है। भजन से गुरुदेव ने अपने विचारों को व्यक्त किया। उन्होंने बताया मन को सयंम की ओर मोड़ना सरल नहीं है। जिस तरह मंदिर जाना आसान है, मन को मंदिर बनाना मुश्किल है, उसी तरह अपने जीवन को सही पथ पर लेकर चलना ही साधना है। साध्वी श्री संत महाराज ने वंदन करते हुए भजनों के द्वारा गुरुदेव को दीक्षा दिवस की बधाई दी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा संस्कार से सुसंस्कार का सफर ही दीक्षा है। मानव मिलन महिला शाखा की मंत्री इति जैन ने दीक्षा जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं भजन की प्रस्तुति से अर्पण की। सभा में गुरुदेव की दीक्षा जयंती के उपलक्ष्य में लक्की ड्रॉ भी निकाला गया।
विज्ञापन