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दोबारा सड़क बनाने के लिए सदर सब्जी मंडी में कैंट बोर्ड ने तोड़ दिया डिवाइडर
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दोबारा सड़क बनाने के लिए सदर सब्जी मंडी में कैंट बोर्ड ने तोड़ दिया डिवाइडर
मेरठ। शहर में विभाग डिवाइडर तोड़ो और बनाओ का खेल कर रहे हैं। पहले से ही परतापुर तिराहे से आगे हाईवे पर पीडब्ल्यूडी 50 लाख की लागत से डिवाइडर का निर्माण करा रहा है। वहीं, अब कैंट बोर्ड ने सदर सब्जी मंडी में डिवाइडर तोड़ दिया। इस मामले में लोगों की शिकायत है कि एक बिल्डर को राहत देने के लिए कैंट बोर्ड ने ऐसा किया है। हालांकि कैंट बोर्ड अधिकारी इसे सिरे से नकार रहे हैं।
कैंट बोर्ड अधिकारियों ने शनिवार को लॉकडाउन के दौरान सदर सब्जी मंडी में डिवाइडर तुड़वा दिया। उनका कहना है कि इस सड़क को दोबारा बनाया जाना है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि सड़क को दोबारा से बनवाया जाना है तो डिवाइडर को क्यों तोड़ा गया। डिवाइडर से दुर्घटना की आशंका कम रहती है। वहीं, यहां से सब्जी मंडी खत्म होने पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में डिवाइडर तोड़ा जाना उचित नहीं है।
यहां भी प्रशासन ने नहीं ली सुध
पांच से छह माह में रैपिड रेल के पिलर निर्माण का कार्य परतापुर तिराहे से आगे पहुंच जाएगा। इसके बाद भी पीडब्ल्यूडी ने डिवाइडर तैयार कर दिया। हालांकि यहां एनसीआरटीसी के साथ मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था करके लाखों रुपये की बचत की जा सकती थी। इससे प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा को भी अवगत कराया गया परंतु डीएम अनिल ढींगरा ने संज्ञान नहीं लिया।
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जगह भी कम घेर रहा था डिवाइडर
जिस डिवाइडर को सदर सब्जी मंडी से हटाया गया। वह सड़क की चौड़ाई के हिसाब से सही था। वह स्थान भी कम घेर रहा था।
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मेरठ। शहर में विभाग डिवाइडर तोड़ो और बनाओ का खेल कर रहे हैं। पहले से ही परतापुर तिराहे से आगे हाईवे पर पीडब्ल्यूडी 50 लाख की लागत से डिवाइडर का निर्माण करा रहा है। वहीं, अब कैंट बोर्ड ने सदर सब्जी मंडी में डिवाइडर तोड़ दिया। इस मामले में लोगों की शिकायत है कि एक बिल्डर को राहत देने के लिए कैंट बोर्ड ने ऐसा किया है। हालांकि कैंट बोर्ड अधिकारी इसे सिरे से नकार रहे हैं।
कैंट बोर्ड अधिकारियों ने शनिवार को लॉकडाउन के दौरान सदर सब्जी मंडी में डिवाइडर तुड़वा दिया। उनका कहना है कि इस सड़क को दोबारा बनाया जाना है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि सड़क को दोबारा से बनवाया जाना है तो डिवाइडर को क्यों तोड़ा गया। डिवाइडर से दुर्घटना की आशंका कम रहती है। वहीं, यहां से सब्जी मंडी खत्म होने पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में डिवाइडर तोड़ा जाना उचित नहीं है।
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यहां भी प्रशासन ने नहीं ली सुध
पांच से छह माह में रैपिड रेल के पिलर निर्माण का कार्य परतापुर तिराहे से आगे पहुंच जाएगा। इसके बाद भी पीडब्ल्यूडी ने डिवाइडर तैयार कर दिया। हालांकि यहां एनसीआरटीसी के साथ मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था करके लाखों रुपये की बचत की जा सकती थी। इससे प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा को भी अवगत कराया गया परंतु डीएम अनिल ढींगरा ने संज्ञान नहीं लिया।
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जगह भी कम घेर रहा था डिवाइडर
जिस डिवाइडर को सदर सब्जी मंडी से हटाया गया। वह सड़क की चौड़ाई के हिसाब से सही था। वह स्थान भी कम घेर रहा था।