UP: सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ पर केस दर्ज, BJP के मंत्री को जिंदा जलाने का दिया था बयान, पढ़ें क्या बोले दिग्गज
Meerut News : यूपी सरकार के राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर के खिलाफ भड़काऊ बयान देने वाले सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकेश सिद्धार्थ ने सोमेंद्र तोमर को जिंदा जलाने का बयान दिया था।
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मेरठ में ऊर्जा राज्य मंत्री को जिंदा जलाने की धमकी देने वाले सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ का विवादों से पुराना नाता रहा है। एक बार इनका सोशल मीडिया पर फायरिंग करने का वीडियो वायरल हो चुका है। इसके अलावा परतापुर थाने में एआरटीओ से अभद्रता करने का केस दर्ज हो चुका है। अब एक बार फिर सिविल लाइन पुलिस ने भड़काऊ भाषण देने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है।
भड़काऊ भाषण के मामले में सिविल लाइन थाने के दारोगा आशीष कुमार की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकेश सिद्धार्थ के खिलाफ आईपीसी की धारा 143, 153, 153-ए, 115, 353, 505, 2, 506 और 7 क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आरोपी मुकेश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुकेश के खिलाफ पहले भी पुलिस अन्य मामलों में कानूनी कार्रवाई कर चुकी है। 30 जनवरी 2020 को गंगानगर निवासी मुकेश सिद्धार्थ पर लालकुर्ती के एसजीएम गार्डन में बेटे हिमांशु सिद्धार्थ की शादी में हर्ष फायरिंग करने पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था। तब उनका शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया था। तीन अप्रैल 2017 को एनएच-58 पर मुकेश सिद्धार्थ का एआरटीओ से विवाद हो गया था। मुकेश सिद्धार्थ पर गाली-गलौज करने का भी आरोप लगा था। इस मामले में परतापुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
अब ये दिया बयान
नगर निगम संग्राम को लेकर चल रहे विवाद के बीच शनिवार को नया बखेड़ा खड़ा हो गया। पिटाई के शिकार पार्षदों के समर्थन में अनुसूचित जाति के धरना प्रदर्शन में समर्थन के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष एवं सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ के विवादित बोल से घमासान मच गया। मुकेश सिद्धार्थ ने कहा कि अनुसूचित जाति के पार्षदों की पिटाई करने वाले राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर को दस जनवरी तक पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया तो उन्हें जिंदा जला देंगे या फिर उनका घर फूंकने का काम करेंगे। सपा नेता के विवादित बोल सुनकर धरना प्रदर्शन में आए लोग और विपक्षी नेता सन्न रह गए।
इसके बाद राज्यमंत्री के पक्ष में गुर्जर समाज के लोगों ने भी एलान कर दिया कि अगर 24 घंटे में सिद्धार्थ पर मुकदमा और गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह सड़क पर आंदोलन करेंगे, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है। वहीं, इस मामले में सिविल लाइन पुलिस ने मुकेश सिद्धार्थ के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का बयान
समाजवादी पार्टी के नेता का बयान सपा के चरित्र को दर्शाता है। जो अनुसूचित जाति समाज के अपमान की बात कर रहे हैं। उनको यह नहीं पता अनुसूचित जाति समाज भाजपा के साथ है। इसी समाज के स्नेह की वजह से हम विधानसभा चुनाव जीते। इसी समाज की बदौलत ही लोकसभा में ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करेंगे। जो माहौल खराब करेगा उसके खिलाफ पुलिस-प्रशासन कानून के तहत कार्रवाई करेगा। - डॉ. सोमेंद्र तोमर, ऊर्जा राज्य मंत्री
मुकेश सिद्धार्थ व अन्य नेताओं के द्वारा जिस तरह से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अपने भाषण में ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर और विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज को धमकी दी गई है वो घोर निंदनीय है। प्रशासन को ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। जिससे ऐसे असामाजिक तत्वों को बढ़ावा न मिले। - चौधरी यशवीर सिंह, चैयरमेन, उत्तरप्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ
मुकेश सिद्धार्थ के बयान की हम निन्दा करते हैं। उनका यह बयान मंत्री सोमेंद्र तोमर पर हमला नहीं बल्कि सरकार पर हमला है। मुकेश सिद्धार्थ के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। जो नेता इस बयान पर ताली बजा रहे थे, उनकी भी गिरफ्तारी होनी चाहिए। मां-बहनों का अपमान भी विपक्षियों के द्वारा किया गया है। जो बर्दास्त नहीं होगा। - विनीत अग्रवाल शारदा, भाजपा नेता
अहिंसा का रास्ता ही न्याय दिलाता है। कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को भी नहीं है। अपनी भाषा पर संयम होना चाहिए। संविधान और कानून के दायरे में ही चलने वाले किसी भी आन्दोलन में सफलता मिलती है। - अवनीश काजला, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
मुकेश सिद्धार्थ के बयान से उनका कोई लेना देना नहीं है। हो सकता है कि भाजपा के भेजे हुए लोग हों और भाजपा से जुड़े हुए हों। हम बाबा साहेब के सविंधान को मानने वाले हैं। संविधान के हिसाब से ही काम करेंगे। - पार्षद, कीर्ति घोपला
मुकेश के बयान से कोई लेना देना नहीं : विपिन
मुकेश सिद्धार्थ के बयान से सपा का कोई मतलब नहीं है। ये बयान निंदनीय है और मुकेश सिद्धार्थ का व्यक्तिगत बयान है, सपा का नहीं। वह सपा में किसी पद पर भी नहीं हैं। इसके अलावा उनका बेटा आजाद समाज पार्टी से चुनाव लड़ा था। सपा, पार्षद कीर्ति घोपला के साथ है। - विपिन चौधरी, सपा जिलाध्यक्ष
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भाजपा से मिलकर दिया मुकेश सिद्धार्थ ने बयान: अतुल प्रधान
सपा विधायक अतुल प्रधान का कहना है कि मुकेश सिद्धार्थ का बयान आंदोलन को कमजोर करने के लिए भाजपा से मिलकर दिया गया है। इस तरह के बयान की कड़ी निंदा करते हैं। आंदोलन कमजोर हो जाए, इसलिए भाजपा नेताओं ने ये बयान दिलवाया है।
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सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ के विवादित बयान की निंदा करते हैं। पीड़ित पार्षदों के साथ पार्टी के पार्षद लगातार खड़े हैं। - इमरान अंसारी, एआईएमआईएम के महानगर अध्यक्ष