{"_id":"57ed6a374f1c1bdc765743b6","slug":"bukhar-jagritivihar","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिकनगुनिया के दर्द से तड़प रहा जागृति विहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिकनगुनिया के दर्द से तड़प रहा जागृति विहार
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 30 Sep 2016 02:38 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिकनगुनिया के दर्द से जागृति विहार और मेडिकल कॉलेज कैंपस क्षेत्र के लोग तड़प रहे हैं। बृहस्पतिवार को कई नये मामले सामने आए। लाख कोशिशों के बाद भी चिकनगुनिया की रोकथाम नहीं हो पा रही है।
काफी लंबे अर्से के बाद वायरल, डेंगू और चिकनगुनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या इतने बड़े पैमाने पर सामने आई है। पिछले सालों में भी डेंगू व चिकनगुनिया के केस सामने आते रहे हैं, लेकिन उसका क्षेत्र बेहद समिति था। लेकिन इस बार स्थिति स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और जिला मलेरिया विभाग के हाथों से निकलती जा रही है। तीन-चार अगस्त को डेंगू के मामलों की पुष्टि होनी शुरू हुई थी। उस वक्त डेंगू का दायरा मेडिकल कालेज कैंप व जागृति विहार क्षेत्र तक सीमित था। अब करीब दो महीने के बाद डेंगू व चिकनगुनिया के सबसे ज्यादा मामले इसी क्षेत्र से सामने आ रहे हैं। ऐसे में जागृति विहार स्वास्थ्य विभाग के लिए सिर दर्द बन गया है। बृहस्पतिवार को चिकनगुनिया व डेंगू के 22 नए मामले की पुष्टि हुई है। अब पीड़ितों की संख्या 658 पहुंच गई है। लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज स्थित माइक्रो बायोलॉजी विभाग की तरफ से जारी रिपोर्ट में डेंगू के तीन नए मरीजों की पुष्टि की गई है। डेंगू के मरीजों की संख्या 140 पहुंच गई है। उधर, चिकनगुनिया के 19 नए मामले आये हैं जिसके बाद चिकनगुनिया से पीड़ित कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 518 पहुंच गई है। इस बीच सबसे खास बात यह हैं कि बृहस्पतिवार को नौ चिकनगुनिया के मामले मेडिकल कालेज कैंपस व जागृति विहार के हैं, जिसमें से दो कैंपस के जबकि सात जागृति विहार के हैं।
बचाव ही सबसे बड़ा उपाय
डेंगू और चिकनगुनिया से अगर बचना है तो उसके लिए मच्छरों से बचने का उपाय करें। ऐसी जगहों पर टहलने व घूमने से परहेज करें जहां पर मच्छर हैं। डेंगू और चिकनगुनिया एडिस एडिप्टी मच्छर के काटने से होता है, जो साफ पानी में पलता है। इसलिए घर के आसपास कहीं पर साफ पानी न भरने दें। कूलर या छत पर कहीं पर पानी भरा है तो उसे निकाल दें या उसके अंदर केरोसिन डाल दें।
विज्ञापन
ये उपाय जरूरी
इस मौसम में भरपेट खाने से बचें।
चिकनाई और तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करें
शीतल पानी व खाद्य पदार्थों को सेवन करने से परहेज करें।
तरल पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करें।
शरीर को भरपूर आराम देने के लिए कंप्लीट नींद लें।
विज्ञापन
काफी लंबे अर्से के बाद वायरल, डेंगू और चिकनगुनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या इतने बड़े पैमाने पर सामने आई है। पिछले सालों में भी डेंगू व चिकनगुनिया के केस सामने आते रहे हैं, लेकिन उसका क्षेत्र बेहद समिति था। लेकिन इस बार स्थिति स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और जिला मलेरिया विभाग के हाथों से निकलती जा रही है। तीन-चार अगस्त को डेंगू के मामलों की पुष्टि होनी शुरू हुई थी। उस वक्त डेंगू का दायरा मेडिकल कालेज कैंप व जागृति विहार क्षेत्र तक सीमित था। अब करीब दो महीने के बाद डेंगू व चिकनगुनिया के सबसे ज्यादा मामले इसी क्षेत्र से सामने आ रहे हैं। ऐसे में जागृति विहार स्वास्थ्य विभाग के लिए सिर दर्द बन गया है। बृहस्पतिवार को चिकनगुनिया व डेंगू के 22 नए मामले की पुष्टि हुई है। अब पीड़ितों की संख्या 658 पहुंच गई है। लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज स्थित माइक्रो बायोलॉजी विभाग की तरफ से जारी रिपोर्ट में डेंगू के तीन नए मरीजों की पुष्टि की गई है। डेंगू के मरीजों की संख्या 140 पहुंच गई है। उधर, चिकनगुनिया के 19 नए मामले आये हैं जिसके बाद चिकनगुनिया से पीड़ित कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 518 पहुंच गई है। इस बीच सबसे खास बात यह हैं कि बृहस्पतिवार को नौ चिकनगुनिया के मामले मेडिकल कालेज कैंपस व जागृति विहार के हैं, जिसमें से दो कैंपस के जबकि सात जागृति विहार के हैं।
विज्ञापन
बचाव ही सबसे बड़ा उपाय
डेंगू और चिकनगुनिया से अगर बचना है तो उसके लिए मच्छरों से बचने का उपाय करें। ऐसी जगहों पर टहलने व घूमने से परहेज करें जहां पर मच्छर हैं। डेंगू और चिकनगुनिया एडिस एडिप्टी मच्छर के काटने से होता है, जो साफ पानी में पलता है। इसलिए घर के आसपास कहीं पर साफ पानी न भरने दें। कूलर या छत पर कहीं पर पानी भरा है तो उसे निकाल दें या उसके अंदर केरोसिन डाल दें।
विज्ञापन
ये उपाय जरूरी
इस मौसम में भरपेट खाने से बचें।
चिकनाई और तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करें
शीतल पानी व खाद्य पदार्थों को सेवन करने से परहेज करें।
तरल पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करें।
शरीर को भरपूर आराम देने के लिए कंप्लीट नींद लें।