{"_id":"41e6cccf39e8dc8baa52640f0919a103","slug":"ccsu-news-hindi-news-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाटा दबाया तो मान्यता पर तलवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाटा दबाया तो मान्यता पर तलवार
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 14 Jan 2016 01:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार के अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण को कॉलेज पलीता लगाने पर तुले हैं। उनकी पोल न खुल जाए इस वजह से बार-बार डाटा मांगे जाने के बावजूद अपलोड नहीं कर रहे। शासन ने अब सख्ती शुरू कर दी है। जो कॉलेज डाटा नहीं देंगे उनकी मान्यता निरस्त करने पर विचार चल रहा है। सीसीएसयू के 827 कॉलेजों में से महज 51 कॉलेजों ने डाटा उपलब्ध कराया है।
देश की सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षक और स्टॉफ की जानकारी लेने के लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसको लेकर सरकार और विभिन्न संस्थाओं की दूरगामी योजना है। उच्च शिक्षा को लेकर नीति तैयार होगी। कोई भी योजना और गुणवत्ता बढ़ाने में इससे मदद मिलेगी।
इस मंशा से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से पोर्टल पर डाटा अपलोड करने को कहा गया था। सीसीएसयू के मेरठ और सहारनपुर मंडल के कॉलेजों से भी डाटा अपलोड करने को कहा गया था, कई सर्कुलर भेजने के बाद भी कॉलेजों ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। 827 कॉलेजों में से महज 51 कॉलेजों ने डाटा अपलोड किया है।
विज्ञापन
कुलपति की ओर से जारी आदेश में 14 जनवरी तक डाटा अपलोड करने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों ने अपने यहां फैकल्टी रखने के नाम पर खेल कर रखा है। कागजात लगा रखे हैं लेकिन फैकल्टी नहीं है। एक नाम की फैकल्टी के कई-कई कागज लगे हैं। ऑनलाइन डाटा अपलोड करने में वह पकड़े जाएंगे। इस वजह से कॉलेज डाटा अपलोड करने में लापरवाही दिखा रहे हैं। विवि ने नोडल अधिकारी डॉ. एसएस गौरव और सहायक नोडल अधिकारी संदीप अग्रवाल को बनाया है।
विज्ञापन
देश की सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षक और स्टॉफ की जानकारी लेने के लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसको लेकर सरकार और विभिन्न संस्थाओं की दूरगामी योजना है। उच्च शिक्षा को लेकर नीति तैयार होगी। कोई भी योजना और गुणवत्ता बढ़ाने में इससे मदद मिलेगी।
विज्ञापन
इस मंशा से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से पोर्टल पर डाटा अपलोड करने को कहा गया था। सीसीएसयू के मेरठ और सहारनपुर मंडल के कॉलेजों से भी डाटा अपलोड करने को कहा गया था, कई सर्कुलर भेजने के बाद भी कॉलेजों ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। 827 कॉलेजों में से महज 51 कॉलेजों ने डाटा अपलोड किया है।
विज्ञापन
कुलपति की ओर से जारी आदेश में 14 जनवरी तक डाटा अपलोड करने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों ने अपने यहां फैकल्टी रखने के नाम पर खेल कर रखा है। कागजात लगा रखे हैं लेकिन फैकल्टी नहीं है। एक नाम की फैकल्टी के कई-कई कागज लगे हैं। ऑनलाइन डाटा अपलोड करने में वह पकड़े जाएंगे। इस वजह से कॉलेज डाटा अपलोड करने में लापरवाही दिखा रहे हैं। विवि ने नोडल अधिकारी डॉ. एसएस गौरव और सहायक नोडल अधिकारी संदीप अग्रवाल को बनाया है।