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सेंट्रल मार्केट मामला : मूल आवंटियों के नाम आ रहे नोटिस, लोग हुए बेचैन

Mon, 27 Apr 2026 02:52 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Apr 2026 02:52 AM IST
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Central Market case: Notices are being sent to original allottees, leaving people restless.
मेरठ। सेंट्रल मार्केट मामले में आवास एवं विकास परिषद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लगातार आवंटियों को नोटिस जारी जारी कर रहा है। ये नोटिस सेटबैक छोड़ने और अवैध निर्माण हटाने के लिए दिए जा रहे हैं। शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट की स्कीम नंबर सात में 500 से अधिक लोगों को नोटिस मिल चुके हैं। मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से भी स्टाफ बुलाकर आठ टीमें नोटिस चस्पा कर रही हैं।
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विभाग के दस्तावेजों में मूल आवंटी के नाम से नोटिस भेजे जा रहे हैं जबकि कई संपत्तियों में अब अन्य लोग रह रहे हैं, जिससे वे परेशान हैं। सेक्टर-2 शास्त्रीनगर में अल्प और दुर्बल आय वर्ग के काफी भवन हैं। इन आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। योजना में कुल 630 भवन और 230 भूखंड हैं। इनमें से 661/6 का ध्वस्तीकरण 25 व 26 अक्तूबर 2025 को हो चुका है। इसके अतिरिक्त, 8 अक्तूबर को 44 संपत्तियों पर सील लगाई जा चुकी है। अब विभाग शेष 815 संपत्तियों के लिए नोटिस जारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी लोगों को 15 दिन में सेटबैक छोड़ने को कहा गया है। अनधिकृत निर्माण स्वयं हटाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
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नोटिस की मुख्य बातें...

स्कीम नंबर सात में 50 वर्ग मीटर तक के 249 भवन हैं। 100 वर्ग मीटर तक के मकानों की संख्या 22 है। इस योजना में 50 वर्ग मीटर तक का एक भूखंड भी शामिल है। 51 से 100 वर्ग मीटर तक के कुल 17 प्लॉट हैं। यदि दुकानदार निर्धारित अवधि में निर्माण ध्वस्त नहीं करते हैं, तो जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा। ध्वस्तीकरण का सारा खर्चा संबंधित दुकानदारों से वसूला जाएगा।
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नोटिस में खामियों पर रोष

विभाग ने मंदिर, जिम और कॉम्प्लेक्स जैसी संपत्तियों को भी नोटिस जारी किए हैं। लोगों में नोटिस में नामों को लेकर काफी परेशानी है। कई संपत्तियां कई बार बिक चुकी हैं, लेकिन नोटिस मूल आवंटी के नाम से आ रहे हैं। तमाम आवंटियों ने अभी तक नामांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं की है। इसके कारण दस्तावेजों में उनका नाम दर्ज नहीं हो सका है।




सेटबैक नियमों में भिन्नता

एक ही क्षेत्रफल के अलग-अलग भवनों में सेटबैक छोड़ने के निर्देश भिन्न हैं। इससे लोगों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। कुछ मामलों में एक आवंटी को फ्रंट और बैक दोनों सेटबैक छोड़ने को कहा गया है। वहीं, उसी क्षेत्रफल के पड़ोसी भवन स्वामी को केवल आगे ही सेटबैक छोड़ने का निर्देश मिला है। यह भिन्नता लोगों के बीच असंतोष का कारण बन रही है। विभाग को इन विसंगतियों को दूर करने की आवश्यकता है।
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