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कैट में चमके तेजस्वी और निशांत, 4 को आईआईएम की उम्मीद

Tue, 10 Jan 2017 11:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Tue, 10 Jan 2017 11:45 AM IST
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cat me chamake tejasvee, nishaant, avichal aur shubham
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) में एडमिशन के लिए होने वाले कॉमन एप्टीट्यूट टेस्ट (कैट) में मेरठ के चार होनहारों ने सफलता प्राप्त की है। तेजस्वी गुप्ता ने शहर में सबसे ज्यादा 99.71 परसनटाइल हासिल की है। रोहटा ब्लॉक के मढ़ी गांव निवासी किसान के बेटे निशांत ने पहले ही प्रयास में 98.70 परसनटाइल प्राप्त कर प्रतिभा का लोहा मनवाया। शुभम त्यागी की 98.48 और अविचल त्यागी की 98.45 परसनटाइल है। जानकारों के मुताबिक इनको आईआईएम से कॉल आने की पूरी उम्मीद है।

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बचपन से ही होनहार है तेजस्वी
कमलानगर निवासी दिनेश गुप्ता की पुत्री तेजस्वी कानपुर स्थित एचबीटीआई की इंजीनियरिंग ब्रांच में पढ़ाई कर रही हैं। दीवान पब्लिक स्कूल से 12वीं 87.4 प्रतिशत अंकों के साथ की थी। दसवीं की परीक्षा सोफिया से 95 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की। पिता का शहर में जेपी रिसॉर्ट है। माता छवि गुप्ता गृहिणी हैं। बड़ी बहन डॉ. आंचल गुप्ता रेडियोलॉजिस्ट हैं। परिजनों का कहना है कि तेजस्वी शुरू से ही होनहार रही है।
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इंजीनियरिंग में चूके, मैनेजमेंट में चमके
निशांत के पिता परविंद्र किसान और मां कंपोस गृहणी हैं। बड़ा भाई शशांक बंगलूरू में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। निशांत ने 2016 में यूपीटीटीआई कानपुर से टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में बीटेक की। नौकरी दो महीने करने के बाद छोड़ दी। कैट की तैयारी में दिक्कत हो रही थी। निशांत ने गांव में रहकर पढ़कर की। 10वीं और 12वीं सतवाई में स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल से की। 12वीं में 73 फीसदी नंबर थे। निशांत का कहना है वह बीटेक आईआईटी से करना चाहते थे, लेकिन वह चूक गए। तय कर लिया था कि मास्टर डिग्री अच्छे संस्थान से करनी है। एक सेमिनार में मोटीवेशन मिला और कैट की तैयारी शुरू कर दी। मॉक टेस्ट और रेग्युलर स्टडी को सफलता का मंत्र बताया।
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शुभम का चल गया सिक्का
एमआईईटी में कंप्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक फाइनल ईयर के छात्र शुभम त्यागी का कैट में पहले ही प्रयास में सिक्का चला। पिता अशोक कुमार चंडीगढ़ में इंजीनियर और मां अलका त्यागी गृहिणी हैं। शुभम की 12वीं में 76 परसेंटेज थी। शुभम का कहना है इंजीनियरिंग की क्लास और पढ़ाई के दौरान उन्होंने कैट के लिए वक्त निकाला। रोजाना एक से दो घंटा निकाल लेते थे। कभी-कभी ज्यादा स्टडी भी करते थे। रेग्युलर स्टडी और टेस्ट सीरीज से उन्हें लाभ मिला।

अविचल का तय था टारगेट
शास्त्रीनगर एफ ब्लॉक निवासी अविचल त्यागी ने बीटेक के बाद एमबीए अच्छे संस्थान से करने का पहले ही तय कर लिया था। कंप्यूटर साइंस से बीटेक की। 12वीं में 90.8 प्रतिशत नंबर थे। अविचल के मुताबिक तैयारी में उन्होंने हर सप्ताह मॉक टेस्ट जरूरी दिया। रेग्युलर स्टडी में दो से छह घंटे तक का शेड्यूल रहता था। एमबीए करने के बाद पहले नौकरी बाद में अपना बिजनेस शुरू करने की प्लानिंग है। पिता डॉ. विवेक त्यागी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रिन्योरशिप एंड मैनेजमेंट में एग्जामिनेशन कंट्रोलर हैं। मां डॉ. पारुल त्यागी इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज में अंग्रेजी की शिक्षक हैं।


स्नैप का भी रिजल्ट घोषित
सिंबायोसिस नेशनल एप्टीट्यूट प्रोग्राम (स्नैप) का भी रिजल्ट आ गया है। स्नैप में अविचल, निशांत, सक्षम की अच्छी परसनटाइल आई है। स्नैप से पूणा, हैदराबाद और बंगलूरू सिंबायोसिस में एमबीए में एडमिशन होता है। कैट से देश के 20 आईआईएम में एमबीए में एडमिशन होता है। कैट और स्नैप में अच्छी परसनटाइल लाने वाले छात्रों ने अपनी सफलता में माता-पिता के अलावा एक कोचिंग चलाने वाले डॉ. विक्रांत जावला और रिया जावला को श्रेय दिया।

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